मूत्र मार्ग संक्रमण और उसका इलाज

मूत्र मार्ग संक्रमण और उसका इलाज

27 Apr 2018 | 1 min Read

Vinita Pangeni

Author | 554 Articles

महिलाओं को मूत्र मार्ग संक्रमण (UTI) होने की आशंका अधिक होती है। हर 2 महिला में से 1 महिला को और 20 में से एक पुरुष को मूत्र मार्ग संक्रमण हो सकता है। कुछ को कई वर्षों तक यह समस्या रहती है और कुछ मूत्र मार्ग संक्रमण के इलाज से एक ही हफ्तों में ठीक हो जाते हैं। मूत्र मार्ग संक्रमण को बेहतर तरीके से समझने के लिए इस लेख को आगे पढ़िए।

क्या है मूत्र मार्ग संक्रमण? (What is UTI in Hindi)

जब मूत्र मार्ग के आसपास कीटाणुओं की वृद्धि होती है तब UTI होता है। इंग्लिश में मूत्र मार्ग को यूरिनरी ट्रैक्ट कहते हैं। इसमें गुर्दे, मूत्राशय और मूत्रमार्ग शामिल हैं। अधिकांश मूत्र संक्रमण मूत्राशय तक ही सीमित होते हैं और जीवन के लिए खतरा नहीं बनते। गंभीर होने पर यह संक्रमण योनि और गुर्दे तक फैल सकता है।

गुर्दे बीन के आकार के 2 अंग होते हैं। ये रीढ़ के दोनों ओर आपकी पसलियों के नीचे और पेट के पीछे होते हैं। जैसे ही रक्त गुर्दे से बहता है, वो अपशिष्ट को हटाते हैं और इसे मूत्राशय में पेशाब के रूप में जमा कर देते हैं।

मूत्राशय (bladder) शरीर में पेट और जांघों के बीच होता है। मूत्रमार्ग, वह ट्यूब है जो मूत्राशय से और शरीर से पेशाब को बाहर निकालती है। इसलिए यूटीआई से गुर्दे भी संक्रमित होते हैं।

यूरिन इंफेक्शन (यूटीआई) के प्रकार? (Types of UTI in Hindi)

यूरिन इंफेक्शन के चार प्रकार होते हैं। इनके बारे में हम आगे बता रहे हैं।

  • मूत्रमार्ग संक्रमण इसे यूरेथ्रीटीस कहा जाता है
  • मूत्राशय का संक्रमण सिस्टिटिस कहलाता है
  • गुर्दे के संक्रमण को पायलोनेफ्राइटिस कहते हैं
  • योनि का संक्रमण वजीनिटिस कहलाता है 

आगे समझते हैं कि यूरिन इन्फेक्शन क्यों होता है।

मूत्र मार्ग संक्रमण के कारण क्या हैं ? (Causes of Urinary Tract Infection in Hindi)

मूत्र मार्ग संक्रमण का कारण ई.कोली बैक्टीरिया होते हैं। वैसो तो मूत्र मार्ग में जीवाणु नहीं होते, लेकिन आंतों और गुदाद्वार से कीटाणु मूत्र मार्ग में प्रवेश करते हैं, जिससे संक्रमण होता है। बैक्टीरिया के मूत्राशय में प्रवेश करने का जोखिम बढ़ाने वाली चीजें :

  • कीटाणु ठीक से सफाई न रखने के कारण मूत्रमार्ग तक पहुंच जाते हैं
  • पब्लिक बाथरूम का इस्तेमाल करना
  • मूत्र पथ को अवरुद्ध करने वाली स्थितियां – जैसे कि गुर्दे की पथरी
  • ऐसी स्थितियां जो मूत्राशय को पूरी तरह से खाली करना मुश्किल बना देती हैं – जैसे पुरुषों में बढ़ा हुआ प्रोस्टेट और बच्चों में कब्ज
  • प्रतिरक्षा प्रणाली को कमजोर करने वाली दिक्कतें, उदाहरण के लिए, मधुमेह से पीड़ित या कीमोथेरेपी कराने वाले लोग
  • पर्याप्त तरल पदार्थ नहीं पीना
  • जननांग क्षेत्र को साफ और सूखा न रखना

