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गर्भवती के लिए पति और परिवार की जिम्मेदारियां

गर्भवती के लिए पति और परिवार की जिम्मेदारियां

6 Apr 2022 | 1 min Read

Vinita Pangeni

Author | 260 Articles

प्रेग्नेंसी और सुरक्षित मातृत्व की जिम्मेदारी जितनी एक गर्भवती महिला की होती है, उतनी ही उसके परिवार की भी। इस वक्त महिला अपनी डाइट और रहन-सहन का पूरा ख्याल रखती है, लेकिन कई बार कुछ चीजें रह जाती हैं। ऐसे में उसके पार्टनर और परिवार के अन्य सदस्यों को आगे आना चाहिए। इससे सुरक्षित मातृत्व की गुंजाइश बढ़ जाती है। आगे हम गर्भवती महिला के प्रति पार्टनर और परिवार की जिम्मेदारियां क्या होती हैं, यह बताएंगे।

जानिए कि किस तरह से पार्टनर और फैमिली गर्भवती महिला की मदद कर सकते हैं।

गर्भवती के लिए पति और परिवार की जिम्मेदारियां

गर्भवती महिलाओं के लिए प्रेग्नेंसी का समय आसान नहीं होता है। वो काफी शारीरिक और मानसिक मुश्किलों से इस दौर में गुजरती है। ऐसे में पार्टनर और परिवार के अन्य सभी सदस्यों को गर्भवती महिला का साथ हर मुमकिन तरीके से देना चाहिए।

1. इंश्योरेंस 

बेबी प्लान करते समय परिवार के सदस्यों और पार्टनर को सबसे पहले इंश्योरेंस पॉलिसी सुनिश्चित करनी चाहिए। कुछ इंश्योरेंस पॉलिसी डिलीवरी कवर नहीं करती हैं, इसलिए अपनी पुरानी पॉलिसी को अच्छे से देख लें। अगर उसमें प्रसव कवर नहीं होता है, तो बिना देर किए नई पॉलिसी करवा लें।

2. महिला को प्रेग्नेंसी संबंधी किताबें देना और खुद भी उन्हें पढ़ना

प्रेग्नेंसी में होने वाली दिक्कतों और परेशानियों से निपटने के तरीकों को जानने के लिए एक्सपर्ट द्वारा लिखी गई किताब को पढ़ना भी जरूरी है। आप ये किताबें खुद भी पढ़ें और गर्भवती महिला को भी पढ़ने के लिए प्रेरित करें। इसमें प्रेग्नेंसी से जुड़ी अहम जानकारियां होती हैं, जिनकी मदद से वह अपने गर्भावस्था के दौरान होने वाली परेशानियों को संभाल सकती हैं।

3. गर्भवती महिला की बातों और जरूरतों को सुनना और समझना 

गर्भवती महिला की बातों को सुनना और जरूरतों को समझना भी जरूरी है। इस दौरान महिला कैसा महसूस करती है, उसे अगर आप अच्छे से सुन लेंगे, तो उनका दिल हल्का हो जाएगा और उन्हें अच्छा महसूस होगा। साथ ही उनकी जरूरतें जैसे कि क्रेविंग को जानकर उसे पूरा करने की कोशिश करें।

गर्भवती महिला के प्रति पति और परिवार की जिम्मेदारियां
गर्भावस्था में अपनी पत्नी का हाथ थामे हुए पार्टनर/ स्रोत – फ्रीपिक

4. घर के कामों को बांट लेना
कामों को बांटना भी घर के दूसरे सदस्यों की जिम्मदेारी होती है। गर्भवती महिला इन दिनों झुकने वाले और भारी काम नहीं कर पाती हैं। न ही उन्हें ज्यादा देर तक खड़े रहने की सलाह दी जाती है। ऐसे में खड़े होकर, झुकने कर करने वाले काम और भारी काम परिवार के अन्य सदस्यों को आपस में बांट लेने चाहिए। इससे गर्भवती महिला को स्ट्रेस भी नहीं होगा और आराम भी मिलेगा। 

5. डॉक्टर के पास लेकर जाना

डॉक्टर के पास लेकर जाना भी पार्टनर और घर के अन्य सदस्यों की जिम्मेदारी होती है। डॉक्टर द्वारा बताई गई सलाह को लागू करने में गर्भवती महिला की मदद करनी चाहिए। इस दौरान एनिमिया की कमी काफी आम होती है, इसलिए डॉक्टर  से इस बारे में भी बात करें।

6. थकान होने पर मसाज करना

पार्टनर महिला को मसाज दे सकते हैं। इस दौरान पैरों की मसाज और कंधों की मसाज करने से गर्भवती महिला को काफी रिलेक्स महसूस होता है। हर पति की यह जिम्मेदारी होती है कि वो गर्भावस्था में महिला को अच्छा फील करवाएं।

7. डिलीवरी से जुड़ी तैयारियां करना 

डिलीवरी से जुड़ी तैयारियां करना भी घर-परिवार के लोगों की जिम्मेदारी बनती है। महिला का प्रेग्नेंसी बैग और डिलीवरी बैग तैयार रखें। इसमें कपड़े, मेडिकल फाइल्स, लिप बाम, फेस वॉश जैसी जरूरी चीजें शामिल करें। किस जगह डिलीवरी करवानी है, कौन-से हॉस्पिटल में और किस डॉक्टर से डिलीवरी करवानी है, किस गाड़ी से हॉस्पिटल तक जाना है, ये सब पहले ही तय कर लें।

8. उदास होने न देना

महिला के उदास होने से और दुखी रहने से प्रेग्नेंसी डिप्रेशन होने का भी खतरा रहता है। ऐसे में पूरे परिवार की जिम्मेदारी बनती है कि उन्हें खुश रखे। कुछ जोक्स क्रेक करना, एक साथ इंडोर गेम्स खेलना, उन्हें ज्यादा अकेला न छोड़ना, ये सब जरूर करें।

9. खान-पान में पोषक तत्वों का ध्यान देना 

प्रेग्नेंसी के दौरान जरूरी सभी पोषक तत्व महिला की थाली में होना जरूरी है। इसी वजह से महिला की प्रेग्नेंसी डाइट पर सभी घर के सदस्यों को ध्यान देना चाहिए। इससे माँ और बच्चे दोनों का स्वास्थ्य अच्छा बना रहेगा।

10. लड़के की जिद न करना

घर-परिवार में कई बार पहला बच्चा या दूसरा बच्चा लड़का होना चाहिए, ऐसी बातें उठती हैं। ऐसी किसी तरह की बात व जिद न करना हर घर के सदस्य की जिम्मेदारी है। बच्चे का लिंग महिला के हाथ में नहीं होता है। इसी वजह से महिला से ऐसी कोई बात न कहें, जिससे उसे बच्चे के लिंग को लेकर स्ट्रेस व दवाब महसूस हो। 

गर्भवती के लिए प्रेग्नेंसी का समय यादगार बनाने के लिए उनके साथ नई यादें बनाएं। प्रेग्नेंसी फोटोशूट कराएं और उन्हें जोक्स व अपनी कॉलेज की कोई कहानी सुनाएं। इस समय पूरा ध्यान गर्भवती महिला को टेंशन से दूर रखने और उनके चेहरे पर मुस्कान और खुशी को बनाए रखने में ही परिवार का होना चाहिए। कहते हैं प्रेग्नेंसी में महिला जितना खुश रहती है, उतनी ही उसकी गर्भावस्था स्वस्थ होती है।

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