प्रेगनेंसी के दौरान वज़न बढ़ना नॉर्मल है, लेकिन बहुत ज़्यादा वज़न नहीं

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प्रेगनेंसी के दौरान वज़न बढ़ना नॉर्मल है, लेकिन बहुत ज़्यादा वज़न नहीं

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तंग होते चूड़ीदार... 

 

प्रेगनेंसी के दौराब वेट बढ़ना कोई हेल्थ इशू नहीं समझा जाता। लेकिन ये बात भी ध्यान देने वाली है कि अत्यधिक वज़न भी सही नहीं है. स्मार्ट एक्सरसाइज़ और बेहतर खान-पान की मदद से आप अपना वेट मैनेज कर सकती हैं. गर्भावस्था में वज़न बढ़ना ग़लत नहीं है, लेकिन ज़्यादा वज़न अच्छी चीज़ नहीं है.

 

प्रेगनेंसी के दौरान नॉर्मल वेट

प्रेगनेंसी के दौरान होने वाले बदलावों में औरत के शरीर में एक बदलाव उसके वज़न में भी आता है. बच्चे को जन्म देने के लिए उसका शरीर उसे तैयार करता है. औसतन, एक महिला का वज़न 11 से 16 किलो के करीब बढ़ता है. शुरुआती समय में 2 किलो तक बढ़ने के बाद, हर हफ़्ते के हिसाब से उसका वज़न आधा किलो बढ़ता है.

 

ये एक तरह से प्रेगनेंसी के दौरान एक्सपेक्टेड वेट गेन के बारे में बताता है. हालांकि, माँ के वज़न, उसके खान-पान, उसकी पहले की प्रेगनेंसी के हिसाब से बी वज़न Decide होता है.

 

वज़नी महिलाओं को 7 से 9 किलो या फिर इससे कम वज़न बढ़ने देना चाहिए। वैसे ये उनके प्रेगनेंसी से पहले के वज़न पर भी निर्भर करता है.

 

अंडरवेट महिलाओं को 13 से 18 किलो तक वज़न बढ़ाना ज़रूरी है.

 

तिड़वा बच्चों को जन्म देने जा रही माँओं को तो 22 किलो तक वज़न बढ़ाना पड़ सकता है.

 

एक और बात याद रखें, भले ही आपका वज़न ज़्यादा हो, प्रेगनेंसी के समय आपको ज़बरदस्ती वज़न कम नहीं करना है. इस समय वज़न कम करना बच्चे और माँ, दोनों के लिए खतरनाक है. ऐसे वज़न कम करने के बजाये, हेल्दी खाने पर ज़ोर दें. अपनी डाइट में ऐसा खाना शामिल करें, इसमें पोषक तत्व ज़्यादा हों. सिर्फ़ कैलोरी से भरे खाने से परहेज़ करें, ये आप दोनों के लिए ठीक नहीं है.

 

प्रेगनेंसी के दौरान अत्यधिक वज़न बढ़ना सही नहीं है, ये कई तरह की परेशानियों को जन्म देता है. इस दौरान जंक फ़ूड से परहेज़ करें और चीनीयुक्त ड्रिंक्स से भी दूर रहें।

 

प्रेगनेंसी में वेट मैनेज करना मुश्किल नहीं अगर कुछ स्मार्ट टिप्स अपनाएं तो. दिन भर में छोटे-छोटे लेकिन विटामिन-प्रोटीन से युक्त खाना लें. खाने की मात्रा कम लेकिन Frequency ज़्यादा रखें। इससे उल्टी और जी मचलाने जैसी प्रॉब्लम नहीं होगी।

 

ज़्यादा से ज़्यादा अन्न-अनाज लें और प्रोसेस्ड खाने को न कहें। रंग-बिरंगे फल खाएं। पानी की कमी न होने दें, कोशिश करें कि जूस और पानी भरपूर मात्रा में लेती रहें। इससे बॉडी में नमी रहेगी और पानी की कमी नहीं होगी।

 

इस दौरान अजीब-अजीब चीज़ों की क्रेविंग होती है. कुछ भी खाने को मन करता है. ये बड़े प्यार से आपकी डाइट प्लानिंग पर पानी फेर सकता है. मन को मारना भी सही नहीं, लेकिन ऐसा कभी-कभार ही करें। इतनी चीटिंग चल सकती है.

 

अगर प्रेगनेंसी से पहले आप एक्सरसाइज़ नहीं करती आयी हैं, तो इस समय शुरुआत कर सकती हैं. एक अच्छे और सीखे हुए योग टीचर से प्रशिक्षण ले सकती हैं. एक्सरसाइज़ न सिर्फ़ आपको फ़िट बनाता है, बल्कि डिलीवरी को भी आसान बनाता है. कोई भी एक्सरसाइज़ शुरू करने से पहले टीचर को प्रेगनेंसी के बारे में ज़रूर बताएं। इसकी मदद से आप डिलीवरी के बाद आपको शेप में आने में आसानी होगी.

 

सबसे ज़रूरी बात, इस दौरान वेट को लेकर ज़्यादा स्ट्रेस न लें. अच्छा खाएं, रिलैक्स करें, सैर पर जाएं।  Happy प्रेगनेंसी!

 

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