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बच्चों का दिमाग तेज करने के लिए क्या करना चाहिए?

बच्चों का दिमाग तेज करने के लिए क्या करना चाहिए?

20 Jan 2022 | 1 min Read

Mousumi Dutta

Author | 45 Articles

बच्चों की बात जैसे ही आती है हर मम्मी-पापा की एक ही शिकायत होती है, वह है उनकी शैतानियां। आजकल के बच्चों की बात ही अलग है, उनका दिमाग हमेशा कुछ न कुछ नया शैतानी ईजाद करने में व्यस्त रहता है। पर जब बात पढ़ाई की आती है तो बात एकदम उलट जाती है, याददाश्त अपने न्यूनतम स्तर पर पहुँच जाता है। सच तो यह है कि शैतानी करना तो हर बच्चे का स्वभाव होता है, लेकिन बात तब चिंता का विषय बन जाता है जब वही बच्चा पढ़ाई के मामले में आता है तो बिल्कुल जीरो हो जाता है।

वैसे तो हर बच्चों का दिमाग एक ही स्तर का नहीं होता है, कोई तेज होता है तो कोई मध्यम या तो कोई जन्म से कम बुद्धि का होता है। इस मामले में आखिर बच्चे क्या करेंगे, यह तो जन्म से उन्हें मिलता है। लेकिन माता-पिता बच्चों के दिमाग को तेज करने में उनकी मदद कर सकते हैं।

अब आप सोच रहे होंगे कि जो दिमाग उन्हें जन्म से मिला है उसको कैसे हम तराश कर तेज बना देंगे। विश्वास कीजिए, सही आहार और सही योगासन या व्यायाम बच्चे के ब्रेन पावर को बूस्ट करने में अहम् भूमिका निभाते हैं। घड़ा जब कच्चा हो तभी उनको तराशकर सही आकार दिया जा सकता है। हेल्दी डायट और एक्सरसाइज से बुद्धि को थोड़ा तो तेज किया ही जा सकता है। तो फिर देर किस बात की, बच्चे के याददाश्त को दोष न देकर उनके डायट में इन चीजों को शामिल करने की कोशिश करें-

