बच्चे को पॉटी प्रशिक्षण कैसे दें

अपने बच्चे को पॉटी करने का प्रशिक्षण देना, विशेष रूप से पहले बच्चे को, माता-पिता के लिए सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक हो सकता है।

 

डायपर बदलना माता पिता के लिए बहुत ही रोमांचक और सुखदायी अनुभव नहीं होता है, और वो बड़ी उत्सुकता से उस दिन की प्रतीक्षा करते हैं जब बच्चा पूरी तरह से पॉटी प्रशिक्षित हो जाता है |

 

पॉटी का प्रशिक्षण सही समय पर शुरू करना ज़रूरी है ताकि प्रशिक्षण का अनुभव अच्छा रहे | पॉटी प्रशिक्षण कैसे करना है यह बात उतनी ही ज़रूरी है जितनी कि कब करना है | आपके बच्चे को यह समझ आना चाहिए कि पॉटी आने पर कैसा एहसास होता है और उसे आपसे उस बारे में बात करना या या बताना भी आना चाहिए |

 

अपने बच्चे के लिए पॉटी प्रशिक्षण की सही उम्र क्या है?

किसी भी बच्चे के लिए सही पॉटी प्रशिक्षण आयु बच्चे की कालक्रम की उम्र पर निर्भर नहीं होती है, बल्कि अपने विकास के पड़ाव पर निर्भर करती है। कुछ बच्चे 18 से 24 महीने की आयु के बीच प्रशिक्षित होने के लिए तैयार हैं जबकि अन्य 3 साल तक तैयार नहीं हो पाते हैं। लड़कियां आम तौर पर लड़कों की तुलना में जल्दी पॉटी प्रशिक्षित होने के लिए तैयार होती हैं।

 

बच्चे के पॉटी प्रशिक्षण के लिए तैयार होने के संकेत:

अपने बच्चे द्वारा दिए गए इन संकेतों को देखें जो उनके पॉटी प्रशिक्षण तैयारी को दर्शाते हैं:

 

  • जब वह मल या पेशाब करना चाहता है तो अपने डायपर को भींच लेता है
  • यदि वह किसी अन्य कमरे में या टेबल के नीचे या किसी जगह पर जाकर पेशाब कर रहा है या मल पारित कर रहा है
  • बच्चा का दो या उससे अधिक घंटे के लिए सूखा रहना या फिर नींद से उठने के बाद सूखा रहना
  • गंदे कपड़े में असहज महसूस करना और आपको उन्हें बदलने के लिए कहा।
  • डायपर पहनने से मना करना और आग्रह करना कि उससे भी बड़े बच्चों के जैसे अंतर्वस्त्र मिलें
  • टॉयलेट सीट तक खुद चल कर आने या रेंगते हुए आकर सक्षम होना और अपने पैंट नीचे खींचने में सक्षम होना।

 

पॉटी प्रशिक्षण कैसे दें ?

एक बड़ी बात : पॉटी चेयर निकालिये और बच्चे को कपड़ों के साथ उस पर बैठने को कहिये | गंदे डाइपर को पॉटी चेयर पर रख दीजिये ताकि उसका उद्देश्य बच्चे को पता चल सके |

 

समय पर करवाएं : कई बच्चों का पॉटी करने का एक निर्धारित समय होता है | आप अपने बच्चे को निर्धारित समय पर पॉटी चेयर पर बैठने के लिए प्रेरित कीजिये पर यदि वो उठना चाहे तो तो उसे उठने दें |



उन्हें व्यस्त रखें: जब बच्चा प्रशिक्षण सीट पर हो तो अपने बच्चे को एक पुस्तक पढ़ कर सुनाएं या फिर एक खिलौना दें अपने बच्चे को टॉयलेट सीट का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करें और सफल होने पर उनकी प्रशंसा करें।

 

सतर्क रहें : बच्चों के नियमित शौच की समय के दौरान सतर्क रहें और जैसे ही बच्चा शौच जानें की ज़रुरत दिखाए, उसे टॉयलेट सीट पर बैठा दें | इस समय जो भी काम कर रहे हों उसे बीच में छोड़ दीजिये | बार बार समय पर टॉयलेट सीट तक पहुंचने से इसकी वजह स्थापित हो जाएगी | अपने बच्चे की सही समय पर शौच का संकेत देने के लिए प्रशंसा करें |

स्वच्छता: लड़कियों को हमेशा सामने से पीछे तक धोने या साफ करने के लिए सिखाएं। यह सुनिश्चित करता है कि कोई फेकिल पदार्थ अथवा मल उनकी योनि में प्रवेश नहीं करता है और उन्हें योनि संक्रमण से बचाता है।

 

अपने आप को और अपने बच्चे को हर एक बार शौच और मूत्र से गुजरने के बाद हाथ धोने के महत्व और सही तरीके के बारे में शिक्षित करें। बचपन में होने वाले कई तरह के संक्रमण और बीमारियों को आसानी से हाथ धोने कि वजह से रोका जा सकता है |

 

पॉटी प्रशिक्षण आपके बच्चे के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव  है और यह अपने शरीर पर आत्म-नियंत्रण की भावना विकसित करता है। सबसे महत्वपूर्ण पॉटी प्रशिक्षण युक्तियों में से एक यह है कि यदि आपका बच्चा पॉटी प्रशिक्षित करने के लिए तैयार नहीं है, तो कुछ हफ्तों के लिए ब्रेक लें। काफी प्रोत्साहन के साथ पुनः प्रयास करें और इसे अहम् और शक्ति की लड़ाई बनाएं |

 

अस्वीकरण: लेख में दी गई जानकारी पेशेवर चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार के लिए एक विकल्प के रूप में लक्षित या अंतर्निहित नहीं है। हमेशा अपने डॉक्टर की सलाह लें।

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बाल विकास

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Comments (14)



Varsha Rao

Very helpful in time👍👍

TEENA PATIDAR

Nice information

Amit Sana

इससे मुझे बहुत मदद मिली!

arvind kumar

2yers baby

Sunil Hiremath

Very intligunt and helpful

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