• Home  /  
  • Learn  /  
  • क्या आप जानते हैं मेंस्ट्रुअल कप, पैड और टैम्पून के बीच क्या अंतर होता है?
क्या आप जानते हैं मेंस्ट्रुअल कप, पैड और टैम्पून के बीच क्या अंतर होता है?

क्या आप जानते हैं मेंस्ट्रुअल कप, पैड और टैम्पून के बीच क्या अंतर होता है?

16 Feb 2022 | 1 min Read

Mousumi Dutta

Author | 45 Articles

आजकल पीरियड के दौरान कंफर्टेबल रहने के लिए बाजार में मेंस्ट्रुअल कप, पैड और टैम्पून, पेंटीलाइनर जैसे बहुत सारे सारे ऑप्शन मिलने लगे हैं। सैनिटरी पैड के बारे में लगभग सभी को पता है कि इसका इस्तेमाल कैसा होता है या इस्तेमाल करने पर किन समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। लेकिन टैम्पून, मेंस्ट्रुअल कप, पेंटीलाइनर आदि विकल्पों के बारे में जानकारी कम होने के कारण महिलाएं या तो इनका इस्तेमाल नहीं करती या इस्तेमाल करने पर मुसीबत में पड़ जाती हैं।

चलिए आपकी इन सैनटरी विकल्पों के बारे विस्तार से जानते हैं कि, ताकि महिलाएं इनका सही तरह से इस्तेमाल कर सकें।

सैनिटरी पैड क्या होता है:

अभी भी ज्यादातर महिलाएं सैनिटरी पैड्स का इस्तेमाल करती हैं। इसको सैनिटरी नैपकिन या मेंस्ट्रुअल पैड भी कहते हैं। सैनिटरी पैड आम तौर पर कॉटन या अन्य फेब्रिक के बने होते हैं, इसलिए उसमें ब्लड को सोखने की क्षमता अधिक होती है। इसको पैंटी में चिपकाकर इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन हेवी फ्लो के दौरान लिक होकर पैंटी में लगने का खतरा रहता है, इसलिए कुछ महिलाओं को इसका इस्तेमाल करना पसंद नहीं आता है।

सैनिटरी पैड इस्तेमाल करने के फायदे:

  • सैनिटरी पैड्स आराम से पैंटी में चिपक जाते हैं, जिसके कारण हिलते नहीं हैं।
  • पीरियड्स में हेवी ब्लीडिंग के दौरान टैम्पून और मेंस्ट्रुअल कप की तुलना में यह ज्यादा देर तक चलता है।
  • सैनिटरी पैड्स रात को पहनकर सो सकते हैं।
  • सैनिटरी पैड अन्य विकल्पों की तुलना में इंफेक्शन फ्री होता है। इसको वजायना में अंदर डालने की जरूरत नहीं होती है, जिससे यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन होने का खतरा कम होता है।

सैनिटरी पैड इस्तेमाल करने के नुकसान:

  • सैनिटरी पैड से लिकेज का डर रहता है।
  • सैनिटरी पैड पहन कर आप स्वीमिंग नहीं कर सकते हैं।
  • सैनिटरी पैड डिस्पोज करने पर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाता है। इस मुद्दे पर यूएन की एनवायरनमेंट गुडविल एम्बेसडर अभिनेत्री दिया मिर्जा ने भी ट्ववीट करके कहा था कि वह पीरियड्स के दौरान सैनिटरी नैपकिन्स का इस्तेमाल नहीं करती हैं, क्योंकि इससे पर्यावरण को बहुत नुकसान पहुँचता है। वह बायोडिग्रेडेबल नैपकिन्स का इस्तेमाल करती हैं, जो कि सौ प्रतिशत नेचुरल होते है।
  • सैनिटरी पैड चलने-फिरने के दौरान सिकुड़ जाता है जिससे लिक होकर नीचे अंडरगारमेंट में स्पॉट लग जाता है।
  • सैनिटरी पैड्स का लंबे समय तक इस्तेमाल से स्किन रैशेज की भी समस्या हो जाती है जो कि टैम्पून और मेंस्ट्रुअल कप में नहीं होता है।
  • सैनिटरी पैड्स को रियूज नहीं कर सकते हैं।

