• Home  /  
  • Learn  /  
  • पति का यह प्यार भरा साथ, सारी मुश्किलें आसान कर देता है
पति का यह प्यार भरा साथ, सारी मुश्किलें आसान कर देता है

पति का यह प्यार भरा साथ, सारी मुश्किलें आसान कर देता है

14 Apr 2022 | 0 min Read

Tinystep

Author | 2578 Articles

 जब दोनों के अंश ने जन्म लिया, पति ने दर्द को बाँट लिया – इन चित्रों ने कहानिया बयां की 

इन माँ ने बताया कि “इनके हस्बैंड का इनको पकड़ना बहुत सहायक रहा” वह डिलीवरी के समय उन पर टिक पा रही थी और उन्हें ऐसा लगा मानो उनका दर्द भी बंट गया हो।

लेबर के समय यह पति अपनी पत्नी का हाथ थामे हुए थे। पत्नी का कहना है कि “जब मैं अपने पति की और देख रही थी तो लगा जैसे उन्हें भी यह दर्द हो रहा हो.

इन माँ ने अस्पताल में डिलीवरी के लिए मना कर दिया। इन्होने कहा की इन्हें सिर्फ अपने पति चाहिए और वह सब संभल लेंगें। हर खिंचाव में वह उन्हें शांत रहने को कहते। यह बहुत खूबसूरत लम्हा था।

यहाँ पत्नी ने बताया की उनके पति उनकी हिम्मत थे। वह ठन्डे थे और उनका साहस बढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे थे। सबसे अच्छी बात यह थी की उन्हें पहले से ही पता चल जाता था की क्या करना है बिना कुछ बोले। जब ऐसे पति हों तो डिलीवरी भी आसान हो जातीं है।

यह पति लेबर के दौरान पूरे समय अपनी पत्नी की आँखों में देखते रहे। वह आँखों में ही दिलासा दे गए। वह हर कंट्रक्शन पर अपनी पत्नी के साथ रहे। पत्नी ने कहा की “मुझे दर्द से ज़्यादा ख़ुशी थी” .

वह दर्द कैसा दर्द जब आपके हमसफ़र उसे बाँट लें। चित्र ने बयां किया और इन्होने घर पर एक नन्ही परी को जन्म दिया।

इस चित्र में वह लम्हा कैद है जब माँ अटूट दर्द से गुज़र रही है और वह नयी जान इस दुनिया में आने वाला है। उनके पास उनकी डोउला भी थी पर उनके पति ने सब कुछ संभाल लिया। उन्होंने कहा “मैं और मेरे पति – हम दोनों ने, मिलकर जन्म दिया है।

 यहाँ पत्नी ने सी – सेक्शन से डिलीवरी करवाई। सबसे ज़्यादा, वह अपनी पत्नी को पकड़ के रखे रहे। गंभीरता इस चित्र में झलक रही है।

पानी में जन्म लिए इस शिशु ने सबसे पहले अपने पिता को स्पर्श किया। उन्होंने मिलकर इस दुनिया में शिशु का स्वागत किया। माँ के दर्द को ध्यान में रखके पिता उनकी डिलीवरी में भागीदार बनें।

 यह चित्र अद्भुत है। यहाँ पिता शिशु को उठाने में घबरा रहे थे। यह देखकर माँ को दर्द में भी हंसी आ गयी। माहौल ऐसा सुन्दर बन गया और शिशु दुनिया में आ गया। उसके बाद उन्होंने शिशु को माँ के सीने में रख दिया।

 

यह वह कहानी है जब पति पास में नहीं थे। पर इस दंपत्ति ने इसका समाधान भी निकाल लिया। वह वीडियो कॉल पर रहे और पूरे वक़्त अहसास दिलाया की वह वहां मौजूद हैं।

रिश्ता बना, शादी हुई और नजाने कैसे यह अटूट रिश्ता पति के साथ बन गया। यह वो लम्हें होते हैं जब दोनों का अंश इस दुनिया में आता है। इस प्यार भरी दुनिया में आप खो जाएंगे। सहमत हैं तो ज़रूर इस प्यारे अहसास को शेयर करें।

like

0

Like

bookmark

0

Saves

whatsapp-logo

0

Shares

A

gallery
send-btn
ovulation calculator
home iconHomecommunity iconCOMMUNITY
stories iconStoriesshop icon Shop