क्या आप अपने शरीर में पल रही उस नन्हीं जान के वज़न को ढंग से रिकॉर्ड कर रही हैं?

प्रेगनेंसी बढ़ने के साथ-साथ माँ का पेट भी बढ़ता है और ये बच्चे की ग्रोथ को दर्शाता है. गर्भावस्था की शुरुआत से ही बच्चा माँ के गर्भ में अलग रेट से बढ़ता है. हर बच्चे का ग्रोथ रेट अलग होता है और वक़्त के साथ इसमें बदलाव भी आते हैं.

 

भ्रूण के वेट का एस्टीमेट कैसे लिया जाता है?

 

 

प्रेगनेंसी की शुरुआत यानि 6 से 9 हफ़्ते के बीच एक डेटिंग स्कैन किया जाता है. इसमें डॉक्टर सिर से लेकर हिप्स तक एक अल्ट्रासाउंड के ज़रिये भ्रूण की ग्रोथ और लम्बाई नापता है. इसे CRL य क्राउन-रैंप लेंथ कहा जाता है. इसके बाद 20वें हफ़्ते के दौरान एक स्कैन और किया जाता है. क्योंकि इस समय तक बच्चे का सिर और उसके शरीर के बाकी हिस्से डेवलप हो चुके होते हैं, इसलिए उनकी लम्बाई भी मापी जाती है. इसमें एब्डॉमिनल गर्थ, थाई बोन लेंथ, का नाप लिया जाता है. बाद की स्टेज में कलर डॉप्लर, स्कैन की मदद से बेबी की ग्रोथ चेक की जाती है.

 

 

एक हफ़्ते के हिसाब से भ्रूण का नॉर्मल वेट एस्टीमेट:

 

हर हफ़्ते के हिसाब से भ्रूण का आइडियल वेट इस हिसाब से है.

 

Pregnancy week

Average Length (cm)

Average Weight (g)

8

1.6

1

9

2.3

2

10

3.1

4

11

4.1

7

12

5.4

14

13

7.4

23

14

8.7

43

15

10.1

70

16

11.6

100

17

13

140

18

14.2

190

19

15.3

240

 

भ्रूण की लम्बाई क्राउन (सिर) से हील्स तक ली जाती है:

Pregnancy week

Average Length (cm)

Average Weight (g)

20

25.6

300

21

26.7

360

22

27.8

430

23

28.9

501

24

30

600

25

34.6

660

26

35.6

760

27

36.6

875

28

37.6

1000

29

38.6

1200

30

39.9

1300

31

41.1

1500

32

42.4

1700

33

43.7

1900

34

45

2100

35

46.2

2400

36

47.4

2600

37

48.6

2900

38

49.8

3100

39

50.7

3300

40

51.2

3500

 

 

इस बात को न भूकाम काम लें कि वेट का ये एस्टीमेट इंटरनेशनल स्टैंडर्ड्स के हिसाब है, अगर आपके डॉक्टर को लगता है कि उस स्टेज के लिए बच्चे का वज़न तय मानक से कम है, तो वो बाकी टेस्ट के लिए लिखेगा।

 

भ्रूण के कम वज़न का क्या मतलब हुआ?

अल्ट्रासाउंड और आपके वज़न को चेक करने के बाद अगर भ्रूण का वज़न कम है, तो आपको डॉक्टर (इन्हें Obstetrician) और टेस्ट के लिए कहेगा। अमूमन एम्निओसेन्टिसिस (Amniocentesis) करवाया जाता है ताकि भ्रूण के कम वज़न का कारण पता चल सके.

 

अस्वीकरण : इस लेख में कही गयी बातें किसी भी तरह से प्रोफ़ेशनल मेडिकल सलाह, ट्रीटमेंट और मूल्यांकन का Substitute नहीं हैं। सबसे पहले अपने डॉक्टर की सलाह लें। हमारा मकसद सिर्फ़ आप तक सही जानकारी पहुंचाना है।

 

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Comments (44)



Thanks for information

Very nice information..thanks

This is exactly what I was looking for. - Bang on!

मुझे इस लेख की ही तलाश थी!

बहुत खूब लिखा गया है

बिलकुल सही समय पर आया यह लेख!

My wife is in 9month of pregnancy and dr suggest us for Ceaser delivery for reason big baby.
Plz suggest and advise

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