garbhawasthya ke dauran aapke shareer se jude huye kufch tathya jinpar aapko gaur karne ki zaroorat hai

garbhawasthya ke dauran aapke shareer se jude huye kufch tathya jinpar aapko gaur karne ki zaroorat hai

22 Apr 2022 | 1 min Read

Tinystep

Author | 2578 Articles

गर्भावस्था के दौरान आपके शरीर में हो रही तमाम बदलाव आपके लिये काफी तनावपूर्ण होता है | हालांकि आपके शरीर से जुड़े हुए कुछ तथ्य है जिनपर आपको गौर करना चाहिए 

1. गर्भावस्था के दौरान पीरियड्स

गर्भावस्था के दौरान,  पीरियड्स का होना इस बात को दर्शाता है कि आपके गर्भ में बच्चा नहीं है और आपके यूटेरस की कोशिका टूट कर रक्तस्राव का कारण बन रही हैं। जैसे ही आप गर्भ धारण करतीं है, पीरियड् बंद हो जाता है और पूरे गर्भावस्था के दौरान पीरियड्स नहीं आतें । कभी-कभी गर्भवती होने के बाद भी हल्की ब्लीडिंग हो सकती है। अगर ऐसा लगातार हो रहा है और काफी ब्लीडिंग हो रही है तो आपको तुरंत ही डॉक्टर से मिलना चाहिए।

2. गर्भावस्था के बाद पीरियड्स

वो महिलाएँ जो अपने बच्चे को स्तनपान नहीं करातीं , उन्हें 5 से 6 हफ्ते बाद ही पीरियड्स आ सकता है।  अगर आप अपने बच्चे को स्तनपान कराती हैं तो जब तक आप स्तनपान कराती रहेंगी , पीरियड्स नहीं आएगा। हालाँकि, यह अनुमान पूर्णतया सही नहीं है क्योंकि पीरियड्स का अनुभव हर महिला के लिए अलग होता है जो मुख्यतः समय , स्थिति जैसे कई अन्य कारणों पर निर्भर करता है |

3. मासिक स्राव और चक्र

गर्भावस्था के बाद जब आपका पीरियड्स शुरू होगा , स्त्राव पहले की तुलना में अलग हो सकता है। यह कम हो सकता है या फिर अधिक भी पर यह सामान्य है। आपका चक्र अनियमित भी हो सकता है और इसके सही होने में कुछ वक्त भी लग सकता है। हालाँकि, अगर आपका पीरियड्स सामान्य ना हो या फिर कम या अधिक हो तो आपको डॉक्टर से मिलना चाहिए।

4. ओव्यूलेशन और मासिक धर्म

आपकी ओवरी के द्वारा अंडे का रिलीज होना और आपका मासिक स्राव गर्भावस्था के बाद साथ-साथ नहीं चल सकता। हो सकता है ओव्यूलेशन गर्भावस्था के बाद आपकी पहली पीरियड्स से काफी पहले हो चूका हो। इसलिए आपको ध्यान रखना चाहिए और यौन सम्बन्ध बनाते समय सावधानी बरतना चाहिए |

5. स्वच्छता और सेहत

कहने की आवश्यकता नहीं है कि, आपको खुद को  और अपने आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखने की जरूरत है।  टैम्पाॅन की बजाय सैनिटरी नैपकिन का इस्तेमाल करें, क्योंकि टैम्पाॅन्स में बैक्टीरियल ग्रोथ का खतरा अधिक होता है। आपका मासिक स्राव अधिक हो सकता है, अतः आवश्यक है कि आप खुद के सेहत का खास ख्याल रखें ,अपने खाने में पौष्टिक आहार को शामिल करें जिससे शरीर में न सिर्फ खून की कमी बल्कि कमज़ोरी भी न होने पायें |

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