garbhawastha mein tambe mein rakha pani peene ke adbhut fayde

garbhawastha mein tambe mein rakha pani peene ke adbhut fayde

18 Apr 2022 | 1 min Read

Tinystep

Author | 2578 Articles

   प्राचीन काल से भारत में ताम्बे को विशेष स्थान दिया गया है। आयुर्वेद के अनुसार ताम्बे में रखा पानी मनुष्य के वात, पित्त और कफ़ को संतुलित रखता है।

इस पोस्ट में हम आपको आसान शब्दों में ताम्बे के बर्तन में रखे पानी के सेवन का महत्तव बातएंगे। गर्भवती महिला को इसमें रखे पानी का सेवन ज़रूर करना चाहिए क्योंकि ऐसा करने से :

1 . उनकी रोग प्रतोरोधक शक्ति बढ़ती है

 

कॉपर बैक्टीरिया को पनपने नहीं देता जिस कारण ताम्बे में रखा पानी विसंक्रमित हो जाता है। इसके सेवन से महिला की रोग प्रतिरोधक शक्ति बढ़ती है।

2. खून की वृद्धि में मदद करता है

ताम्बे से गर्भ में पल रहे शिशु के ह्रदय, ह्रदय कोशिकाओं और रीढ़ की हड्डियां तथा मानसिक विकास में मदद मिलती है।

3. ताम्बे को ज़रूरी पोषक तत्व माना जाता है

इसीलिए पुराने समय में राजा-महाराजा ताम्बे के बर्तनों में भोजन करते थे और पानी पीते थे। ताम्बे में रखे पानी से मस्तिष्क का विकास होता है और दिमाग तेज़ और कुशाग्र बनता है। माँ में झटके और पैरालिसिस होने से बचाता है।

4. शरीर में pH लेवल संतुलित करता है

ताम्बे के जग में रखे पानी के सेवन से शरीर में खारापन(एल्कलाइन) आता है। इससे शरीर के pH लेवल में संतुलन बना रहता है।

5. ताम्बा वज़न घटाने में मदद करता है

ताम्बा पेट की पाचन क्रिया को सुधारता है जिस कारण शरीर के विषैले और अनचाहे तत्व बाहर निकल जाते हैं। इस प्रकार पेट की चर्बी भी धीरे-धीरे कम होने लगती है।

6. ताम्बा बुढ़ापा रोकता है

यह त्वचा में पाए जाने वाले फ्री रैडिकल्स जो बुढ़ापा लाते हैं उन्हें कम करता है जिस प्रकार त्वचा लम्बे समय तक जवान दिखती है।

7. ताम्बा सुजन से राहत प्रदान करता है

यह अर्थराइटिस के मरीज़ों और जोड़ों के दर्द से पीड़ित लोगों के लिए लाभदायी होता है। यह गर्भवती महिलाओं को सुबह पैर में होने वाले दर्द, सूजन और भारीपन से राहत दिलाता है।

8. ताम्बे में कैंसर से लड़ने की क्षमता होती है

ताम्बा शरीर में बढ़ रहे कैंसर सेल्स को बढ़ने से रोकता है।

यदि आपके घर में ताम्बे के बर्तन हैं तो उन्हें साफ़ करने के लिए यह करें:

i) तांम्बे के बरतन की सफाई के लिए :

ii) एक नींबू आधा काट लें। नींबू में सिट्रिक एसिड होता है जो तांबे की रंगत हलकी करती है और उसे साफ़ बनाती है।

iii) उसपर थोड़ा नमक छिड़कें।

iv) इसका पेस्ट बनाएं।

v) इस पेस्ट को बर्तन पर रगड़ें।

vi) थोड़ी देर लगे रहने दें, फिर हलके गर्म पानी से धो दें।

आजकल वातावरण में प्रदूषण बढ़ने के कारण प्लास्टिक बोतलों में पानी पीना मना किया जाता है। सोचिये अगर प्लास्टिक वातावरण के लिए इतनी हानिकारक है तो फिर इंसानों के शरीर पर कितना बुरा असर डालेगी। इसलिए आप भी अपने घर में ताम्बे के बर्तन में पानी पिएं। यह शिशु को भी सेहतमंद रखेगा।

सेहत के प्रति सावधानी बरतें और इस पोस्ट को अनेक लोगों में शेयर करें

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