  • अंडा: बच्चो के दिमाग को तेज करने के लिए जो नाम सबसे पहले दिमाग में आता है, वह है ‘अंडा’। अंडा एक ऐसा पोषक तत्व है, जिसमें कैलोरी भी कम होती है और यह मस्तिष्क को स्वस्थ करने के लिए भी बहुत अच्छा होता है। इसमें कोलिन होता है,जो मस्तिष्क के प्रमुख न्यूरोट्रांसमीटर में से एक एसिटाइलकोलाइन का प्रमुख तत्व होता है। यह मस्तिष्क को विकसित करने में मदद करता है।
  • मछली: बच्चे के डायट में मछली को भी बीच-बीच में शामिल करना चाहिए। मछली में फैट और ओमेगा-3 फैटी एसिड होता है, जो बच्चों के दिमाग को तेज करने के लिए बहुत अच्छा होता है। ओमेगा-3 फैटी एसिड ब्रेन के फंक्शन को बेहतर करने में और फैट याददाश्त को तेज करने में सहायता करता है।
  • ड्राई फ्रूट- अखरोट: अगर ड्राई फ्रूट के बारे में बात करें तो जो नाम सामने आता है, वह है अखरोट। इसका बनावट भी कुछ हद तक मस्तिष्क जैसा होता है। इसमें ओमेगा-3 फैटी एसिड होता है जो याददाश्त को बेहतर करने में मदद करता है। यह मस्तिष्क में मौजूद अतिरिक्त प्रोटीन की मात्रा को हटाकर दिमाग को स्वस्थ और याद रखने की क्षमता को बढ़ाने में बहुत सहायता करता है। आप अखरोट को स्नैक्स के रूप में दे सकते हैं या दूसरे चीजों में पतला-पतला काटकर भी मिला सकते हैं।
  • ओट्स: अब दिमाग को तेज करने के लिए जो नाम आ रहा है वह है ओट्स। असल में ओट्स आजकल लोग नाश्ता में खाना बहुत पसंद करते है। आप अपने साथ बच्चे को खिला सकते हैं। ओटमील शरीर को एनर्जी तो देता ही है, साथ में पेट और मन दोनों को हेल्दी करने में मदद करता है। इसमें विटामिन बी, विटामिन ई, पोटैशियम और जिंक जैसे पौष्टिक चीजें होती हैं, जो दिमाग और पाचन-तंत्र दोनों के लिए अच्छे होते हैं।
  • हल्दी: अब जिस मसाले के बारे में बात करेंगे, वह तो हर किचन में पाया जाता है। यहाँ तक कि कोई भी सब्जी इसके बिना बन ही नहीं सकता, वह है हल्दी। हल्दी में जो एंटी-ऑक्सिडेंट और एंटी-इंफ्लामेटोरी गुण होता है, वह बच्चे की ब्रेन पावर को बूस्ट करने के साथ बीटा एमिलोइड प्लाक को हटाकर नुकसान होने से बचाता है।
  • अनाज:अब बात आती है अनाज का सेवन करने के बारे में। बहुत सारे बच्चे अनाज खाना में बहुत नखरे करते हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि अनाज में फाइबर होता है जो ग्लूकोज रिलीज होने के गति को कम करता है। जिससे बच्चा दिन भर एनर्जी से भरपूर रहता है, फलस्वरूप हर काम को एकाग्रता से कर पाता है।
  • हरे रंग की सब्जियाँ: बच्चों के दिमाग को तेज करने के लिए आहार में अंडा, ड्राई फ्रूट, ओट्स, आदि के बारे में तो बात कर चुके है, अब बारी आती है हरे रंग की सब्जियों की। हरे सब्जियों में पालक, ब्रोकली, एवाकाडो आदि आते हैं। पालक में एंटीऑक्सिडेंट भरपूर मात्रा में होता है, जो शरीर में विषाक्त पदार्थ यानि फ्री रैडिकल्स से मस्तिष्क को जो नुकसान पहुँचता है, उससे बचाने में मदद करता है। फ्री रैडिकल्स मस्तिष्क के कोशिकाओं को नष्ट करके याददाश्त को कमजोर करता है।

पालक का सेवन करने से इसका खतरा कम होता है। ब्रोकली में डीएचए होता है, जो न्यूरोन को जोड़कर बच्चे के ब्रेन पावर को बूस्ट करने में भरपूर मदद करता है। एवोकाडो में विटामिन के, पोटाशियम और फोलेट होता है, जो मस्तिष्क में ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ाने में सहायता करता है। हरे रंग के सब्जियों के सेवन को बच्चों के डायट में शामिल करना बहुत जरूरी होता है।

  • पीले रंग की सब्जी- कद्दू के बीज: कद्दू के बीज में एंटीऑक्सिडेंट गुण होने के साथ-साथ जिंक, मैग्निशियम, कॉपर और आयरन होता है, जो मस्तिष्क को हेल्दी रखने में मदद करता है। शायद आपको पता नहीं कि जिंक की कमी से अल्जाइमर और डिप्रेशन जैसे बीमारियों के होने की संभावना बढ़ जाती है, इसलिए इसको नर्व सिग्नलिंग तत्व माना जाता है। इन सबकी की कमी से न्यूरोलॉजिकल संबंधी बीमारियाँ होने की संभावना बढ़ जाती है।
  • डेयरी प्रोडक्ट्स: बच्चों के दिमाग को तेज करने के लिए कार्बोहाइड्रेड, प्रोटीन, विटामिन डी सबकी जरूरत होती है। दूध-दही आदि एनर्जी प्रदान करने के लिए बहुत जरूरी होता है।
  • डार्क चॉकलेट: वैसे तो यह खबर बच्चों के लिए खुशी की है। डार्क चॉकलेट में फ्लेवोनॉयड्स, कैफीन और एंटीऑक्सिडेंट्स होते हैं, जो बच्चे के ब्रेन पावर को बूस्ट करने के कंपाउंड होते हैं।
  • ग्रीन टी: अक्सर बच्चों को चाय पीना बहुत अच्छा लगता है, तो फिर चाय और कॉफी के जगह पर ग्रीन टी पिलाने की आदत डालें। ग्रीन टी में एल-थिएनाइन होता है, जो ब्रेन को बूस्ट करने के काम आता है।
  • संतरा: संतरा विटामिन-सी का स्रोत होता है, और विटामिन-सी ब्रेन को हेल्दी रखने में मदद करता है। इसके अलावा इसमें एंटीऑक्सिडेंट होता है, जो ब्रेन को फ्री-रैडिकल्स के प्रभाव से बचाने में भी सहायता करता है।

