केले से परहेज़ ना करें, जानिये क्यों? यह हैं 3 वैज्ञानिक कारण

केले से परहेज़ ना करें

 

जानिये केले के बारें में कुछ मिथक और कुछ अच्छी बातें |

 

केला किसी परिचय का मोहताज नहीं है | हम सभी इस फल के बारे में जानते हैं और अक्सर इसे खाते भी हैं | यह एक सबसे सस्ता और सबसे आसानी से मिलने वाला ट्रॉपिकल फल है  और भारत के हर कोने में साल भर पाया जा सकता है |

 

पर पिछले कुछ वर्षों से यह सदाबहार फल संकट में है | केले के बारे में कई भ्रांतियां फैलाई गयीं हैं जिसे लोगों में इसके प्रति शंका उत्पन्न हो गयी है | अब चूँकि यह माताओं से भरा प्लेटफार्म है और अच्छा स्वस्थ्य हमारे लिए बहुत मायने रखता है तो मैं समझती हूँ कि हमें इन भ्रांतियों और दुष्प्रचारों को ख़तम करना है और केले के फायदे के बारे में सभी को जागरूक करना है |

 

केला खाने से वज़न घटता है

 

यह कहना गलत होगा कि केला खाने से वज़न बढ़ता है | केला एक पौष्टिक और बहुत ही आसानी से पचने वाला फल है जिससे वज़न नहीं बढ़ता अपितु शरीर का संतुलन बना रहता है | इसमें काफी प्रचुर मात्रा में कार्बोहाइड्रेट्स, प्रोटीन, विटामिन सी, विटामिन बी 6 , पोटैशियम , मैग्नीशियम, कॉपर, मैंगनीज और कई और पोषक तत्व होते हैं |

 

जबकि वज़न बढ़ने का खतरा पोषक तत्वों से विहीन भोजन में होता है जिसमे सिर्फ कैलोरी होती है | जैसे कि रिफाइंड शक्कर, तेल, अप्राकृतिक तरह से बनाया हुआ भोजन (प्रोसेस्ड फ़ूड ), बिस्कुट, ब्रेड, और सफ़ेद चावल जैसे खाद्य पदार्थ |

 

केले से खांसी और ज़ुकाम नहीं होता

 

केला खाने से ज़ुकाम नहीं होता है | इसके विपरीत केले में मौजूद पौष्टिक तत्व शरीर की सफाई करते हैं | और जिसे आप कफ(बलगम) कहते हैं वो सिर्फ शरीर में वास करने वाले टॉक्सिन्स अथवा विषाक्त पदार्थ  होते हैं | तो यदि आपके बच्चे को केला खाने के बाद बलगम हुआ है तो इसका अर्थ है शरीर में पहले से मौजूद टॉक्सिन्स किसी वजह से बाहर रहे हैं और इसमें केले का कोई दोष नहीं है | अपने शरीर को अंदर से साफ़ करने के लिए अधिक से अधिक फल और सब्ज़ियों का सेवन कीजिए और स्वस्थ रहिये |

 

 

केला पाचन शक्ति को बढ़ाता है

एक सामान्य से केले में 3 ग्राम फाइबर होता है जो इसे फाइबर का एक अच्छा स्त्रोत बनता है | इसमें दो तरीके के फाइबर होते हैं : पेक्टिन और रेसिस्टेंट स्टार्च (मांड)

पेक्टिन एक सक्रिय फाइबर है जिससे आँतों में हलचल होती है, जबकि रेसिस्टेंट स्टार्च पाचन क्रिया से बच कर हमारी बड़ी आंत में जा पहुँचता है जहाँ यह पेट में रहने वाले अच्छे बैक्टीरिया का आहार बनता है |

अब आप ही बताइये कि इतने पौष्टिक और स्वस्थ फल को खाना चाहिए या नहीं ? यदि अगली बार आप केला देखें तो निसंकोच उठाएं, छीलें और खा लें |

#momhealth #hindi #swasthajeevan

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Comments (31)



Randeep Kaur

काश मुझे यह पहले पता होता!

viral

9 month me kela khana chahiye ya nahi

arpita agrawal

Mat khao jada acha rahega

Bhartee Meena

Bnana is my favourite

Mohini Shrawan Pawar

me roj 1kela mere beto ko khilati hu

Raju Cp

Mujhe achchha laga

Harjeet Singh

इससे मुझे बहुत मदद मिली!

Arvind Kumar Verma

Superb subject

Shashi pal

👌👌👌👌

Anjali Amrut Aughade

मुझे इस लेख की ही तलाश थी!

Kusum Kushwaha

jankari dene ke liye sukriya

Raja Rajakhan

मुझे इस लेख की ही तलाश थी!

Khushboo Kumari

इससे मुझे बहुत मदद मिली!

Subash Sahoo

Meri wife pregnancy hai
Uskai thyroid hai
Kya me usko kela de sakti hu

manish gharu

बहुत खूब लिखा गया है

ravi

Nice fruit

Khushboo Kumari

बिलकुल सही समय पर आया यह लेख!

Ajay Tripathi

बिलकुल सही समय पर आया यह लेख!

Bhalchandr Jamdade

jarur khana chahiy

Roop Tara

काश मुझे यह पहले पता होता!

Nigaar imran

Good information

Pramod Patil

बिलकुल सही समय पर आया यह लेख!

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