योनि स्त्राव : शरीर का रक्षा तंत्र

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योनि स्त्राव : शरीर का रक्षा तंत्र

स्वस्थ योनि निर्वहन का मतलब स्वस्थ योनि है।

योनि निर्वहन अथवा वजाइनल डिस्चार्ज आम तौर पर श्लेष्म, योनि कि कोशिकाओं, अच्छे बैक्टीरिया (लैक्टोबैसिलस), गर्भाशय ग्रीवा और योनि की कोशिकाओं से निकले तरल पदार्थ से बना योनि का स्राव होता है। सभी महिलाओं को जीवन के विभिन्न चरणों में योनि निर्वहन का अनुभव होता है। एक वयस्क महिला में एक निश्चित मात्रा (2 से 5 मिलीलीटर) तक योनि निर्वहन सामान्य होता है।

 

सामान्य योनि निर्वहन एस्ट्रोजेन हार्मोन के प्रभाव में निकलता है। जिन महिलाओं कि रजोनिवृत्ति अथवा मेनोपॉज़ हो चूका है उनमे स्राव कम होता है। मासिक धर्म चक्र के दौरान योनि निर्वहन ओवुलेशन के दौरान और माहवारी पास आने के समय बढ़ जाता है। गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन करने वाली अथवा गर्भवती महिलाओं में भी यह अधिक होता है। यौन उत्तेजना और यौन गतिविधि के कारण भी योनि निर्वहन बढ़ता है।

 

सामान्य योनि निर्वहन मोटा, सफेद या पारदर्शी और बिना किसी गंध या खुजली संवेदना के होता है। योनि में मौजूद बैक्टीरिया द्वारा उत्पादित लैक्टिक एसिड के कारण यह प्रकृति में अम्लीय है और योनि और मूत्र पथ में संक्रमण को रोकता है।

 

अम्लता में कोई भी परिवर्तन या कमी योनि निर्वहन में असामान्यता को जन्म देती है। संक्रमण, और यौन संक्रमित बीमारियां कुछ सामान्य स्थितियां हैं जो योनि निर्वहन के अम्लीय पीएच को बदलती हैं।

 

असामान्य योनि निर्वहन को कैसे समझा जाए

असामान्य योनि निर्वहन के कारणों में बैक्टीरिया, खमीर, यौन संक्रमित एजेंट इत्यादि शामिल  हैं। योनि क्षेत्र में उपयोग किए जाने वाले टैम्पन, रसायन, शुक्राणुनाशक क्रीम, डच इत्यादि के कारण चिड़चिड़ाहट असामान्य योनि निर्वहन का कारण बन सकती है। गर्भाशय ग्रीवा और गर्भाशय का कैंसर के कारण भी असामान्य योनि निर्वहन होता है लेकिन पर इसमें आमतौर निर्वहन रक्तरंजित होता है।

 

असामान्य योनि निर्वहन की गंध काफी तीखी होती है, और सम्भावना है कि इसके साथ खुजली, पेट में दर्द, मूत्र विसर्जन में जलन, सम्भोग क्रिया में दर्द और योनि क्षेत्र के आसपास लाली और सूजन भी हो सकती है |

 

यहां कुछ सामान्य योनि डिस्चार्ज हैं जिन्हें आप जीवन में विभिन्न चरणों में अनुभव कर सकते हैं और उनका मतलब क्या  है:

 

  1. ग्रे वजाइनल डिस्चार्ज, मछली जैसी गंध, और अत्यधिक खुजली कुछ ऐसे लक्षण हैं जो बैक्टीरियल वजाइनोसिस अथवा वजाइनिटिस जैसी स्तिथियों की ओर इंगित करते हैं | जब भी योनि में घातक कीटाणु बढ़ते हैं तब बैक्टीरियल वजाइनोसिस होता है | यह स्तिथि उन महिलाओं में सामान्य रूप से पायी जाती है जो अत्यधिक सम्भोग करती हैं, कई व्यक्तियों के साथ सम्भोग में लिप्त होती हैं, जिन्हे यौन संक्रमित रोग हैं अथवा धूम्रपान करती हैं |

 

  1. फंगस (कैंडियासिस) खमीर संक्रमण का कारण बनता है जिससे खुजली के साथ दही की तरह दिखने वाला योनि निर्वहन होता है। जन्म नियंत्रण गोलियों पर योनि निर्वहन वाली महिलाएं फंगल संक्रमण से पीड़ित होती हैं। कमजोर रोग प्रतिरक्षा, मधुमेह, यौन गतिविधि में वृद्धि और गर्भनिरोधक उपकरणों (जैसे तांबा टी) का उपयोग करने पर भी योनि निर्वहन और खुजली होती है | यह उन महिलाओं में भी देखी जाती है जिन्हें अन्य स्थितियों के लिए तीक्ष्ण खुराक वाली एंटीबायोटिक दवाएं लेनी पड़ती हैं जो कि योनि में अच्छे बैक्टीरिया को नष्ट करती हैं।

 

  1. एचआईवी, हर्पीस सिम्प्लेक्स वायरस, ट्राइकोमोनास, क्लैमिडिया, और गोनोरिया जैसे लैंगिक रूप से संक्रमित रोगों कि वजह से योनि डिस्चार्ज हरे या पीले रंग में भी होता हैं। एक गंभीर संक्रमण की स्तिथि में निर्वहन झाग जैसा और रक्तरंजित हो सकता है।

 

  1. रजोनिवृत्ति अथवा मेनोपॉज़ के दौरान योनि निर्वहन आमतौर पर पारदर्शी होता है और इसमें खुजली भी होती है। यह कम एस्ट्रोजेन के स्तर के कारण योनि में सूखेपन के परिणामस्वरूप होता है।

 

  1. आमतौर पर युवा लड़कियों में जीवाणु संक्रमण की उच्च संभावनाओं के कारण पहली माहवारी या युवावस्था से पहले ही योनि निर्वहन देखा जाता है।

 

  1. जन्म से पहले मां के हार्मोन के प्रभाव के कारण बच्चों में योनि निर्वहन एक सामान्य सी बात होती है।

 

असामान्य योनि डिस्चार्जों पर अपने स्त्री रोग विशेषज्ञ से चर्चा कीजिये और उचित मार्गदर्शन के अनुसार उपचार करवाइये

 

योनि स्वच्छता के लिए सुझाव

दैनिक रूप से योनि क्षेत्र की स्वच्छता बनाए रखना बेहद महत्वपूर्ण है। यहां कुछ महत्वपूर्ण युक्तियां दी गई हैं जिन्हे ध्यान में रखा जाए :

 

  1. क्षेत्र में नमी से बचें, इसे जितना संभव हो उतना सूखा रखें।
  2. पैंटी लाइनर का प्रयोग करें
  3. शौचालय की हर यात्रा के बाद योनि को ठीक से धोएं
  4.  योनि क्षेत्र को हमेशा आगे से पीछे की दिशा में धोएं | इससे गुदा से योनि में प्रवेश करने वाले कीटाणुओं पर रोक लगती है और फलस्वरूप योनि संक्रमण रोकने में सहायता मिलती है  
  5. योनि क्षेत्र के अंदर या उसके आसपास तीक्ष्ण रसायनों का उपयोग करने से बचें

 

अस्वीकरण: लेख में दी गई जानकारी पेशेवर चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार के लिए एक  विकल्प के रूप में लक्षित या अंतर्निहित नहीं है। हमेशा अपने डॉक्टर की सलाह लें।

 

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