पूरक आहार (वीनिंग) शुरू करने के लिए चुनौतियां

cover-image
पूरक आहार (वीनिंग) शुरू करने के लिए चुनौतियां

स्तन पान आपके बच्चे के लिए श्रेष्ठ भोजन है। वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाईजेशन, बच्चो को पहले छह  महीने सिर्फ स्तन पान कराने की सलाह देता है। स्तन पान के साथ पूरक आहार बच्चो को पहले छह महीने के बाद दे सकते है। तकनीकी रूप से यहाँ से दूध छुड़ाने  की प्रक्रिया शुरू होती है।

 

चुनौती १: विरोध

इस चुनौती की सिर्फ एक समाधान है - धैर्य।  धीरे शुरू करें और बच्चे के संकेत को समझने की कोशिश करें।

 

हमेशा याद रखे बच्चे आदि जीवी होते हैं और किसी भी बदलाव का विरोध करेंगे।  कोई भी मनुष्य ऐसा करेगा। हम अपने दिनचर्या के इतने आदि हो जाते हैं की किसी भी बदलाव को स्वीकार करना थोड़ा मुश्किल होता है। अतः  जो चुनौती माँ के सामने सबसे पहले आती है वो है विरोध। अचानक खाने की एक नयी प्रक्रिया पुर्र स्तापित की जाती है, नए खाद्य बनावट, नयी स्वाद तो सहज रूप से बच्चे इसको अस्वीकार कर विरोध करेंगे। कुछ बच्चे इस प्रक्रिया में जल्द खुद को ढाल लेते हैं वहीँ कुछ को समय लगता है।

 

चुनौती २: खाद्य बनावट

अगर आप बच्चे को पहले तरल पदार्थ देते हैं तो बाद में ठोस (गाढ़ा)  भोजन देना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

 

पूर्ण तरल पदार्थ ना  देना एक अच्छा विचार है। बच्चे छह महीने के बाद कुछ बनावट वाले भोजन लेने के सक्षम हो जाते है। यदि आप पहले बच्चे को तरल पदार्थ पर शुरू करते हैं तो आपको दूसरे  चुनौती का सामना करना पड़ सकता है जो है- बनावट वाले भोजन को स्वीकार न करना।

 

चुनौती ३. चिंता  

वीनिंग, अगर सही समय पर शुरू हो तो ये  शिशु के बढ़ने की प्रक्रिया का एक हिस्सा है और शिशु को ही इसका नेतृत्व करने देना चाहिए।

 

चिंता तीसरा चुनौती है। अधिकतर माताओ को इस बात की चिंता है की उसका बच्चा ठीक तरीके से नहीं खा रहा है और बच्चे को सही पोषण नहीं मिल रहा है।  वहीँ कुछ माताओ को इस बात की चिंता होती है की उसके बच्चे को अब उसकी जरूरत नही है। याद रखें की अगर आप अभी भी स्तन पान करा रही हैं तो बच्चे को दूध से पोषण मिल जाएगा, पोषण के लिए सिर्फ भोजन पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं होगी।

 

दांतो की कमी और चबाने से इंकार करना भी एक चिंता का कारण है। कुछ बच्चो को वास्तव में पहला दांत सत्रह महीने तक में आता है। इससे मसूड़े और चबाने के छमता में कोई कमी नही आती है।  बेशक, आपको बच्चे की निगरानी करने और यह सुनिश्चित करने की ज़रूरत है कि वे किसी ऐसे चीज़ को मुँह में ना लें जिसे घोटने में तकलीफ हो। ज्यादातर नौ महीने के बच्चे नरम रोटी या कुछ नरम सब्जियों और मुलायम फलों चबाने में सक्षम होंगे।

 

कुछ माताओ को इस बात की चिंता रहती है की दूध छुड़ाने  का सही समय क्या है। वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाईजेशन बच्चे को दो साल तक स्तन पान कराने  की सलाह देता है। लेकिन माताओ का मानना ये है की बच्चा आश्रित हो जाएगा और दूध छुड़ाना मुश्किल होगा, और इस वजह से स्तन पान की प्रक्रिया को जरूरत से पहले रोक दिया जाता है।

 

याद रखे की अगर आप दूध छुड़ाना चाहते है तो आपको  दृढ़ होना होगा और की स्तन पान नही कराना है। यदि आप बच्चे के हर बार रोने पर स्तन पान कराएंगी तो वो समझ जाएगा  की ऐसा करना अच्छा विचार है। ज्यादातर एक साल के बच्चे आसानी से अपनी माँ का मन बदलने में सफल हो जाते है।

