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10 इंग्रीडिएंट्स जो आपके बेबी वाइप्स में नहीं होने चाहिए

10 इंग्रीडिएंट्स जो आपके बेबी वाइप्स में नहीं होने चाहिए

20 Jun 2022 | 1 min Read

Vinita Pangeni

Author | 554 Articles

बाजार में उपलब्ध बेबी वेट वाइप्स (baby wet wipes) नरम और कोमल होने के काफी दावे करते हैं। लेकिन, क्या आप जानते हैं कि उनमें कई ऐसी सामग्रियां होती हैं, जो बच्चे की कोमल स्किन को नुकसान पहुंचा सकती हैं। यही कारण है कि बेबी वाइप्स को खरीदते समय यह ध्यान देना चाहिए कि उनमें क्या सामग्रियां हैं। इसलिए, हम आपके लिए ऐसी खराब सामग्रियों की लिस्ट लेकर आए हैं, जो बेबी वाइप्स में बिल्कुल नहीं होनी चाहिए। चलिए, आगे बढ़ते हुए इनके बारे में जानते हैं।

ये खराब सामग्रियां बेबी वाइप्स में नहीं होनी चाहिए (Nasties Your Baby Wipes Should Not Have)

सोप (Soap)

सोप का इस्तेमाल त्वचा से गंदगी, पसीना, सीबम की चिपचिपाहट को हटाने के लिए किया जाता है। लेकिन, यह बच्चे की स्किन को साफ करने के साथ ही उसके एसिड मेंटल को बिगाड़ती है, जिससे बच्चे की स्किन के पीएच लेवल पर असर पड़ता है। सोप, एलर्जी का कारण बनने और त्वचा के अच्छे बैक्टीरिया को प्रभावित करने का काम सकता है

अल्कोहल (Alcohol)

बेस्ट बेबी वाइप्स (Best baby wipes) अल्कोहल फ्री होने चाहिए। शिशु की स्किन में अल्कोहल एलर्जन यानी एलर्जी पैदा करने का कारण बन सकते हैं। यही नहीं, अल्कोहल स्किन को रुखा और डैमेज करते हैं।

शिशु की स्किन में प्रतिकूल प्रतिक्रियाओं से बचने के लिए अल्कोहल फ्री बेबी स्किन वाइप (baby skin wipes) ही खरीदें। अगर बेबी वाइप्स में आइसोप्रोपिल अल्कोहल, आइसोप्रोपेनॉल और डीनेचर्ड अल्कोहल हैं, तो ये जलन और संवेदनशीलता का कारण बन सकते हैं। 

साथ ही फैटी अल्कोहल जैसे कि सेटिल या स्टीयरिल अल्कोहल रोम छिद्रों को ब्लॉक करके एक्ने व ब्रेकआउट का कारण बन सकते हैं।

कृत्रिम फ्रेग्नेंस (Synthetic Fragrance)

बेबी वाइप्स की इंग्रीडिएंट लिस्ट में आर्टिफिशियल फ्रेग्नेंस लिखा है, तो उसे खरीदने से बचें। कृत्रिम यानी आर्टिफिशियल सुगंध से बच्चे को एलर्जिक रिएक्शन हो सकता है। इसे शिशु की नाजुक व कोमल त्वचा के लिए एकदम खराब माना गया है। इससे स्किन में जलन, लालिमा और सूजन हो सकती है। 

पैराबेन (Paraben)

पैराबेन रसायन का उपयोग बेबी केयर प्रोडक्ट की शैल्फ लाइफ को बढ़ाने के लिए किया जाता है। पैराबेन केमिकल को श्वसन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक माना जाता है। रिसर्च पेपर के दौरान पाया गया कि पैराबेन से बच्चों को अस्थमा की शिकायत हुई है। 

थैलेट (Phthalate)

कॉस्मेटिक उत्पादों में थैलेट रसायन के रूप में इस्तेमाल होता है। कुछ रिसर्च बताते हैं कि इससे एलर्जी हो सकती है। साथ ही यह स्किन से शरीर के अंदर पहुंचता है। इस केमिकल युक्त प्रोडक्ट को इस्तेमाल करने वाले बच्चों के यूरिन में थैलेट पाया गया है। शिशु अपनी अपरिपक्व चयापचय प्रणाली क्षमता के चलते थैलेट के विकास और प्रजनन विषाक्तता के प्रति संवेदनशील होते हैं।

टीसीसी (TCC)

