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दिवाली स्पेशल   बच्चों को दिवाली के शोरशरावों से दूर रखने के उपाय

दिवाली स्पेशल बच्चों को दिवाली के शोरशरावों से दूर रखने के उपाय

11 Apr 2022 | 1 min Read

Tinystep

Author | 2574 Articles

दीपों का त्योहार दिवाली बहुत जल्द हमारे दरवाज़े पर दस्तक देने वाला है। हर तरफ उत्साह और उमंग का माहौल है परन्तु, इस दीपों के त्यौहार में हम यह भूल जाते हैं की हम ध्वनि एवं वायु प्रदूषण के भी कितने करीब हो जाते हैं। पटाखों के शोर और उनसे निकलने वाला हानिकारक धुआँ न सिर्फ हमारे लिए, बल्कि हमारे नवजात शिशु के लिए भी खतरनाक होता है। हर माता-पिता अपने बच्चों को दिवाली के शोर से दूर रखने का पूरापूरी प्रयास करते हैं और इसलिए वह अक्सर यह सवाल उठाते हैं की वह क्या करें की उनके बच्चे सुरक्षित रहे ?

पटाखों के तीव्र स्वर न सिर्फ कानों को, बल्कि हमारे और हमारे बच्चों के पूरे सेहत पर असर करता है, जिससे तनाव, चिड़चिड़ापन, अनिद्रा एवं बेहरापन भी हो सकता है। तो आईये आज हम कुछ महत्वपूर्ण बातों को उजागर करते हैं जिससे की माता-पिता अपने बच्चों के कानों को पटाखों के धवनि से सुरक्षित रख सके।

1. ध्वनि मुक्त पटाख़े

दीवाली रौशनी का त्यौहार है, इसलिए इस पर्व को ज़्यादा से ज़्यादा रौशनी एवं उमंग के साथ, दिये, इलेक्ट्रिक लाइट एवं नए नए तरह के रंग-बिरंगी लाइटों को जलाकर मनाईये, न की शोर करने वाले पटाखों से। रंग-बिरंगी लाइटें बच्चों  को खूब आकर्षित करती हैं, जिन्हें देख आपके बच्चों का मन उत्साह एवं उमंग से भर जाता है।

2. घर से ज़्यादा देर तक बाहर न रहें 

कोशिश करें की ज़्यादा देर तक बाहर न रहें, हाँ यह थोड़ा मुश्किल कार्य हो सकता है, क्यूंकि कोई भी इंसान दिवाली के दिन बिना बाहर निकले नहीं रह सकता। परन्तु, आप अपने बच्चों को जल्दी सुलाने की कोशिश करें और उसके रूम के खिड़की और दरवाज़ों को बंद कर दें। लेकिन जब आप बाहर रहें तो इतना ध्यान रखें की आपको अपने शिशु के उठने पर उसकी आवाज़ सुनाई दे। 

3. कानों को कवर कर दें

जब बच्चे एकाएक कोई ऊँची ध्वनि सुनते हैं तो वह डर जाते हैं और कभी कभी वह इतना डर जाते हैं की एक बार जो वो रोना शुरू करते हैं, उनको चुप कराना तक मुश्किल हो जाता है। अगर आप इस चीज़ से बचना चाहते हैं, और अपने बच्चों को शांत और सुरक्षित रखना चाहते हैं तो उनके कानो में कॉटन इयरबॉल्स, इयरमफस या बेबी इयरप्लग्स डाल  दें। इन सबसे आपके बच्चों के कानों तक पटाखों की तीव्र ध्वनि नहीं पहुंचेगी। उनके कानों तक आवाज़ तो जाएगी परन्तु, वह बहुत ही धीमी होगी जो की आपके शिशु के लिए हानिकारक नहीं होगी।

4. एरियल पटाखों का इस्तेमाल करें

यह जगजाहिर है की दिवाली में कोई बिना पटाखे जलाये नहीं रह सकता, अगर आप भी उनमें से एक हैं तो आप एरियल यानी हवाई पटाखों का जला सकते हैं, जो दूर आसमान में जाकर फटते हैं। इस तरह के पटाखों से निकलने वाली ध्वनि का असर कम होता है, क्यूंकि ये दूर आसमान में जाकर फटते हैं, परन्तु इनकी लाइटिंग इनको आकर्षित बनाती है। आप भी खुश आपके नन्हे-मुन्ने भी खुश।

5. पटाखों से दुरी बनाकर रखें

अगर आप चाहते हैं की आपका बच्चा दिवाली जैसे रंगीन पर्व का लुत्फ़ उठाये और रंग बिरंगी फुलझड़ी, अनार एवं अन्य लाइट वाले पटाखों का आनंद लें तो इतना ध्यान रखें की आप और आपका बच्चा पटाखे जलाते वक़्त एक सिमित दुरी पर खड़े रहें। कोशिश करें की पटाखें जलाते वक़्त आप अपने बच्चे को गोद में न लें, क्यूंकि कभी कभी बच्चे उत्साह में आकर कुछ हरकत कर बैठते हैं, जिससे की कोई अनचाही दुर्घटना भी घट सकती है।

अगर आप ऊपर दिए गए टिप्स को फॉलो करते हैं तो हमें यकीन है की आपकी दिवाली और भी रंगीन और आनंदमय होगी।

शुभ दिवाली !

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