टैम्पून क्या होता है:

बहुत कम महिलाओं को टैम्पून के बारे में पता है। एक टैम्पून को चार से पाँच घंटे के लिए इस्तेमाल कर सकते है। टैम्पून के नीचे एक धागा होता है। उसको वजाइना के अंदर डाला जाता है और उसके भीतर से एक धागा बाहर की ओर लटकता है। चार-पाँच घंटे के बाद जब टैम्पून ब्लड को सोख लेता है तब उसको डिस्पोज कर दिया जाता है। मार्केट में टैम्पून अलग-अलग आकार और क्वालिटी में पाया जाता है। लेकिन उसमें खुशबू वाला टैम्पून यूरीनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन का कारण होता है।

टैम्पून इस्तेमाल करने के फायदे:

  • टैम्पून की विशेष बात यह है कि वह आकार में इतना छोटा होता है कि मुट्ठी में बंद हो जाता है।
  • टैम्पून पहनकर आप स्वीमिंग कर सकते हैं।

टैम्पून इस्तेमाल करने के नुकसान :

  • जैसा कि आप जानते हैं कि टैम्पून को वजायना के अंदर डाला जाता है, अगर यह अच्छी तरह से घुसाया नहीं गया तो लिकेज होने का डर रहता है।
  • टैम्पून को एक बार इंसर्ट करने पर 4-5 घंटे के अंदर निकाल देना चाहिए। लंबे समय तक वजायना के अंदर टैम्पून रहने से बैक्टीरियल इंफेक्शन यानि टॉक्सिक शॉक सिंड्रोम (TSS) होने का खतरा बन जाता है।

मेंस्ट्रुअल कप क्या होता है :

सैनिटरी पैड और टैम्पून की तुलना में मेंस्ट्रुअल कप के बारे में बहुत कम लोगों को पता है। यह कप घंटी के आकार का होता है। वैसे यह कप लैटेक्स का बना होने के कारण मुलायम होता है। इस कप की विशेष बात यह होती है कि इसका इस्तेमाल कई बार किया जा सकता है और लिक होने का डर कम रहता है।

मेंस्ट्रुअल कप इस्तेमाल करने के फायदे:

  • मेंस्ट्रुअल कप ज्यादा महंगा नहीं होता है।
  • एक मेंस्ट्रुअल कप का इस्तेमाल कई बार किया जा सकता है।
  • मेंस्ट्रुअल कप से कोई बदबू नहीं निकलता है और वजायना का पीएच बैलेंस ठीक रहता है।
  • इसको पहनकर आप तैर क्या सेक्स भी कर सकते हैं।

मेंस्ट्रुअल कप के नुकसान:

  • कुछ कप लैटेक्स से बने होते हैं इसलिए एलर्जी होने का खतरा बन सकता है।
  • अगर ब्लीडिंग ज्यादा है तो कप के भर जाने पर लिकेज होने का डर रहता है।
  • इस कप को वजायना में डालना मुश्किल हो सकता है।
  • अगर किसी ने आईयूडी गर्मनिरोधक का इस्तेमाल किया है तो कप लगाने पर धागा खिंचने से वह जगह से हट सकता है।

अब सवाल यह आता है कि मेंस्ट्रुअल कप, पैड और टैम्पून में से किसका इस्तेमाल करना अच्छा होता है। तो जवाब यह है कि महिलाओं के जरूरत के हिसाब से इसका फैसला इन 4 बातों पर निर्भर करता है कि किसका इस्तेमाल किया जाय-

  • किस परिस्थिति में है
  • कहाँ जा रहे हैं
  • मेंस्ट्रुअल फ्लो कितना है
  • दिन या रात का कवरेज कितना होगा

आशा करते हैं कि आपको आपके सारे अनसुलझे सवालों का जवाब मिल गया होगा।

#menstruation #tampons #menstrualcup #pad

Home - daily HomeArtboard Community Articles Stories Shop Shop