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शिशुओं को दाल का पानी कब से दें, फायदे और नुकसान

शिशुओं को दाल का पानी कब से दें, फायदे और नुकसान

18 Feb 2022 | 1 min Read

Vinita Pangeni

Author | 260 Articles

छोटे बच्चों को पर्याप्त मात्रा में पोषण देना जरूरी होता है। इससे उनका शारीरिक और मानसिक विकास सही से होता है। पोषण की पूर्ति करने का सबसे अच्छा माध्यम आहार होता है, लेकिन छोटे बच्चों को ठोस खाद्य पदार्थ देने से बचना भी चाहिए। ऐसे में उन्हें पोषक तत्वों से भरपूर दाल का पानी देने की सलाह दी जाती है। लेकिन दाल का पानी शिशुओं के लिए कितना सुरक्षित है और कितना नहीं, इस सवाल का जवाब कई नए पेरेंट्स ढूंढते हैं। इसमें आपकी मदद यह आर्टिकल करेगा। यहां शिशुओं के लिए दाल के पानी के फायदे के साथ ही दाल के पानी के नुकसान का भी जिक्र किया है।

शिशु को दाल का पानी देना कितना सही है?

छोटे बच्चों के लिए दाल का पानी को सुरक्षित माना जाता है। सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) की वेबसाइट पर प्रकशित जानकारी के मुताबिक, शिशुओं को ठोस आहार देने वाले शुरुआती दिनों में दाल के पानी को शामिल कर सकते हैं। यह शिशुओं में आयरन के साथ ही फाइबर, कैल्शियम, कार्बोहाइड्रेट जैसे कई अन्य पोषक तत्वों की पूर्ति करता है।

शिशुओं को दाल का पानी किस उम्र से देना चाहिए?

शिशु को जन्म से ही पोषक तत्वों की जरूरत होती है, जिसकी पूर्ति मां के दूध के माध्यम से होती है। लेकिन शिशु जैसे-जैसे बड़ा होता जाता है, शरीर के लिए पोषक तत्वों की मांग भी बढ़ती जाती है। इस मांग को पूरी करने के लिए शिशु को छह महीने होने के बाद आहार में विभिन्न नए खाद्य देने की सलाह दी जाती है। इनमें दाल का पानी भी शामिल है, जो शिशु के विकास में मददगार होता है।

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शिशु के लिए दाल के पानी के 5 फायदे

शिशुओं को दाल का पानी देने पर उन्हें कई तरह के लाभ हो सकते हैं। इन फायदों के कारण उन्हें शारीरिक समस्याओं से दूर रहने में मदद मिलती है। शिशुओं के लिए दाल के पानी के लाभ कुछ इस प्रकार हैं:

1. इम्यूनिटी को बढ़ावा – शिशुओं की इम्यूनिटी यानी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बेहतर करके कई छोटी-छोटी बीमारियों से बचाया जा सकता है। इसे मजबूत करने के लिए दाल के पानी के फायदे देखे जाते हैं। एक वैज्ञानिक अध्ययन के मुताबिक, दाल में इम्यूनोमॉड्यूलेटरी प्रभाव होता है। इससे शिशुओं की इम्यूनिटी को बूस्ट कर सकता है।

2. एनीमिया से बचाव – शिशुओं के शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं की कमी से एनीमिया की समस्या उत्पन्न हो सकती है। इस समस्या से बचाए रखने के लिए शिशुओं को दाल का पानी दिया जाता है। दरअसल, दाल के पानी में आयरन समृद्ध मात्रा में होता है, जो लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण में सहायता करता है। इससे एनीमिया के जोखिम से बचा जा सकता है।

3. पाचन को बेहतर करे – दाल का पानी पीने के फायदे में पाचन तंत्र को बेहतर करना भी शामिल है। एक रिसर्च में दिया है कि दाल में फाइबर, टैनिन और फाइटिक एसिड जैसे पोषक तत्व होते हैं। ये पोषक तत्व खाने को पचाने के साथ ही पाचन क्रिया बेहतर करने में मदद करते हैं।

4. हड्डियों की मजबूती – छोटे बच्चों को दाल का पानी देने से उनकी हड्डियों का विकास होता है और मजबूती मिलती है। दरअसल, दाल में मैग्नीशियम की अच्छी मात्रा होती है, जो हड्डियों के विकास में सहायता करता है। साथ ही इसमें मौजूद कैल्शियम हड्डियों को मजबूत करता है।

5. हृदय को स्वस्थ रखें – शिशुओं के हृदय को सुरक्षित रखने में दाल का पानी मदद करता है। ​एक बात को प्रमाणित करने के लिए किए गए रिसर्च के मुताबिक, दाल में कार्डियोप्रोटेक्टिव गुण होता है। ये गुण हृदय को स्वस्थ और सुरक्षित रखने और हृदय संबंधी समस्याओं से बचाव करता है।

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शिशुओं के लिए दाल के पानी के नुकसान

शिशुओं के लिए दाल के पानी के फायदे ज्यादा हैं, पर कुछ मामलों में दाल के पानी के नुकसान भी हो सकते हैं। ये नुकसान कुछ इस तरह हैं –

  • कुछ शिशु खाद्य पदार्थ के प्रति बहुत ही संवेदनशील होते हैं। ऐसे शिशुओं को दाल का पानी देने पर एलर्जी होने का जोखिम बना रहता है।
  • यदि किसी शिशु को निम्न रक्त शुगर की समस्या है और इसके लिए उसे दवाई दी जा रही है, तो ऐसी स्थिति में दाल का पानी देने पर समस्या गंभीर हो सकती है।
  • दाल में आयरन की अच्छी मात्रा होती है, इसलिए अगर शिशु को ज्यादा मात्रा में दाल का पानी देते हैं, तो दस्त की समस्या हो सकती है।

शिशु को दाल का पानी देने से जुड़ी सावधानियां

शिशु को दाल का पानी देते समय कुछ बातों को ध्यान में रखना चाहिए। इससे शिशुओं को हानि पहुंचने से रोका जा सकता है।

  • शिशु को दाल का पानी ठंडा होने पर ही दें। यदि गर्म-गर्म पिलाते हैं, तो इससे उसका मुंह जल सकता है।
  • दाल को अच्छे से गलाने के बाद छानकर ही शिशु को पिलाएं। इससे दाल के दाने को गले में अटकने से रोका जा सकता है।
  • बच्चे को तड़का लगा हुआ दाल का पानी पिलाने से बचें। उनके लिए हमेशा सादा दाल का चयन करें।
  • शिशु के दाल के पानी में ज्यादा नमक न डालें।
  • शिशु को दिन में 2 बार दाल का पानी पिलाएं। लेकिन एक बार में 4 से 5 चम्मच ही दाल का पानी दें।

शिशु को पोषण देने के लिए आहार में दाल का पानी शामिल करना एक अच्छा उपाय है। यह शिशु को स्वस्थ रखने और पोषक तत्वों की पूर्ति करने में मदद करता है। लेकिन किसी शिशु को दाल का पानी देने के बाद एलर्जिक रिएक्शन नजर आए, तो उसे तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। साथ ही किसी शिशु को कोई जन्म दोष या जन्मजात बीमारी है, तो विशेषज्ञ की सलाह पर ही उसके आहार में दाल के पानी को शामिल करें।

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