यूरिन इन्फेक्शन क्यों होता है जानने के बाद आगे यूटीआई के लक्षण जानिए।

मूत्राशय संक्रमण के लक्षण (Urine Infection ke Lakshan)

यूरिन इन्फेक्शन के लक्षण (Urine infection symptoms in hindi) बहुत सारे हैं। किसी को इनमें से कुछ यूटीआई के लक्षण (Urine infection ke lakshan) नजर आते हैं, तो कुछ में सभी यूरिन इन्फेक्शन सिम्पटम्स दिखते हैं।

  • तेज बुखार
  • ठण्ड लगना
  • चक्कर आना
  • उल्टियां होना
  • पेट में किनारे पर दर्द होना, पेडू या फिर कमर के एक तरफ
  • बार बार पेशाब आना
  • पेशाब में रक्त होना
  • पेशाब करते समय जलन और दर्द होना
मूत्राशय संक्रमण के लक्षण by Babychakra.com
मूत्रमार्ग संक्रमण के लक्षण से जूझती महिला / स्रोत – पिक्सेल्स

मूत्र में संक्रमण के जोखिम (Risks of Urinary Infection in Hindi)

यूटीआई के जोखिम क्या हैं, जानने के लिए लेख को आगे पढ़ें।

  • मूत्र मार्ग संक्रमण के कारण भविष्य में सेप्सिस (गंभीर संक्रमण) होने का जोखिम है। 
  • किडनी का डैमेज होना
  • किडनी में इंफेक्शन

इन्हें यूरिन इन्फेक्शन के नुकसान की तरह भी देखा जाता है। आगे यूटीआई की जांच के बारे में जानते हैं।

मूत्राशय संक्रमण की जांच (Bladder Infection Diagnosis)

निम्नलिखित परीक्षणों से पेशाब के नमूने की मदद से मूत्र मार्ग संक्रमण का पता लगाया जा सकता है। 

यूरिनलिसिस से पेशाब में मौजूद बैक्टीरिया और केमिकल जैसे नाइट्राइट की जांच की जाती है। इसे सिर्फ यूरिन इन्फेक्शन टेस्ट नाम से भी लोग जानते हैं।

यूरिन कल्चर टेस्ट से भी मूत्र मार्ग संक्रमण का पता लगाया जा सकता है। इस परीक्षण से बैक्टीरिया की पहचान होती है और सही एंटीबायोटिक के चुनाव में मदद मिलती है। यूरिन इन्फेक्शन टेस्ट नाम में यह भी शामिल है।

मूत्र प्रणाली की दूसरी समस्याओं का पता लगाने के लिए निम्नलिखित परीक्षण की भी आवश्यकता पड़ सकती है:

  • पेट का सीटी स्कैन
  • इंट्रावेनस पाइलोग्राम (IVP)
  • किडनी स्कैन
  • गुर्दे का अल्ट्रासाउंड
  • वॉइडिंग सिस्टोउरेथ्रोग्राम

अब एक नजर डालते हैं यूरिन इन्फेक्शन कैसे ठीक होता है पर।

मूत्राशय संक्रमण का इलाज – यूरिन इन्फेक्शन ट्रीटमेंट (UTI Treatment in Hindi)

आमतौर पर मूत्र संक्रमण का इलाज एंटीबायोटिक्स से होता है। कौन-सी एंटीबायोटिक और कितने दिन के लिए लेनी है, यह यूटीआई की गंभीरता पर निर्भर होता है। आमतौर पर तीन दिन की दवा बहुत होती है पर कुछ रोगियों को सात दिन दवाई खानी पड़ सकती है। लोग अक्सर यूरिन इन्फेक्शन मेडिसिन इन हिंदी की तलाश में रहते हैं, लेकिन खुद से कोई दवाई नहीं लेनी चाहिए। 

यूरिन इन्फेक्शन ट्रीटमेंट के बाद आगे इसके बचाव से जुड़ी जानकारी पढ़ते हैं।

मूत्र-संक्रमण से बचाव (Prevention of Urinary Tract Infection in Hindi)