टीसीसी,  क्लोरीनयुक्त एंटीमाइक्रोबियल रसायन होता है, जिसे ट्राइक्लोसन और ट्राइक्लोकार्बन कहा जाता है। यह पर्सनल केयर प्रोडक्ट में व्यापक रूप से इस्तेमाल होता है। लेकिन, बेस्ट बेबी वाइप्स (best baby wipes) में इसकी कोई जगह नहीं है। क्योंकि रिसर्च में स्पष्ट है कि यह स्वास्थ्य को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकता है।

बेबीचक्रा द्वारा बनाया गया शिशु के लिए बेस्ट बेबी वाइप (Best Baby Wipes for Newborns)
बेबीचक्रा द्वारा बनाया गया शिशु के लिए बेस्ट बेबी वाइप (Best Baby Wipes for Newborns)

मिनरल ऑयल (Mineral Oil)

मिनरल ऑयल का उपयोग बहुत-सी सेल्फ केयर प्रोडक्ट में किया जाता है। लेकिन यह स्किन के पोर्स को ब्लॉक करने के साथ ही कैंसर पैदा करने की क्षमता भी रखते हैं। रिसर्च पेपर में जिक्र मलता है कि मिनरल ऑयल की प्रोसेसिंग के आधार पर इसके कैंसर पैदा करने की क्षमता भिन्न-भिन्न होती है।

सल्फेट (Sulfate/Sulphate)

बेबी वाइप्स में सल्फेट का होना भी अच्छा नहीं है। ये इंग्रीडिएंट लिस्ट में एसएलएस (SLS) और एसएलईएस (SLES) के रूप में मौजूद होता है। SLS और SLES वाले उत्पादों का उपयोग बच्चे की त्वचा में जलन का कारण बन सकते हैं। 

क्लिनिंग प्रोडक्ट में सलफेट्स की अधिक मात्रा का उपयोग होता है। ऐसे में अगर आप वेट वाइप्स (baby cleaning wipes) से बच्चे का चेहरा साफ करेंगी (baby face wipes), तो यह आंखों में जलन भी पैदा कर सकता है।

साथ ही सल्फेट, त्वचा के रोम छिद्रों को बंद करके मुंहासे पैदा कर सकते हैं। इसे पर्यावरण के अनुकूल भी नहीं माना जाता है। 

सोडियम बेंजोएट (Sodium Benzoate)

सोडियम बेंजोएट आमतौर पर सौंदर्य प्रसाधनों और व्यक्तिगत देखभाल की वस्तुओं, जैसे बेबी वाइप्स में प्रिजर्वेटिक के रूप में उपयोग किया जाता है। इसको लेकर सबसे बड़ी चिंता सोडियम बेंजोएट की बेंजीन में बदलने की क्षमता है, जो कैंसर का कारण बन सकता है।

फेनोक्सीथेनॉल (Phenoxyethanol)

फेनोक्सीथेनॉल को पर्सनल केयर प्रोडक्ट और कोस्मेटिक्स में प्रिजर्वेटिक की तरह इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन, यह त्वचा में जलन, चकत्ते, एक्जिमा, हाइव्स जैसी तमाम एलर्जिक रिएक्शन के लिए जाना जाता है। जब बात बच्चे की आती है, तो यह नर्वस सिस्टम पर भी असर डाल सकता है। 

एक रिसर्च पेपर में जिक्र मिलता है कि फेनोक्सीथेनॉल का उपयोग जानलेवा एलर्जिक रिएक्शन एनाफिलैक्सिस (Anaphylaxis) का जोखिम पैदा कर सकता है। कुछ रिसर्च इसकी एक प्रतिशत से कम मात्रा को सुरक्षित बताते हैं।

लेकिन बच्चे की स्किन अधिक संवेदनशील होती है, इसलिए बेबी वाइप्स के साथ एक प्रतिशत भी कोम्प्रोमाइज क्यों किया जाए? यही कारण है कि बच्चों के लिए वाइप्स चुनते समय फेनोक्सीथेनॉल रहित चुनना ही बेहतर माना जाता है।

आगे से बेबी वाइप्स खरीदते समय उनकी इंग्रीडिएंट लिस्ट में ये सारे केमिकल दिखें, तो उन्हें खरीदने से बचें। बच्चों के लिए सबसे सुरक्षित वाइप्स बैम्बू से बने होते हैं। आप बैम्बू वाइप्स को ऑनलाइन खरीद सकती हैं। यह बैम्बू वाटर वाइप्स बच्चे की कोमल त्वचा को बिल्कुल नुकसान नहीं पहुंचाते।

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