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बेबी प्रोडक्ट्स में कौन-से टॉक्सिन्स उसके लिए अनसेफ हैं?

बेबी प्रोडक्ट्स में कौन-से टॉक्सिन्स उसके लिए अनसेफ हैं?

17 Feb 2022 | 1 min Read

Ankita Mishra

Author | 279 Articles

मार्केट में नवजात शिशुओं से लेकर बड़े बच्चों के लिए कई तरह के बेबी प्रोडक्ट्स मौजूद हैं। इनमें बच्चों के खिलौने, बेबी कॉस्मेटिक व बेबी सुपर फूड जैसे कई उत्पादों का नाम शामिल हैं। अक्सर इन बेबी उत्पादों का जिक्र लुभावने विज्ञापन के जरिए भी लोगों तक पहुंचता रहता है। यहां यह पेरेंट्स के लिए एक चिंता हो सकती है कि कई तरह के बच्चों के उत्पाद में विभिन्न केमिकल्स व अन्य टॉक्सिन होते हैं, जो शिशु की सेहत के लिए हानिकारक हो सकते हैं। इन्हीं के बारे में हम इस लेख में बता रहे हैं। 

टॉक्सिन्स बेबी प्रोडक्ट्स बच्चों के लिए क्यों अनसेफ हैं?

बच्चों के लिए बनाए जाने वाले उत्पाद को आकर्षक बनाया जाता है। इसके लिए उनके रंग-रूप पर अधिक ध्यान दिया जाता है, जिससे बच्चा आसानी से उस बेबी प्रोडक्ट्स की तरफ आकर्षित हो जाए। खासकर बच्चों के खिलौने से जुड़ी बात करें, तो रिसर्च के अनुसार, इस तरह के उत्पादों को रंगने में कई तरह के टॉक्सिन्स केमिकल्स का इस्तेमाल होता है।

वहीं, बच्चा खेलते समय अक्सर खिलौने को चबाने व काटने का प्रयास करता है। ऐसे में इनमें मौजूद केमिकल्स बच्चे के शरीर में प्रवेश कर उसे बीमार कर सकते है। लेख में आगे हम ऐसे ही हानिकारक केमिकल्स के बारे में विस्तार से बताने वाले हैं। 

शिशु के स्वास्थ्य पर हानिकारक बेबी प्रोडक्ट्स का प्रभाव

रिसर्च गेट की इस स्टडी के अनुसार, वयस्कों की तुलना में बच्चों का चयापचय दर धीमा होता है। जब भी बच्चे के शरीर में कोई खाद्य, हानिकारक केमिकल या अन्य कण प्रवेश करता है, तो वह लंबे समय तक शिशु के शरीर में रह सकता है। यह शिशु के आंतरिक अंगों के साथ ही, उनकी कार्य प्रणाली, हड्डी और मस्तिष्क जैसे अंगों और उनके ऊतकों के विकास में बाधा बन सकता है।

दूसरी तरफ, जन्म के बाद नवजात शिशुओं के आंतरिक अंगों जैसे – किडनी, लिवर और ब्रेन के विकास का चरण धीरे-धीरे व लंबे समय तक चलता रहता है। ऐसे में विभिन्न हानिकारक केमिकल्स न सिर्फ इन अंगों के विकास को प्रभावित कर सकते है, बल्कि उन्हें खराब भी कर सकते हैं। इस वजह से नवजात शिशुओं या छोटे बच्चों के लिए टॉक्सिन्स केमिकल्स युक्त किसी भी प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करना खतरनाक हो सकता है। 

बच्चों के लिए अनसेफ टॉक्सिन्स की सूची

यहां हम बच्चों के लिए अनसेफ टॉक्सिन्स की सूची दे रहे हैं। ये अनसेफ टॉक्सिन्स बच्चे के लिए तैयार किए गए विभिन्न उत्पादों में मौजूद हो सकते हैं।

1. डाइऑक्साने (Dioxane) – यह एक तरह का टॉक्सिन्स है, जिसमें सोडियम लॉरथ सल्फेट जैसे तत्व होते हैं, जो कैंसर का जोखिम बढ़ाते है। इनका इस्तेमाल झाग बनाने के लिए किया जाता है, जिस वजह से यह खासतौर पर बच्चों के शैंपू, साबुन व अन्य नहाने के उत्पाद में शामिल हो सकता है।

