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सेक्स, कब कैसे बच्चों से इस बारे में बात करें

सेक्स, कब कैसे बच्चों से इस बारे में बात करें

23 Dec 2021 | 1 min Read

सेक्स ऐसा शब्द जिसके बारे में हम खुलकर बातचीत नहीं कर सकते है। खासतौर से बच्चों के सामने तो बिल्कुल भी नहीं। लेकिन क्या हमें बच्चों से सेक्स के बारे में खुलकर बात कर सकते है। शायद नहीं, लेकिन आखिर क्यों नहीं। आज की इस कहानी के माध्यम से आप जान सकते है कि क्यों इस बारे में बात करना जरूरी है।

सीमा एक संयुक्त परिवार में रहती थी, जहां पर रिश्तेदारों दोस्तों का आना जाना लगा ही रहता था। सीमा के लिए सब कुछ परफेक्ट था, लेकिन उसके लिए कुछ बहुत मुश्किल था। वह था सीमा कि तीन साल की बेटी जो सभी रिश्तेदारों के बीच घुल मिल जाती थी। बच्चों का सामाजिक होना अच्छा है लेकिन जरुरत से ज्यादा नहीं। सीमा को यह बात बहुत परेशान करती कि उसकी बेटी यह नहीं समझती थी हर किसी के साथ बाहर जाने की जिद करना, शॉप पर जाना ठीक नहीं है।

आज भी उस वाकये को याद करते हुए सीमा सिहर जाती है। सीमा के घर में उसकी ननद की बर्थडे पार्टी थी। घर रिश्तेदारों से भरा हुआ था, सीमा की ननद की कॅालेज के भी फ्रेंड आए हुए थे। इसी बीच सीमा की बेटी उन लोगों से घुलने मिलने लगी। जब डिनर की बारी आई तो सीमा उसमें बिजी हो गई। सीमा को यह होश नहीं रहा कि उसकी बेटी कहां है। तभी सीमा के पति नें पूछा अरे सीमा महक कहा है बहुत देर से उसे ढूंढ रहा हो वो कहीं दिख ही नहीं रही। सीमा की तो जान ही निकल गई, सीमा ने छत से लेकर बाहर गेट तक देखा महक कहीं नहीं थी। सीमा ने सबसे पूछा कि कहा है महक, इतने में किसी बच्चे ने कहा कि महक बाहर भैया के साथ है।

सीमा तुरंत बाहर गई लेकिन उसे महक नहीं दिखी। सीमा चिल्लाने लगी महक कहा हो बेटा, महक कहा हो तुम। घर के बाकी सदस्य भी महक को खोजने में लग गए। तभी महक की ननद का ध्यान उसके दोस्तों पर गया, उसमें से उसका एक दोस्त आशू नहीं था। महक की ननद ने फौरन आशू को फोन करके पूछा महक तुम्हारे साथ है। सीमा की ननद ने चिल्लाकर बोला जल्दी आओ क्या कर रहे हो तुम। आशू के साथ महक घर वापस आयी सीमा का अपने ऊपर काबू नहीं रहा। उसने महक को एक थप्पड़ भी मारा बिना बताए तुम कहीं भी चली जाती हो। उसने आशू से कहा कि ये क्या तरीका है तुम एक बच्ची को बिना किसी के पूछे बाहर लेकर चले गए। सीमा ने फौरन अपनी बेटी को गोद में लिया। यह सीमा के लिए एक सबक था, अब वह यह समय था कि उसे अपनी बेटी को बताना चाहिए कि वह क्यों घबराई।

एक माता-पिता होने के नाते हम यह सोचते है कि अपने बच्चों को कैसे समझाए कि उनके शरीर के प्राइवेट पार्ट और अन्य अंगों को किसी को छूने की इजाजत नहीं है। सेक्स का मतलब सिर्फ पति-पत्नी के बीच शारीरिक संबंधों से नहीं बल्कि गुड टच और बैड टच भी है। आज के समय में बच्चों को यह जानकारी अवश्य देनी चाहिए, आप अपने पेरेंट्स के अलावा हर किसी के करीब नहीं जा सकते हो। ऐसा नहीं कि हर इंसान बुरा होता है, लेकिन बच्चों को यह पता होना चाहिए। कि उन्हें ऐसे किसी के साथ अकेले नहीं जाना है। स्कूल, घर, या फिर पार्क बच्चों को किसी अजनबी के साथ बात घुलना मिलना नहीं चाहिए। हमेशा अपने बच्चों से दोस्ताना व्यवहार करे, उनको समझे।

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