garbhawastha mein vrat karna kitna uchit Zindagi

garbhawastha mein vrat karna kitna uchit Zindagi

20 Apr 2022 | 0 min Read

Tinystep

Author | 2578 Articles

गर्भावस्था में महिला को अधिक से अधिक भोजन का सेवन करने की सलाह दी जाती है। इस प्रकार उसके साथ साथ शिशु को भी भरपूर पोषण प्राप्त हो जाता है। ऐसे में व्रत रखकर खुद को भूखा रखना थोड़ा मुश्किल और नुक्सानदेह हो सकता है।  कुछ महिलाएं अधिक धार्मिक होने के कारण गर्भवती होने के बावजूद व्रत रखने की कोशिश करती हैं।  हम उन्हें और अन्य महिलाओं को इसके फायदे और नुक्सान के बारे में बतायेंगे।

क्या गर्भावस्था में व्रत रखना सुरक्षित है?

 

अनेक अनुसंधानों के बावजूद व्रत रखने की पुष्टि नहीं की जा सकी है। अगर आपका वज़न सही चल रहा है और आपको बीमार महसूस नहीं हो रहा है तो आप गर्भावस्था में व्रत रख सकती हैं।

कितनी देर तक व्रत रखना ठीक रहेगा?

 

यह आपके स्वास्थ्य पर निर्भर करता है। अगर आप लम्बे समय तक भूखी रहेंगी तो आप का ब्लड शुगर लेवेल गिर जायेगा जिस कारण आपको चक्कर आ सकता है या बेहोश हो सकती है।

व्रत रखने का सही तरीका क्या रहेगा?

आप एक साथ लम्बे समय तक भूखी न रहे। बीच बीच जैसे की हर 2 से 3 घंटे में फल , फलों के जूस, सूखे मेवे, रवे के हलवे, साबूदाने की खिचड़ी का सेवन कर सकती हैं। ईश्वर भी आपकी सेहत देखते हुए आपको दंड नहीं देगा। बल्कि आपकी श्रद्धा, निष्ठा और समर्पण से प्रसन्नित होकर आपकी मनोकामना पूरी करेंगे।

अगर आप प्रेगनेंसी में की दवाई ले रहीं हैं तो व्रत में भी इन्हें लेती रहें। भगवन की श्रद्धा और शिशु के स्वास्थ्य में कोई लापरवाही न करें। आपके व्रत का शिशु पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ना चाहिए।

आप पानी पी सकती हैं।

सुबह उठकर आप एक बड़ा गिलास केसर या हल्दी वाला दूध भी पी सकती हैं। 

नारियल पानी का सेवन भी असरदार होता है क्योंकि इससे आपके शरीर में पानी की कमी नहीं होती।

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