 

कभी कभी वास्तव में माँ स्तन पान नहीं रोकना चाहती है। बच्चा अच्छे से खाना खाता है, रात भर सोता है फिर भी माँ स्तन पान बंद नहीं चाहती है। ये एक भावनात्मक पहलू है और माँ को इसके ऊपर काम करने की जरूरत है। अपना समय लें, बच्चे के साथ जुड़ने के अन्य तरीकों को ढूंढें। आखिरकार, स्तनपान कराना ही एकमात्र तरीका  नहीं है जिससे आप अपने बच्चे से जुड़ सकते हैं।

 

आपका शरीर अद्भुत है और यह जानता है कि इसे  क्या करना है। इसका मतलब है कि यह आपके बच्चे की जरूरत के अनुसार  दूध पैदा करता है। तो स्वाभाविक रूप से, जब दूध छुड़ाने की प्रक्रिया शुरू करते हैं तो आपके शरीर को थोड़ा समय लगता है ये जानने में की अब दूध की आवश्यकता काम हो गई है।

 

चुनौती ४: अतिपूरित स्तन(इंगोरगेमेन्ट)

एक निर्धारित कार्यक्रम  के अनुसार चलना जरूरी है।

सामना करने वाली चुनौतियों में से  एक चुनौती है अतिपूरित स्तन। खासकर जब आपका बच्चा पूरी रात सोता है तो सुबह आप असहज और भारी महसूस कर सकती हैं। या फिर अगर आपने दूध के जगह कुछ खाद्य दे दिया हो तो भी आप भारी और अतिपूरित महसूस करेंगी। चिंता न करें, यह एक अस्थायी चरण है और शरीर जल्द ही सीख जाएगा कि उसे अब धीमी होने की  जरूरत है।

 

आप इसको नियंत्रण  में कैसे लाए

इसके साथ निपटना जरूरी है, हालांकि  आप असहज महसूस करेंगी और स्तन से रिसाव भी हो सकता है। इस समय आप खुद को आराम देने के लिए थोड़ा दूध निकालने (एक्सप्रेस) की कोशिश करें और सूजन को कम करने के लिए ठन्डे पैक का इस्तेमाल करें।

 

अगर रिसाव है तो आप पैड का इस्तेमाल करें या अपने बाहों को छाती के तरफ दबाये जिससे इस प्रक्रिया को धीमी करने में मदद मिलेगी।

 

ये याद रखना महत्वपूर्ण है की आपका शरीर धीरे धीरे दूध पैदा करना कम या बंद कर देगा। इसलिए एक निर्धारित कार्यक्रम  का होना जरूरी है। इस समय अनियमित होने की कोशिश न करें और निर्धारित समय पर अपने बच्चे को खिलाये, विशेष रूप से ठोस भोजन।

 

इस  समय आरामदायक और सहायक अंतर्वस्त्र  पहनें क्योंकि यह सुनिश्चित करेगा कि आपको कोई असुविधा ना हो।

 

यह सलाह दी जाती है कि अचानक दूध बंद न करें क्योंकि इससे गंभीर उत्थान हो सकता है। एक समय में एक फीड बंद करें और धीमे जाएं।

 

यदि आप चिकित्सकीय कारणों से अचानक अनावश्यक रूप से दूध बंद कर रही हैं तो कृपया दवा के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें जो आपके दूध की आपूर्ति को धीमा करने में मदद कर सकता है। यह सुनिश्चित करेगा कि आप आरामदायक हैं और ये  प्रक्रिया आपके लिए शारीरिक रूप से चुनौतीपूर्ण नहीं है।

 

अचानक दूध बंद करना दर्द भरा हो सकता है।  बच्चा ये समझने में असमर्थ रहता है की क्या हो रहा है और माँ एक हार्मोनल बदलाव से गुजरती है जो इस प्रक्रिया को भावनात्मक रोलर कोस्टर बना सकती है। अपने चिकिस्तक से इसके विकल्प के बारे में परामर्श लें जिससे आप इस प्रक्रिया को  धीरे धीरे कर पाए।

वीनिंग के लिए ढेर सारी शुभकामनाएं

 

#shishukidekhbhal #hindi
logo

Select Language

down - arrow
Personalizing BabyChakra just for you!
This may take a moment!