बच्चो मे टायफाईड के टीके का लाभ

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बच्चो मे टायफाईड के टीके का लाभ

टायफाईड एक गंभीर बिमारी है जिसके कई बार घातक परिणाम हो सकते है. एक साधारण टीका इस बिमारी को रोकने मे मदद कर सकता है .


टायफाईड(टायफाईड बुखार) बेक्टीरिया, साल्मोनेला टायफी के कारण होने वाला एक गंभीर संक्रमण है.यह ज्यादातर गंदे खाने या गंदे पानी से फेलता है. ये बिमारी कभी कभार एक व्यक्ती से दुसरे व्यक्ती को भी फैल जाती है.ये रोगाणु को लंबे समय तक फैला सकते है.

 

 


रोग के लक्षण मे तेज बुखार (102 F -104 F तक ). सरदर्द ,मास्पेसियो मे दर्द, पेट दर्द ,भूख  ना लगना ,थकान, गुलाबी चक्कते .कभी कभी उपचार ना होने पर रोगी की मौत भी हो सकती है. टायफाईड के टीका करण से इस बिमारी को रोका जा सकता है.


टीका :


टायफाईड के टीके के प्रकार: टायफाईड के तीन प्रकार के टिके उपलब्ध है:
टायफाईड संयुग्म वेक्सीन (टी सी वी )- यह एक इंजेक्शन के रूप मे दिया जाता है.
टायफाईड V i पोलीसेकाराइड वेक्सीन – यह एक इंजेक्शन के रूप मे दिया जाता है.
T y21a –मोखिक रूप से दिया जाता है.

 

टायफाईड के टीके का समय:


बच्चो के लिये इंडिअन अकादेमी ऑफ पेडियाट्रिक्स (IAP) टीकाकरण अनुसूची मे 23 महिने के दोरान 9 महिने कि उम्र मे ,9 महिने कि उम्र के बाद टीसीवी के साथ टायफाईड टीका करण किया जाता है. जो 9-12 महिने पर दिये जाने पर 2 साल कि उम्र मे एक बूस्टर है.


अगर वी आई पीएस टीका लगाया जाता है तो इसे 2 साल की उम्र मे दिया जाना चाहिये और हर 3 साल मे टीका करण किया जाना चाहिये. यह 2 साल से कम उम्र के बच्चो को नही दिया जाना चाहिये .
जब भी संभव हो IAP, ViPS, पर TCV को रेकॉम्मेंड करता है. यदि एक खुराक रह जाती है तो 18 वर्ष के दोरान केच अप टीका करण किया जा सकता है.
Ty21a गोलीयो के रूप मे दिया जाता है.यह 6 वर्ष से कम उम्र के बच्चो को नही दिया जाना चाहीये. यह साप्ताह के चुने हुय दिन (दिन एक ,दिन तीन,दिन पांच, और दिन सात ) की चार खुराक दी जाती है .
अपने डॉक्टर से बात करे कि आपके बच्चे को टायफाईड का टीका कब लगाना है.

 

यह भी पढ़ें: बच्चे के टीकाकरण की व्यापक सूचि

 

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