आयोडीन की कमी से महिलाओं की प्रजनन क्षमता क्षीण हो सकती है

आप सब ने स्कूल में पढ़ा होगा कि कैसे हमारे शरीर में आयोडीन की कमी से गण्डमाला (गोइटर ) जैसे बीमारियां हो जाती हैं | पर ताज़ा खोज के अनुसार आयोडीन की कमी को प्रजनन क्षमता से भी जोड़ा गया है |

 

अमरीका में शोधकर्ताओं ने करीब 500 महिलाओं की जांच की जो की पिछले 5 वर्षों से गर्भ धारण का प्रयास कर रही थीं | उन्होंने जांच में पाया कि जिन महिलाओं के शरीर में आयोडीन कि मात्रा माध्यम से लेकर बहुत ही अधिक कम है उनके गर्भ धारण करने के मौके 46 प्रतिशत से कम हैं |

 

भ्रूण के दिमाग को बनाने में आयोडीन का काफी महत्त्व होता है | गर्भावस्था के समय आयोडीन की कमी नवजात शिशु को मानसिक रूप से विकलांग कर सकती है | हालांकि आश्चर्यजनक बात यह है कि शोध यह भी कहता है कि 30 प्रतिशत महिलाएं जो कि बच्चा पैदा करने की आयु ग्रहण कर चुकी हैं वो भी आयोडीन की कमी झेल रही हैं | आयोडीन का प्राकृतिक स्तर 100 माइक्रोग्राम प्रति लीटर होता है, और उनके शरीर में आयोडीन की मात्रा इससे कम मिली |

 

बेथेस्डा, मेरीलैंड स्थित यूनिस कैनेडी श्रीवर नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ चाइल्ड हेल्थ एंड ह्यूमन डेवलपमेंट में अध्ययन का नेतृत्व करने वाले डॉक्टर जेम्स मिल्स और उनके सहकर्मियों ने सन 2005 से 2009 तक 501 महिलाओं का डाटा इकठ्ठा किया जिन्होंने गर्भनिरोधक का प्रयोग बंद कर दिया था और गर्भ धारण के प्रयास कर रही थीं |

 

अध्ययन दल ने मूत्र का नमूना लिया उसका विश्लेषण करने के लिए | महिलाओं ने बाँझपन से जुड़े खतरे के कारकों के बारे में बताया और अगले एक वर्ष तक अपने सम्भोग और ओवुलेशन चक्र की जांच की |

 

दल ने पाया कि 44 प्रतिशत मूत्र के नमूनों में आयोडीन कि मात्रा साधारण से काम थी | करीब एक चौथाई नमूने साधारण से लेकर खतरनाक कमी के शिकार थे | उनमे आधे से भी काम मात्रा में आयोडीन पाया गया |

 

अध्ययन शुरू होने के एक वर्ष बाद 332 महिलाएं गर्भवती हुईं (71 प्रतिशत ), 42 गर्भ धारण नहीं कर पायीं ( 10 प्रतिशत) और बाकियों ने अध्ययन छोड़ दिया किसी किसी कारण से | अमरीका के मानक के अनुसार गर्भवती और स्तनपान करने वाली महिलाओं को 150 माइक्रोग्राम आयोडीन आवश्यक है पर गर्भधारण करने से पहले कोई मानक तय नहीं किये गए हैं |

 

आयोडीन का प्रमुख स्त्रोत है आयोडाइज़्ड नमक जिसमे हर एक ग्राम में 77 माइक्रोग्राम आयोडीन होता है | पर इसके और भी स्त्रोत हैं

 

यह रही पूरी लिस्ट

  • भुना हुआ आलू : एक सामान्य आलू में 60 माइक्रोग्राम
  • दूध : 56 माइक्रोग्राम एक कप में
  • सूखी समुद्री सीवार: एक चौथाई खाने से 4500 माइक्रोग्राम
  • काड मछली : 8 ग्राम में 99 माइक्रोग्राम आयोडीन
  • झींगा मछली : 8 ग्राम में 35 माइक्रोग्राम
  • हिमालय का क्रिस्टल नमक : आधे ग्राम में 2500 माइक्रोग्राम आयोडीन

 

सारा इलाज स्वस्थ और पोषण से भरपूर भोजन में है जिससे आपको सारे ज़रूरी विटामिन और मिनरल मिल जाते हैं | यदि आप गर्भधारण कर रहे हैं या ना कर रहे हैं सब कुछ खाइये पर हिसाब से | आपके स्वस्थ्य के लिए अच्छा रहेगा |

 

Source of banner image: thyroidal

Disclaimer: This article was sourced from globalhealingcenter and voanews

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स्वस्थ जीवन

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Comments (7)



Priyanka Maheshwari@Momzjourne

; तभी भारत सरकार द्वारा अभियान चलाया गया है

Durga salvi

इसलिए आयोडीन हमारे लिए जरूरी है।

Varsha Rao

आयोडीन एक बहुत जरुरी हैं हमारे स्वास्थ्य के लिए !!!!!

Rani Goswami

Pragnant lady Ko upar se namak lekr khana khana chahiye ya nahi

pushpa

Muze kmi hai aayodin ki..per mai pragnant hu...

neha Maheshwari

Mere third month pregency h aur mujhe thyroid bhi h to mein chawal kha skti hu

Imtiyaz Ali

Jis kisi ko bhi thiriod h vo abhi singade ka mosam h to khub khavo kyo ki ye thirod ke liye ramban osadi h friends Mai bhi rooj kha tha hu farak na pade to Dr. Ko dikahe

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