• Home  /  
  • Learn  /  
  • शिशु की कहानी शिशु की ज़बानी: माँ शिशु को उसके विकास के बारे में कैसे बताती है?
शिशु की कहानी शिशु की ज़बानी: माँ शिशु को उसके विकास के बारे में कैसे बताती है?

शिशु की कहानी शिशु की ज़बानी: माँ शिशु को उसके विकास के बारे में कैसे बताती है?

13 Apr 2022 | 1 min Read

Tinystep

Author | 2578 Articles

 शिशु अपनी प्यारी मम्मा को अपनी तोतली आवाज़ में कुछ सन्देश भेजना चाहता है। वह माँ से जानना चाहता है की मम्मा मैं इस दुनिया में कैसे आया? मैं इतना बला कैसे हुआ मम्मा? मैंने बोलना, चलना, खाना, दौड़ना कब शुरू किया? माँ उसे प्यारी सी सुंदल(सुन्दर) कहानी सुनाती है?

मैं तुम्हारे पापा से मिली।

 हम दोनों मिलते रहे।

 हमें एक दूसरे से प्यार हो गया।

 तुम्हारे पापा ने मुझसे प्यार का वादा किया।

 उन्होंने मुझसे शादी के लिए पूछा।

 मैंने हाँ कर दिया।

 मैं बहुत खुश हुई।

 हमने एक दूसरे से शादी की।

 शादी के बाद हम एक साथ प्यार से रहते थे। हमारे प्यार की निशानी हो तुम।

 ईश्वर की सबसे खूबसूरत और अद्भुत रचना हो तुम। तुम मिले तो मैंने दुनिया का सारा सुख हासिल कर लिए। तुम्हे गोद में खिलाना और तुम्हारा स्पर्श मुझे गुद-गुदाता है। तुम्हारे मुख से तोतली टूटी फूटी भाषा में माँ सुनने में मुझे बड़ा सुख मिलता है। तुम्हारी मस्त शरारती हरकतें देखने में ऐसा लगता है जैसे चींटी शेर से छुपन छुपाई खेल रही है।

तुम जानना चाहते हो की तुम इतने बड़े कैसे हुए? तो यह चित्र देखो ।। 🙂

तुम एक छोटे से बीज से पौधे बने और उसको मैंने और तुम्हारे पापा ने मिल कर अपने स्नेह-दुलार से तुम्हे पाल पास कर इतना बड़ा किया।

1. पहले तुम छोटे नन्हे मुन्ने बिस्तर पर सिकुड़ कर लेटे रहते थे।

2. एक महीने बाद तुमने अपना चिन(ठुड्डी) ऊपर उठाना शुरू किया।

3. दो महीने बाद मेरे जिगर का टुकड़ा अपनी छाती ऊपर उठाने लगा।

4. चार महीने बाद तुम सहारा लेकर बैठने लगे।

5. 7वे महीने से तुम खुद ब खुद बैठने लगे। तुम्हे बैठे देख मुझे गर्व होता है। तुम नन्हे नाज़ुक कोमल से दिखते थे।

6. नवे महीने से तुम इल्मारी-दरवाज़ा का सहारा लेकर खड़े होने का प्रयास करने लगे।

7. 10वे महीने से तुम अपने हाथ-पैरों के सहारे ज़मीन पर रेंगते थे। 🙂 🙂

8. ग्यारह महीने बाद से तुम सहारे के साथ लड़खड़ाते हूए कदम लेते थे।

9. धीरे धीरे तुमने अकेले चलना सीखे।

10. 12 महीने ख़त्म होने के बाद तुम बिना किसी सहारे के चलने लगे। तुम्हारा चलना मेरी छाती को फक्र से चौड़ा कर देता है।

मेरी आँखों के तारे, मेरी हर धड़कन अब तुम्हारी सेवा और सुरक्षा के लिये समर्पित है। अब तुम्हारी सफलता और ख़ुशी में ही मेरी संतुष्टि है। तुम सफलता की सीढ़ियाँ चलते रहो और अपने शौर्य अऊर वैभव की कहानी लिखो। मेरे साथ कदम से कदम मिलाते अगर तुम मीलों दूर भी निकल गए तो मुझे गम न होगा बस इस ज़िन्दगी की दौड़ और अपने सपने को पूरा करने में तुम मुझे और अपने पिता को भूल न जाना।

तुम्हारी माँ। अपार स्नेह मेरी जान 🙂 i love you forever <3 🙂

इस पोस्ट को अवश्य शेयर करें।

हेलो मॉम्स,

हम आपके लिए एक अच्छी खबर ले कर आये हैं।

Tinystep आपके और आपके बच्चों क लिए प्राकृतिक तत्वों से बना फ्लोर क्लीनर ले कर आया है! क्या आपको पता है मार्किट में मिलने वाले केमिकल फ्लोर क्लीनर आपके बच्चे के लिए हानिकारक है?

Tinystep का प्राकृतिक फ्लोर क्लीनर आपको और आपके बच्चों को कीटाणुओं और हानिकारक केमिकलों से दूर रखेगा। आज ही आर्डर करें – http://bit.ly/naturalfc

like

0

Like

bookmark

0

Saves

whatsapp-logo

0

Shares

A

gallery
send-btn
ovulation calculator
home iconHomecommunity iconCOMMUNITY
stories iconStoriesshop icon Shop