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शिशु को सनस्क्रीन लगाने का सही तरीका और उम्र

शिशु को सनस्क्रीन लगाने का सही तरीका और उम्र

8 Jun 2022 | 1 min Read

Vinita Pangeni

Author | 550 Articles

हम सभी घर से बाहर निकलते समय सूर्य की हानिकारक किरणों से बचने के लिए सनस्क्रीन का उपयोग करते हैं। लेकिन क्या बच्चों को सनस्क्रीन लगाना चाहिए? अगर हां, तो शिशु को सनस्क्रीन लगाने की सही उम्र, समय और तरीका क्या है? ऐसे अनेक सवाल माता-पिता के जहन में उठते हैं। आपके ऐसे सभी सवालों का जवाब हम इस लेख में लेकर आए हैं।

शिशु को कब से सनस्क्रीन लगा सकते हैं?

छह महीने से अधिक उम्र के बच्चे बाल रोग विशेषज्ञ से सलाह लेने के बाद सनस्क्रीन लगा सकते हैं। यूं तो बच्चे को सूर्य की सीधी रोशनी के संपर्क में नहीं आना चाहिए। लेकिन, अगर आपका शिशु अक्सर धूप में रहता है, उसके लिए माइल्ड सनस्क्रीन चुनें। 

बच्चे के लिए सनस्क्रीन क्यों जरूरी है?

सनस्क्रीन लोशन बच्चे को यूवी किरणों से बचाता है। इसकी वजह से धूप से होने वाले सनबर्न, सन रैशेज और स्किन कैंसर का खतरा कम होता है। बच्चे की स्किन बहुत नाजुक होती है, इसलिए उसे सनस्क्रीन की प्रोटेक्शन देना आवश्यक होता है। बस बाल रोग विशेषज्ञ से सलाह लेकर ही बच्चे के लिए सनस्क्रीन का उपयोग करें।

आप बाल रोग विशेषज्ञ की देखरेख में बना कोई सनस्क्रीन भी बच्चे के लिए इस्तेमाल में ला सकती हैं। इससे यह सुनिश्चित होगा कि सनस्क्रीन बच्चे के लिए सुरक्षित है और उसमें बेबी स्क्रीन फ्रेंडली इंग्रीडिएंट्स हैं।

मार्केट में ऐसा ही एक बेबी सेफ नेचुरल सनस्क्रीन मौजूद है। आप उसे खरीद सकती हैं। इसमें ऑर्गेनिक गाजर के बीज, बादाम तेल, एलोवेरा जैसी कई प्राकृतिक सामग्रियां मौजूद हैं।

बच्चे को सनस्क्रीन लगाने का सही तरीका

सबसे पहले तो सही इंग्रीडिएंट्स वाला सनस्क्रीन बच्चे के लिए खरीदें। बच्चे के लिए खरीदे जाने वाले सनस्क्रीन में सन प्रोटेक्शन फैक्टर (एसपीएफ) 30 होना चाहिए।

  • सबसे पहले बेबी की कलाई पर थोड़ा-सा सनस्क्रीन लगाकर पैच टेस्ट करें। इससे पता चलेगा कि बच्चे को सनस्क्रीन या उसमें मौजूद सामग्री से कोई एलर्जी है या नहीं।
  • अगर पैच टेस्ट में कोई जलन के लक्षण न दिखें, तो मटर के दाने से भी कम सनस्क्रीन अपनी हथेली पर निकालें।
शिशु को सनस्क्रीन लगाने की सही उम्र और तरीका
शिशु के चेहरे और अन्य हिस्से पर सनस्क्रीन लगाने के लिए निकालती माँ/ स्रोत – पिक्साबे
  • आप इस तरह भी अंदाज लगा सकती हैं कि आप खुद अपने इस्तेमाल के लिए जितना सनस्क्रीन निकालती हैं, यह मात्रा उसकी आधी होनी चाहिए।
  • अब बच्चे के चेहरे पर सनस्क्रीन की एक पतली परत लगा दें।
  • चेहरे के साथ ही हाथ, पैर, कान, गर्दन और माथे व उससे ऊपर की खाली जगह पर सनस्क्रीन लगानी होगी।
  • सनस्क्रीन लगाने के 20 से 30 मिनट बाद ही बच्चे को धूप में लेकर जाएं। 
  • ज्यादा देर तक बच्चा धूप में रहेगा, तो आपको दो घंटे बाद दोबारा सनस्क्रीन लगाने की जरूरत पड़ेगी।
  • अगर बच्चे को पानी में खेलने के लिए लेकर जाना है, तो सुनिश्चित करें कि आपका सनस्क्रीन वाटर प्रूफ हो। इस दौरान बच्चे के चेहरे के साथ ही हाथों और पैरों पर भी हल्की सनस्क्रीन लगा दें।

शिशु को सनस्क्रीन लगाने का समय

  • चाहे सर्दी हो या गर्मी सालभर सनस्क्रीन का उपयोग करना चाहिए।
  • घर से बाहर निकलने से 20 से 30 मिनट पहले शिशु की स्किन में सनस्क्रीन लगाएं।
  • बच्चा स्विम सूट में हो, तो शरीर के सभी खुले हिस्सों पर सनस्क्रीन लगाना चाहिए।
  • सुनिश्चित करें कि आप बच्चे को अत्यधिक पसीना आने, तैरने या तौलिए से पोंछने के बाद फिर से सनस्क्रीन लगाएं।

चाहे हम जिस भी उम्र के पड़ाव में हों, सूर्य की रोशन से शरीर के खुले हिस्सों को हमेशा ही सुरक्षा की आवश्यकता होती है। वैसे भी बच्चे की स्किन तो और भी नाजुक और कोमल होती है, इसलिए इस सुरक्षा की जरूरत उन्हें और अधिक रहती है। अगर बच्चे में सूर्य के किरणों के कारण कोई भी लक्षण दिखें, जैसे – त्वचा का लाल पड़ना, चकत्ते, तो तुरंत बाल रोग चिकित्सक से संपर्क करें।

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