मूत्र पथ संक्रमण के जोखिम को कम करने में उपयोगी कुछ टिप्स शामिल हैं –

  • बैक्टीरिया को फ्लश करने के लिए खूब पानी और अन्य तरल पदार्थ पिएं
  • किसी इंफेक्शन को हल्के में न लें जैसे योनि संक्रमण थ्रश
  • पेशाब आते ही शौचालय जाएं, उसे रोकने की कोशिश बिल्कुल न करें
  • कब्ज से बचें
  • पब्लिक टॉयलेट जाने से बचें या फिर सीट को साफ करके ही उसपर बैठें
  • शौचालय जाने के बाद अपने जननांग को आगे से पीछे (मूत्रमार्ग से गुदा तक) पोंछें। पीछे से आगे पोंछने से गुदाद्वार से बैक्टीरिया

आगे है यूरिन इन्फेक्शन से बचने के उपाय।

यूरिन इन्फेक्शन में घरेलू उपाय (Home Remedies for Urine Infection in Hindi)

यूरिन इंफेक्शन होने पर डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। यूरिन इन्फेक्शन में घरेलू उपाय मददगार नहीं होते हैं। हां मूत्रमार्ग को साफ और बैक्टीरिया से बचाने के लिए बाथ टब में पानी भरकर उसमें टी ट्री ऑयल की एक से दो बूंदें डालकर उसमें कुछ देर बैठें। दरअसल, टी ट्री ऑयल में एंटी-बैक्टीरियल प्रभाव होता है। इससे मूत्राशय संक्रमण का कारण बनने वाले बैक्टीरिया को बढ़ने से रोक सकता है। 

मूत्राशय मार्ग को स्वस्थ और स्वच्छ कैसे रखें ? (How to Keep Urinary Tract Healthy and Clean in Hindi)

यूरिन इन्फेक्शन में घरेलू उपाय करने से ज्यादा योनिक क्षेत्र को स्वस्थ रखने की कोशिश करनी चाहिए। यहां हमने आगे कुछ टिप्स बताए हैं –

  • शौच के बाद अपने योनिक (Vaginal) क्षेत्र को आगे से पीछे तक ठीक से पोछें | इससे कीटाणु गुदा मार्ग से होकर मूत्र मार्ग में प्रवेश नहीं कर पाते।
  • संभोग के बाद मूत्राशय को अवश्य खाली करें
  • पानी अथवा अन्य तरल पदार्थों का अधिक सेवन करने की आदत डालें
  • कपास के ढीले अंतर्वस्त्र (lingerie) पहनें, क्योंकि इससे गुप्त क्षेत्रों में नमी नहीं आती और संक्रमण बढ़ नहीं पाते।

पेशाब में इन्फेक्शन क्यों होता है, यह आप समझ ही गए होंगे। यूटीआई में अपने जननांग को स्वस्थ रखना सबसे जरूरी है। अब आगे हम यूटीआई से संबंधित कुछ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल के जवाब दे रहे हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल – FAQs

यूरिन इन्फेक्शन कितने दिन तक रहता है? 

उपचार शुरू होने के 24 से 48 घंटों के भीतर मूत्राशय  संक्रमण के लक्षण दूर हो जाते हैं। यदि गुर्दा संक्रमण है, तो यूटीआई लक्षण को दूर होने में 1 सप्ताह या उससे अधिक समय लग सकता है।

यूरिन इन्फेक्शन में क्या-क्या प्रॉब्लम होती है? 

बार-बार पेशाब करने की इच्छा, पेशाब करते समय दर्द होना, पीठ के निचले हिस्से में दर्द महसूस होना, आदि।

यूरिन इन्फेक्शन में क्या नहीं खाना चाहिए?

डिहाइड्रेशन का कारण बनने वाले किसी भी खाद्य पदार्थ और पेय पदार्थ का सेवन से बचना चाहिए। इस दौरान मसालेदार खाने से भी बचना चाहिए।

like

273.8K

Like

bookmark

272

Saves

whatsapp-logo

34.3K

Shares

A

gallery
send-btn
ovulation calculator
home iconHomecommunity iconCOMMUNITY
stories iconStoriesshop icon Shop