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आपके प्रीमैच्योर बेबी के देखभाल के लिए कुछ उपयोगी टिप्स

आपके प्रीमैच्योर बेबी के देखभाल के लिए कुछ उपयोगी टिप्स

11 Apr 2022 | 1 min Read

Tinystep

Author | 2578 Articles

पूरे नौ महीने गर्भ में रहने के बाद एक स्वस्थ शिशु का जन्म होता है, परन्तु कुछ शिशु वक़्त से पहले ही जन्म ले लेते हैं जिसे प्रीमेच्योर बेबी कहते हैं। ऐसे शिशु बहुत कमज़ोर होते हैं, और इनकी इम्यून पॉवर भी काफी कम होती है इसलिए इनको स्पेशल केयर की ज़रूरत होती है।

क्यों होते हैं प्रीमेच्योर बेबी ?

कई बार गर्भवती महिला के सही तरीके से डाइट नहीं लेने से, ज़्यादा घबराने या टेंशन लेने से या प्रेगनेंसी में कुछ कॉम्प्लिकेशन होने से गर्भवती महिला को परिमैच्योर डिलीवरी का सामना करना पड़ता है।

कैसे रखें प्रीमेच्योर बेबी का ध्यान ?

प्रीमैच्योर बेबी बहुत ही कोमल और नाज़ुक होते हैं और इनको ख़ास देखभाल की ज़रूरत होती है इसलिए कभी-कभी इनकी देखभाल करनी बहुत ज़्यादा मुश्किल हो जाती है। परन्तु नीचे दिए गए टिप्स आपको आपके प्रीमैच्योर बेबी के देखभाल में काफी मदद करेंगे।

1. पर्याप्त मात्रा में दें न्यूट्रिशन

परिमैच्योर बेबी बहुत कमज़ोर होते हैं और उनका वज़न भी काफी कम रहता है इसलिए उन्हें बहुत ज़्यादा पोषण की ज़रूरत होती है। बच्चा चाहे परिमैच्योर हो या ना हो माँ का दूध शिशु के लिए अमृत है इसलिए शिशु को माँ का ही दूध दें इसके अलावा गाय-भैंस का दूध बिलकुल ना दें।

2. इन्फेक्शन से बचाएं 

अपने घर को और खुद को साफ़ सुथरा रखें और धुल-मिट्टी बिलकुल ना आने दें क्यूंकि किसी भी शिशु को इन्फेक्शन बहुत जल्दी हो जाती है और खासकर अगर शिशु परिमैच्योर हुआ तब तो मुश्किल और बढ़ जाती है। परिमैच्योर बेबी की इम्यून पॉवर कम होती है और इसलिए उन्हें इन्फेक्शन का ख़तरा और ज़्यादा होता है।

3. डॉक्टर से कराएं रेगुलर चेकअप 

परिमैच्योर बेबी को एक्स्ट्रा केयर की ज़रूरत होती है क्यूंकि उनको कोई ना कोई परेशानी लगी रहती है इसलिए रेगुलर डॉक्टर के चेकअप से उनके हेल्थ का हाल आप जान सकते हैं। अगर उन्हें हल्की सर्दी-ज़ुकाम भी होती है तो आप डॉक्टर से परामर्श ज़रूर लें, ना की घर के नुस्खों को आज़माएं क्यूंकि परिमैच्योर बेबी बहुत ही नाज़ुक होते हैं और उन्हें अच्छी-खासी देखभाल की ज़रूरत होती है और कभी-कभी घर के नुस्खे परिमैच्योर बेबी पर काम नहीं करते और इससे उन्हें इन्फेक्शन का खतरा और बढ़ जाता है ।

4. कंगारू केयर करें 

एक शिशु सबसे ज़्यादा सुरक्षित अपने माँ के पास महसूस करता है। इसलिए यह ज़रूरी है की माँ अपने परिमैच्योर शिशु को कंगारू केयर दें जिसमें शिशु हमेशा अपने माँ के स्तनों के बीच में रहता है और अपने माँ के दिल की धड़कन सुनते रहता है जिससे उसको गर्माहट मिलती है और वो खुद को सुरक्षित महसूस करता है। यह चीज़ परिमैच्योर बेबी के विकास में काफी लाभदायक साबित हो सकती  है।

5. शिशु के साथ बिताये ज़्यादा से ज़्यादा वक़्त 

माँ का स्पर्श किसी भी शिशु के लिए बहुत ख़ास होता है इसलिए अपने परिमैच्योर बेबी के साथ ज़्यादा से ज़्यादा वक़्त बितायें, अगर उसमें कोई बदलाव हो रहे हैं तो उसपर नज़र रखें और वक़्त रहते डॉक्टर को संपर्क करें। शिशु के साथ ज़्यादा से ज़्यादा वक़्त बिताने से ना सिर्फ शिशु अच्छा महसूस करेगा बल्कि इससे माँ और शिशु के बीच घनिष्टता और बढ़ेगी और मज़बूत होगी।

प्रीमेच्योर बेबी की देखभाल करना आसान नहीं है पर यह नामुमकिन भी नहीं है, ज़रूरत है तो धीरज, धैर्य और खूब सारे प्यार की। यह भले ही एक माता-पिता के लिए चुनौती हो पर इससे माता-पिता का अपने शिशु के लिए स्नेह और ज़्यादा बढ़ता है। सिर्फ माता-पिता के लिए ही नहीं बल्कि शिशु के लिए भी यह वक़्त आसान नहीं होता क्यूंकि वो भी कई कठिनाईयों से गुजरता है तो इसलिए यह माता-पिता का फ़र्ज़ है कि वो अपने नन्हें और नाज़ुक संतान को खूब सारा प्यार और देखभाल देकर उसे एक स्वस्थ जीवन दें।

हैप्पी पैरेंटिंग !

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