गर्भावस्था में पौष्टिक भोजन पर एक गाइड

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गर्भावस्था में पौष्टिक भोजन पर एक गाइड

क्या डाइट चार्ट सच में ज़रूरी है ?

आज के तेज़ और आधुनिक युग में एक डाइट प्लान होना बहुत ही महत्वपूर्ण है | आजकल लोगों के पास समय इतना कम होता है और सारा दिन भाग दौड़ में निकल जाता है | ऐसे में स्वास्थ्य के प्रति जागरूक होना आवश्यक है और किसी ना किसी तरह का डाइट चार्ट ज़रूरी है जिससे कि हम अपने खान पान और स्वास्थ्य पर नज़र रख सकें | आप अपने पोषणविद्द अथवा नूट्रिशनिस्ट या फिजिशियन से सुझाव लेकर हर रोज़ के हिसाब से डाइट चार्ट बना सकते हैं | इसका एक अलग फायदा भी है : इससे राशन और सब्ज़ियां खरीदना आसान हो जाता है और आपको सोचना नहीं पड़ता कि हर रोज़ क्या भोजन करेंगे |

 

विभिन्न प्रकार के डाइट चार्ट:

डाइट प्लान अक्सर व्यक्तिगत ज़रूरतों और स्वास्थ्य के हिसाब से बनाये जाते हैं | इसके कुछ उदाहरण हैं : मधुमेह रोगी का डाइट प्लान, व्यायामशील व्यक्ति का डाइट प्लान, व्यायामशाला जाना बंद करने के बाद का डाइट प्लान, जन्म देने के बाद का डाइट प्लान, ह्रदय रोगी का डाइट चार्ट, वज़न बढ़ने का डाइट चार्ट, कोलेस्ट्रॉल कम करने का डाइट चार्ट, इत्यादि | इसी तरह नीचे दिया गया डाइट चार्ट गर्भवती महिलाओं के लिए बनाया गया है :

 

गर्भावस्था का डाइट चार्ट: एक गर्भवती महिला के लिए यह ज़रूरी हो जाता है कि वो पौष्टिक और भरा पूरा आहार ले जिससे कि गर्भ में बढ़ते हुए बच्चे को अतिरिक्त पोषण मिलता रहे | गर्भावस्ता के डाइट चार्ट में निम्नलिखित चीज़ें ज़रूरी हैं :

 

दूध और दूध से बने खाद्य पदार्थ : गर्भवती और स्तनपान करने वाली माओं को रोज़ाना 800 - 1000 मिलीग्राम कैल्शियम की आवश्यकता होती है | इस वजह से दूध से बने हुए पदार्थ जैसे मलाईयुक्त दूध, दही, छाछ, पनीर, इत्यादि को डाइट चार्ट में ज़रूर रखना चाहिए क्यूंकि इनमे सिर्फ कैल्शियम होता है बल्कि प्रोटीन और विटामिन बी 12 भी काफी मात्रा में मौजूद होता है |

 

दाल, अनाज, बाजरा, ज्वार, बादाम, इत्यादि : प्रोटीन आपके शरीर को बढ़ने में मदद करता है और रोज़मर्रा के तनाव और दिनचर्या के लिए ज़रूरी भी है | शरीर को हर मेहनतकश काम में प्रोटीन की ज़रुरत होती है और गर्भावस्था में यह ज़रुरत बढ़ जाती है | इसलिए अपने रोज़ के भोजन में यह सभी पदार्थों को रखें और ढंग से खाएं ताकि आपके शरीर को रोज़ के कार्यभार से निपटने के लिए अधिक ताक़त और पोषण मिल सके |

 

फल और सब्ज़ियां : अपने रोज़ाना के डाइट चार्ट में ताज़े फल और सब्ज़ियां भर भर के रखें जिससे आपके शरीर को प्रचुर मात्रा में फाइबर, विटामिन, और मिनरल्स मिलते रहे | कोशिश यह होनी चाहिए कि दिन में करीब पांच पर सब्ज़ियां और फल ज़रूर खाएं |

 

मछली, मांस और अंडा : मांस और मछली को डाइट चार्ट में रखने से आपके शरीर को आवश्यक मात्रा में प्रोटीन मिलता रहता है | सालमोन और कॉड जैसी मछलियों में काफी मात्रा में ओमेगा 3 फैटी एसिड होता है जो ह्रदय के लिए अच्छा होता है और साथ ही साथ बढ़ते हुए बच्चे के भी सेहतमंद होता है | अंडे में भी काफी मात्रा में पौष्टिक फैट (पीले भाग में) और हाई प्रोटीन (सफ़ेद भाग) होता है | गर्भावस्था में प्रतिदिन दो अण्डों का सेवन कीजिये और स्वस्थ रहिये |

 

द्रव्य : गर्भावस्था के दौरान शरीर को अधिक मात्रा में द्रव्यों की ज़रुरत होती है | अपने शरीर को द्रव्यों से भरपूर रखें, करीब 3 लीटर द्रव्य अवश्य ग्रहण करें और उसमे पानी, फलों का रस, छास, नारियल पानी, चाय, कॉफ़ी और भोजन होना अति आवश्यक है |

 

फैट (वसा): वसा से शरीर को ऊर्जा मिलती है जिससे बढ़ते हुए शिशु का ख्याल रखने और उसे जन्म देने की तैयारी करने में मदद मिलती है | सब्ज़ी का तेल (वेजिटेबल ऑइल) वसा का एक बढ़िया स्त्रोत है क्यूंकि इसमें असंतृप्त (अनसैचुरेटेड ) फैट होता है | मक्खन और घी में संतृप्त (सैचुरेटेड) फैट होता है इसलिए इसका सेवन थोड़ी मात्रा में ही करें |

 

अस्वीकरण : यहाँ पर मौजूद सभी जानकारी पेशेवर सलाह,निदान और उपचार का विकल्प नहीं है | कुछ भी करने से पहले अपने डॉक्टर से जानकारी अवश्य लें |

 

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