अब तक हमने उन फूड्स के बारे में बात की जो बच्चे के ब्रेन को बूस्ट करने या बच्चों के दिमाग को तेज करने में सहायता करते हैं। इन सबको बच्चों की डायट में शामिल करने से ब्रेन हेल्दी होता है, और बच्चों का दिमाग तेज होता है। लेकिन क्या आपको पता है कि बच्चों का दिमाग तेज करने के लिए योगासन और एक्सरसाइज की भी अहम भूमिका रहती है। इसके अलावा मेडिटेशन एक ऐसा व्यायाम है, जिसका नियमित अभ्यास करने से मन को एकाग्र करने की क्षमता बढ़ती है।

ध्यान या मेडिटेशन का अभ्यास यदि माता-पिता बच्चे को शिशु अवस्था से करवाएं तो उसका कंसन्ट्रेशन लेवल दूसरे बच्चों की तुलना में जरूर बढ़ता है, यह विशेषज्ञों की मानी हुई बात है। इसके अलावा अब जानते हैं कि कौन-से योगासन बच्चों के दिमाग को तेज करने और याददाश्त को बढ़ाने में अभूतपूर्व भूमिका अदा करते हैं।

 

धनुरासन: इस आसन को करने से मस्तिष्क का तंत्रिका-तंत्र उत्तेजित होता है और मन को एकाग्र करने की क्षमता भी बढ़ती है।

वृक्षासन: यह ऐसा आसन है जिसको बच्चे खेल-खेल में खुद ही बहुत बार कर लेते हैं। इसको करने से न सिर्फ मन को कंसन्ट्रेट करने की शक्ति बढ़ती है बल्कि साथ में मन और शरीर दोनों को शांती मिलती है। मन और शरीर शांत होने पर ही दिमाग तेज होता है।

पश्चिमोत्तासन: इस योगासन को करने से बच्चों के मस्तिष्क में रक्त का प्रवाह बेहतर तरीके से हो पाता है, फलस्वरूप ब्रेन का फंक्शन भी बेहतर हो पाता है।

सेतुबंधासन: इस आसन को भी करने से ब्रेन में ब्लड फ्लो अच्छी तरह से और तेजी से होने लगता है, इससे बच्चे के ब्रेन पावर बेहतर होता है, चीजों को याद रखने में आसानी होती है। अगर सारी चीजें अच्छी तरह से याद होंगी तो जाहिर है बच्चा पढ़ने में भी तेज होगा।

भुजंगासन: दूसरे योगासनों की तरह भुजंगासन भी बच्चों के लिए करना बहुत आसान होता है। इस आसन को करने से मेमोरी बूस्ट होने के साथ-साथ कंसन्ट्रेशन लेवल भी बढ़ता है।

एक्सरसाइज: शोधों में पाया गया है कि योगासनों के अलावा हाई इंटेनसिटी एक्सरसाइज करने से बच्चों की न सिर्फ मेमोरी पावर बूस्ट होती है, बल्कि ध्यान केंद्रित करने की शक्ति भी बढ़ती है।

अब तक के चर्चा से आप समझ गए होंगे बच्चों का दिमाग तेज करने के लिए खान-पान हेल्दी करवाने के साथ-साथ उनके जीवन में व्यायाम को भी अनिवार्य रूप से शामिल करना होगा। इसके अलावा आप बच्चों के साथ पजल्स, ब्रेन स्टॉर्मिंग गेम्स आदि खेलें, इससे सोचने की क्षमता बढ़ती है।

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