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क्या सर्दी के मौसम में शिशु के लिए हीटर या ब्लोअर चलाना सेफ है?

क्या सर्दी के मौसम में शिशु के लिए हीटर या ब्लोअर चलाना सेफ है?

20 Jan 2022 | 1 min Read

Mousumi Dutta

Author | 45 Articles

सर्दी का मौसम आते ही हर माता-पिता की चिंता बढ़ जाती है कि कैसे अपने शिशु को ठंड से बचाए। शिशु को ठंड से बचाकर गर्म रखने के लिए अक्सर सर्दी के मौसम में शिशु के लिए रूम हीटर या ब्लोअर का इस्तेमाल करने लगते हैं। अब सोचने की बात यह है कि क्या सचमुच शिशु के लिए रूम हीटर या ब्लोअर का इस्तेमाल करना सुरक्षित होता है? अगर आपने शिशु को बाहर के ठंडक से बचाने के लिए रूम हीटर या ब्लोअर का इस्तेमाल किया है तो संभल जाइए, क्योंकि इसका इस्तेमाल करना आपके शिशु के सेहत के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।

अगर बात को समझने के लिए सवाल को ऐसे पुछें कि क्या बच्चों के लिए रूम हीटर या ब्लोअर का इस्तेमाल करना सुरक्षित हैं तो जवाब ‘हमेशा नहीं होगा’ ऐसा नहीं भी हो सकता है क्योंकि यह इस बात निर्भर करता है कि आप कितना बच्चे की सुरक्षा के लिए तत्पर रहते हैं।

बात को इस तरह भी समझ सकते हैं कि हीटर या ब्लोअर का इस्तेमाल करना तब तक ही सेफ माना जाता है, जब तक कि वह शिशु की त्वचा को किसी भी प्रकार से नुकसान न पहुँचे। इस सवाल का जवाब समझने के लिए आपको हीटर या ब्लोअर से होने वाले फायदे और नुकसान के बारे में समझना होगा।

शिशु के लिए हीटर या ब्लोअर से होने वाले फायदे

अगर आप ऐसी जगह में रहते हैं जहाँ कड़ाके की सर्दी पड़ती है तो शिशु को सर्दी से बचाने के लिए हीटर या ब्लोअर का इस्तेमाल करना जरूरी हो जाता है। बस इसके साथ इस बात का ध्यान रखना होगा बच्चे को हीटर या ब्लोअर से दूर रखना होगा ताकि कोई दुर्घटना न हो।

शिशु के लिए हीटर या ब्लोअर से होने वाले नुकसान

 

शिशु की त्वचा ड्राई हो जाने का खतरा: हीटर या ब्लोअर चलाने के पहले यह समझने की जरूरत है कि इससे कमरे की हवा से नमी खत्म हो जाती है। कमरे की हवा शुष्क हो जाने के कारण शिशुओं के नाक के भीतर की त्वचा सूख जाती है और फिर ब्लीडिंग होने का खतरा बन जाता है। इसके अलावा शिशु की त्वचा रूखी, शुष्क और पपड़ीदार बन जाती है, क्योंकि शिशुयों की त्वचा बड़ों की तुलना में नाजुक और मुलायम होती हैं। इस खतरे को कम करने के आप निम्नलिखित ट्रिक्स को आजमा सकते हैं-

  • शिशु की त्वचा से नमी न खो जाए इसके लिए त्वचा को हमेशा मॉइश्चराइज रखना होगा।
  • मॉइश्चराइजर लगाने के जगह पर आप बच्चों के बॉडी ऑयल का भी इस्तेमाल कर सकती है।
  • कमरे से नमी खो न जाए इससे बचने के लिए आपको हीटर या ब्लोअर चलाने के दौरान पानी का कटोरा रखना होगा।
  • हीटर या ब्लोअर का मुँह शिशु की तरफ सीधा नहीं होना चाहिए।

शिशु की त्वचा जलने का हो सकता है खतरा: कुछ हीटर या ब्लोअर ऐसे होते हैं, जिनको ऑन करने मात्र से उसकी बॉडी गर्म हो जाती है। अगर गलती से शिशु ने हीटर या ब्लोअर को छू भी दिया तो बुरी तरह से जलने का खतरा हो सकता है। इस खतरे से बचने के लिए आपको इन बातों का ध्यान रखना होगा-

  • हीटर या ब्लोअर खरीदने से पहले आपको इस बात का इत्मीनान कर लेना होगा कि उसके ऑन होते ही सतह गर्म न हो।
  • कन्वेक्शन हीटर इस खतरे से बचने के लिए सुरक्षित विकल्प बन सकता है।
  • इसके अलावा आपको हीटर या ब्लोअर शिशु से दूर रखना चाहिए ताकि उसका हाथ वहाँ तक न पहुँचे।

 

शिशु को असुविधा महसूस होने के कारण लगातार रोने की हो सकती है समस्या: सर्दी का मौसम होने के शिशु को स्वेटर भी ज्यादा पहना कर और साथ में कमरे में हीटर भी जलाकर रखेंगे तो जाहिर है कि शिशु को बेचैनी महसूस हो सकती है। इसके अलावा उसको साँस लेने में भी परेशानी हो सकती है। इसलिए कमरे में हीटर या ब्लोअर जलाने से इस बात का ध्यान का रखें कि-

  • बच्चे को ज्यादा ऊनी कपड़ा पहनाकर न रखें।
  • कमरा गर्म हो जाने के बाद हीटर को बंद कर देना चाहिए।

सडन इन्फेंट डेथ सिंड्रोम होने का खतरा: अगर बच्चे के कमरे का तापमान बहुत ज्यादा होगा तो सीड्स या सडन इन्फेंट डेथ सिंड्रोम होने का खतरा होता है। अचानक शिशु की मृत्यु हो सकती है। असल में शिशु जल्दी गर्म हो जाते हैं, इसलिए एसआईडी का खतरा उनको ज्यादा होता है। इससे बचने के लिए आपको इन बातों का ध्यान रखना होगा-

  • हीटर या ब्लोअर को दिन-रात जलाकर न रखें। कमरा गर्म हो जाने के बाद हीटर या ब्लोअर को बंद कर देना चाहिए।
  • हीटर या ब्लोअर का सेटिंग्स संतुलित रखें। न ज्यादा तेज और न ही कम।

असंतुलित तापमान: हीटरों के थर्मोस्टैट को बदलने या जल्दी गर्म होने और ठंडा करने के कारण तापमान में होने वाला उतार-चढ़ाव शिशुओं को प्रभावित करता है। इससे बचने के लिए आप-

जब बच्चे के कमरे में हीटर या ब्लोअर चालू हो तो एक खिड़की या दरवाजा खुला रखें।

सर्दी के मौसम में शिशु के लिए ऑटोमेटिक हीटर या ब्लोअर का इस्तेमाल करें, ताकि कमरा गर्म हो जाने के बाद वह खुद ही बंद हो जाए। इससे शिशु के लिए किसी प्रकार का खतरा नहीं रहता है। कमरे में हीटर या ब्लोअर जलाने के बाद शिशु को कभी अकेला रखने की गलती न करें। इन सब बातों का ख्याल रखने पर हीटर या ब्लोअर चलाना शिशु के लिए सेफ होगा।

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