shishu dekhbhal choosni soother ya feeder prayog ke fayde aur nuksaan

shishu dekhbhal choosni soother ya feeder prayog ke fayde aur nuksaan

9 May 2022 | 1 min Read

Tinystep

Author | 2578 Articles

माँओं के लिये, कभी कभी फीडर मददगार साबित होता है अगर  आप शायद पाँच मिनट की चुप्पी औऱ शांति चाहते हो तो  उस वक़्त शिशु को फीडर, देना श्रेष्ठ विचार लगेगा । पर इसके कुछ फ़ायदे और नुकसान भी हैं जो आप शिशु को देने से पहले जरूर जानना चाहेंगे|

फायदे:

1. स्तनपान
दूध पिलाना आपके शिशु के लिए फायदेमंद है।यह उन रसायनों को जारी करता है जो आपके शिशु को तेज़ी से शांत करने में सहायता करते हैं। पीना अंगूठे या सूदर या फीडर से सुगम होगा।पर जैसे जैसे वो बड़े होते हैं अँगूठे की तुलना में फीडर की आदत छुड़ाना आसान होता है ।
2. ध्यान का बँट जाना

अगर आपको शिशु को बाहर लेकर जाना है और वो रोना शुरू कर देतें है तो फीडर उसका ध्यान बटां सकती है।फीडर को अपने बैग में रखना,फ्लाइट या मूवी जैसी परिस्थितियों के लिए हमेशा आसान होता है।

3. अकस्मात् शिशु मृत्यु (Sudden Infant Death Syndrome/SIS) का कम जोख़िम

एसाईडीएस जहाँ एक स्वस्थ प्रतीत होते शिशु की मृत्यु नींद में या बिना चेतावनी के हो जाती है।फीडर का प्रयोग देखा गया है कि एसाईडीएस को रोकने के लिए मददगार साबित होता है क्योंकि यह शिशु के शरीर में गतिविधियों को बढ़ाता है।

नुकसान:

1. संक्रमण

फीडर के प्रयोग में वृद्धि से कान में संक्रमण का खतरा देखा गया है।यह स्थायी दाँतों के विकास में भी हस्तक्षेप कर सकता है जो दाँतो के आकार में परिवर्तन लाता है।

2. बढ़ती निर्भरता

आपका शिशु फीडर प्रयोग करके सहज हो सकता है, पर आपको सावधान रहना होगा कि वो इसपर निर्भर न हो।अगर आपका शिशु फीडर पर बहुत अधिक निर्भर होता है तो वो बहुत परेशान होगा और रोयेगा जब आप इससे उसे दूर करने का प्रयास करेंगी।

3. स्तनपान में हस्तक्षेप

कम उम्र में कृत्रिम निप्पल्स की शुरुआत आपके शिशु के स्तनपान की साधारण प्रक्रिया में मुश्किल कर सकता है।वे इस अंतर के प्रति संवेदनशील हो सकते हैं इसलिए फीडर के अधिक प्रयोग से बचें।

फीडर का प्रयोग करते समय कुछ सावधानियां बरतनी चाहिए-

1. प्रसव के एक महीने बाद इसका उपयोग शुरू करें

2. फीडर का प्रयोग शिशु को सुलाते समय करें और गिरने के बाद दोबारा इसे न लगाएं ।

3. फीडर को नियमित रूप से बहते हुए पानी से धोएं और साफ रखे और अगर आपको कोई दरार या चीरा दिखे तो फीडर तुरंत बदल दें।

4. अगर वो असहज महसूस करता है तो  शिशु को फीडर उपयोग करने के लिए मजबूर न करे ।

5. अगर आपका शिशु इसका उपयोग कर रहा है तो 1 वर्ष की उम्र के बाद उपयोग कम करना शुरू कर सकते हैं।

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