2. अमोनियम क्वाटरनरी (Ammonium Quaternary) – इस तरह के कंपाउंड का इस्तेमाल कीटाणुनाशक व सफाई के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले स्प्रे में किया जाता है, जो अस्थमा व सांस से जुड़ी बीमारियों का जोखिम बड़ा सकता है।

3. बेंजाइल एसीटेट (Benzyl Acetate) – इस कैंसर जनिक उत्पाद का इस्तेमाल कपड़ों के मुलायम बनाने व ड्रायर शीट में किया जा सकता है। इसलिए, बच्चों के लिए खरीदे जाने वाले कपड़े व ड्रायर शीट में इसकी मिली हुई मात्रा की जांच जरूर करें।

4. बिस्फेनॉल ए (Bisphenol A) – इस उत्पाद का इस्तेमाल बच्चों क लिए दूध व पानी की बोतल, खिलौने व पैक्ड फूड के कंटेर बनाने के लिए किया जाता है। यह कैंसर जनक तो होता ही है साथ ही, प्रारंभिक विकास में भी बाधा बन सकता है।

5. एजो डाई (Azo Dyes) – इस कंपाउंड का इस्तेमाल मुख्यतौर पर कपड़े और चमड़े की वस्तुओं को बनाने में किया जाता है। यह न सिर्फ बच्चे के शरीर में प्रवेश करके उसे बीमार बना सकता है, बल्कि यह स्किन से जुड़ी एलर्जी का भी कारण बन सकता है।

6. ब्रॉमिनेटेड फ्लेम रिटार्डेंट्स (Brominated Flame Retardants) – आमतौर पर प्लास्टिक, टेक्सटाइल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को बनाने में इसका उपयोग किया जाता है। यह बच्चों में लिवर टॉक्सिसिटी का जोखिम बढ़ा सकता है।

7. थैलेट्स (Phthalates) – रबड़ या प्लास्टिक के खिलौनों को लचीला बनाने के लिए इस कंपाउंड का इस्तेमाल किया जाता है, जो कैंसर के साथ लड़कों में जननांग विकृतियों का जोखिम बढ़ा सकता है।

8. लेड (Lead) – इसका इस्तेमाल मेटल से बनी वस्तुओं में अधिक किया जाता है, जो कई तरह से बच्चे के आंतरिक अंगों के खराब कर उनका विकास रोक सकता है। 

बच्चे को टॉक्सिन्स बेबी प्रोडक्ट्स से कैसे सुरक्षित रखें?

कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखकर पेरेंट्स अपने बच्चे को टॉक्सिन्स बेबी प्रोडक्ट्स के हानिकारक प्रभाव से बचा सकते हैं। साथ ही वे मनपसंद बेबी प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल भी कर सकते हैं, जैसे:

 

  • माता-पिता जब भी अपने बच्चे के लिए कोई उत्पाद खरीदें, तो बच्चे की उम्र और उसकी आवश्यकता का ध्यान रखें। उदाहरण के लिए अगर बच्चा बहुत छोटा है या उसके दांत निकल रहे हैं, तो ऐसी अवस्था में बच्चे को मेटल, लेदर या प्लास्टिक से बने खिलौने व अन्य उत्पादों की पहुंच से दूर रखें।
  • बच्चे के नहाने व अन्य स्किन और हेयर केयर प्रोडक्ट्स में मिली सामग्रियों व उनकी मात्रा की जांच करें। हमेशा किसी भरोसेमंद ब्रांड का उत्पाद ही अपने बच्चे के लिए खरीदें।
  • वहीं, बच्चों के सुरक्षित आहार की बात करें, तो सीडीसी के अनुसार, शिशुओं को 6 माह तक सिर्फ मां का दूध पिलाएं। बढ़ती उम्र के अनुसार उनके आहार में ताजे फलों, सब्जियों, बीन्स व अन्य खाद्य को शामिल करें। बच्चे के आहार में पैक्ड फूड शामिल करने से बचें।

पेरेंट्स इस बात का सबसे अधिक ध्यान रखें कि कोई भी बेबी प्रोडक्ट्स खरीदने से पहले उसकी गुणवत्ता की जांच करें। किसी भी लुभावने विज्ञापन में आकर बच्चों के लिए उत्पाद का चयन न करें। साथ ही, अगर बच्चे को नहालने या उसकी स्किन केयर के लिए किसी भी कॉस्मेटिक का इस्तेमाल करते हैं, तो उसकी मात्रा कम से कम ही इस्तेमाल करें। उस उत्पाद पर दिए गए निर्देश के अनुसार ही उसका इस्तेमाल करें।

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