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शिशु को सर्दी-खांसी होने पर आजमाएं ये घरेलू उपाय, तुरंत देंगे राहत

शिशु को सर्दी-खांसी होने पर आजमाएं ये घरेलू उपाय, तुरंत देंगे राहत

23 May 2022 | 1 min Read

Mona Narang

Author | 85 Articles

सर्दी का मौसम शिशुओं के लिए सौ परेशानी खड़ी कर देता है। शिशु को अगर जरा सी भी हवा लग जाती है तो जुकाम-खांसी होना पक्का है। सर्दी की सर्द हवाएं शिशु की छाती में जाते ही उन्हें खुलकर सांस नहीं लेने देती है और नाक बहती है वो अलग। इस लेख में हमारा फोकस इस बात पर होगा कि शिशु को सर्दी-खांसी होने पर माँ को किस तरह के घरेलू नुस्खे आजमाने चाहिए।

ध्यान रखें कि शिशु को सर्दी-खांसी की शिकायत होने पर डॉक्टर से परामर्श करनी चाहिए। हल्की फुल्की सर्दी के मामलों में लेख में दिए गए घरेलू नुस्खे शिशु को राहत प्रदान कर सकते हैं। हालांकि, कुछ समय में परिणाम नजर न आए तो बाल रोग विशेषज्ञ से मिलना ही बेहतर होगा। चलिए जानते हैं शिशु के लिए सर्दी-खांसी के घरेलू नस्खों के बारे में विस्तार से।

शिशुओं की सर्दी-खांसी का इलाज कैसे किया जाता है?

शिशुओं की इम्यूनिटी बहुत कमोजर होती है। इस वजह से वे आसानी से सर्दी-जुकाम की चपेट में आ जाते हैं। नेशनल इंस्‍टीट्यूट ऑफ हेल्‍थ द्वारा जारी की गई रिपोर्ट के मुताबिक सालभर में बच्‍चों को 6 से 10 बार जुकाम होता ही है। कुछ बच्चों में यह कुछ समय बाद अपने आप ठीक हो जाता है। वहीं, कई बच्चों में इसके इलाज के लिए एंटीबायोटिक्स की जरूरत होती है। लेकिन कभी भी डॉक्टर की सलाह के बिना शिशु को सर्दी-खांसी की दवा न दें। 

शिशु को सर्दी-खांसी से राहत दिलाएंगे ये घरेलू उपाय

शिशु को सर्दी-खांसी की परेशानी है, तो नीचे कुछ घरेलू उपाय बता रहे हैं, जो उन्हें काफी हद तक राहत प्रदान कर सकते हैं। यदि शिशु में इसका कोई असर नजर नहीं दिखाई देता है, तो समय पर चिकित्सक से परामर्श करना बेहतर होगा।

शिशु को सर्दी-खांसी
शिशु को सर्दी-खांसी/ चित्र स्रोत: फ्रीपिक
  1. हॉट शावर

शिशु अगर सर्दी-खांसी से परेशान है, तो गुनगुने पानी से स्नान कराना एक बेहतरीन नुस्खों में से एक है। गुनगुने पानी से शिशु को गरमाहट मिलती है, जिससे शिशु को काफी आराम मिलता है। ध्यान रखें शिशु को नहलाने के लिए ज्यादा गर्म पानी का इस्तेमाल न करें।

  1. स्टीम दिला सकते हैं

शिशु को खांसी जुकाम ने अपनी चपेट में ले लिया है, तो स्टीम दिलाना बेहतर उपाय हो सकता है। इससे नासिक मार्ग में म्‍यूकस को ढीला करने में मदद होती है। शिशु को स्टीम दिलाने के लिए बाथरूम में गर्म पानी वाला नल चला दें और शिशु को 15 मिनट लेकर साथ में बाथरूम में बैठ जाएं।

  1. गुनगुना पानी पिलाएं

शिशु को सर्दी-खांसी के घरेलू उपाय के तौर पर हल्का गुनगुना पानी पिला सकते हैं। यह शरीर को हाइड्रेट रखने के साथ विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालता है। ध्यान रखें सर्दी-खांसी होने पर शिशु को हाइड्रेट रखना जरूरी होता है। 

  1. सरसों के तेल से मालिश

एक कटोरी में एक चम्मच सरसों का तेल लें। इसमें लौंग, लहसुन की कली और चुटकी भर अजवाइन डालकर गर्म करें। ध्यान रखें लहसुन जलना नहीं चाहिए। अब तेल को छान लें। जब तेल गुनगुना हो जाए तो शिशु की छाती और पीठ की अच्छे से मालिश करें। बच्चे को इससे बहुत जल्दी आराम मिलेगा।

  1. शहद

बच्चा यदि एक साल से बड़ा है तो सर्दी-खांसी का शहद असरदार उपाय हो सकता है। रात को सोने से पहले शिशु को शहद का सेवन करा सकते हैं। दरअसल, शहद में एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो गले के इंफेक्शन व बार-बार आने वाली खांसी को दूर करने में सहायक होते हैं। डब्लूएचओ भी शिशु को सर्दी खांसी के लिए शहद और अदरक का रस मिलाकर देने की सलाह देता है।

शिशु को सर्दी-खांसी होने पर इन बातों का भी रखें ध्यान

शिशु को सर्दी-खांसी होने पर लेख में दिए गए घरेलू उपायों के साथ निम्नलिखित बातों का भी विशेष ख्याल रखें।

शिशु को सर्दी-खांसी
शिशु की नींद/ चित्र स्रोत: फ्रीपिक
  • लाइट और पोषण युक्त भोजन का सेवन कराएं। कई बार शिशु सर्दी खांसी होने पर भूख न लगने की शिकायत कर सकते हैं। ऐसे में उन्हें जबरदस्ती खाना न खिलाएं। ध्यान रखें कि वो जितना खाएं वो हल्का और पोषण से भरपूर हो। साथ ही ज्यादा से ज्यादा पानी पिलाएं।
  • यदि शिशु बंद नाक से परेशान है, तो ‘रबर सक्शन बल्ब’ की मदद से उसकी नाक साफ कर सकते हैं। बलगम बहुत हार्ड या गाढ़ा है तो सेलाइन नोज स्प्रे का प्रयोग कर सकते हैं। छह महीने से कम उम्र के शिशु में सेलाइन नोज स्प्रे के इस्तेमाल की मनाही होती है।
  • बच्चे के कमरे में कूल ह्यूमिडिफायर लगा सकते हैं। यह बच्चे को बंद नाक की परेशानी में आराम पहुंचाने में मदद करता है।

इस लेख में आपने शिशु की सर्दी-खांसी के घरेलू उपचार के बारे में जाना। ध्यान रखें यदि इन उपायों को आजमाने के बाद भी नन्हे-मुन्ने की स्थिति में आराम नजर नहीं आता, तो बिना देरी करे डॉक्टर से परामर्श करना बेहतर होगा।

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