छोटे बच्चों में स्वस्थ भोजन की आदतें डालने के 5 टिप्स

दूसरी मांओं की तरह मुझे भी हर दिन अपने बेटे के लिए स्वस्थ भोजन तैयार करने और फिर उसे खिलाने के लिए संघर्ष करना पड़ता है। आप मानें या न मानें, इस पीढ़ी के सभी बच्चे उधम मचाते हैं और मेरा बच्चा भी उनमें से एक है। हालांकि मैं उसे घर के बने खाना साथ-साथ मौसमी सब्जियां भी खिलाने की कोशिश करती हूं। मगर सच्चाई ये है कि बच्चों के पीछे खाना लेकर भागना मुश्किल होने से ज्यादा निराशाजनक होता है।


बच्चे खाना तभी खाते हैं जब खाना फैंसी दिखेगा या खूब स्वादिष्ट होता है। हम कब तक अपने नन्हे को रोज वही एक जैसा उबाऊ दाल, सब्ज़ी, रोटी, खिचड़ी, हलवा, खीर, डोसा, इडली आदि खाने को देते रहेंगे। हमें उन्हें अलग-अलग तरह का खाना क्यों न दें, आख़िर उन्हें भी हर तरह का स्वाद चखने दें, उनके स्वाद-तंतु विकसित होने दें।

 

आप भी इस बात को मानते होंगे कि बच्चे अपने आस-पास का निरीक्षण करते हैं और वे हम बड़ों की नकल भी करने की कोशिश करते हैं। लेकिन जब बात खाने पर आती है तो सारे अनुमान गलत साबित होते हैं। अपने अनुभवों के आधार पर मैं आपको ऐसे 5 टिप्स बताती हूं जो आपके भी काम आ सकते हैं-

 

1. मेनू तय करें:


दिन के 3 समय के भोजन का मेनू पहले से तय कर लीजिए इससे आपको न केवल सब कुछ तैयार करके समय बचाने में मदद मिलेगी बल्कि आप दिन भर की बेहतर योजना भी बना पाएगी, बल्कि आपको संतुलित भोजन की योजना बनाने में मदद मिलेगी और कुछ भी गैरसेहतमंद खाना बनाने से बच जाएंगीं।


मेनू तय करते समय हर समय के भोजन में कम-से-कम एक अनाज/फल/सब्जी शामिल करने की कोशिश करें। उदाहरण के लिए: यदि आप नाश्ते में फलों के साथ दलिया/ स्मूदी खिला रही हैं तो दोपहर के भोजन के लिए सब्जी पुलाव/खिचड़ी आज़माएं या वेजिटेबल कटलेट, दोसा / चिली वेजीज़ बनाएं।

 

2. सब्जियां छुपाएं:


अंत में, मौसमी सब्जियों या फलों को काटें/उबालें और उनके भोजन में शामिल करें (पढ़ें- छिपाएं)।


टिप: सब्जियों को उबाल कर उनकी प्यूरी बनाएं जिन्हें आप अपने बच्चे की उम्र के आधार पर उनकी रोटियों / दाल / खिचड़ी में डाल सकती हैं। जैसे दाल में मैश की हुई हरी लौकी डालें और घी का तड़का दें या रोटी/पराठे में मैश की हुई लौकी डालें और इसे मक्खन के साथ परोसें (इसे ज्यादातर बच्चे पसंद करते हैं) या दही के साथ भी। पराठों को विभिन्न रोचक आकारों में काट कर परोसें।

 

आप चुकंदर, पालक या जैसी दूसरी मौसमी सब्जियां जिन्हें आपके बच्चे नहीं खाते हैं उन्हें भी इसी तरह छुपा कर बना सकते हैं। इन सब्जियों का सुंदर रंग उनके खाने का मज़ा बढ़ा देगा। उन्हें अपने पसंदीदा पास्ता, बर्गर, टिक्का, पिज्जा, रोटी लपेटने में मदद मिलेगी। उनके दही में फलों की प्यूरी मिलाइए और देखिए कि कैसे उसके स्वाद को पसंद करेंगे। फ्रूट स्मूदी बनाएं या कोशिश करें कि फ्रूट आइस क्रीम या लॉलीज़ गर्मियों में आपके लिए मददगार साबित होंगे।

 

3. उनकी पसंद को भी शामिल करें:


भोजन में उनके पसंदीदा आइटम में से कम-से-कम एक को शामिल करने आप उनका ध्यान खाने की ओर आकर्षित कर सकती हैं। जैसे कि मैं लगभग सभी चीज़ों में कुछ मटर मिला देती हूं जिससे मुझे उसे अन्य सब्जियों को भी खिलाने में मदद मिलती है। जब भी वह कुछ नहीं खाता है तो मैं उसे अगली बार खाने में मटर नहीं देती और अगली बार खाने से इंकार करने पर दूसरी सब्जिया खिलाती हूं। मैं पिज्जा, बर्गर, पास्ता पर सब्जी डालने के बाद उस पर बहुत सारे पनीर, मक्खन, दही या केचप डाल देती हूं। खाते समय टीवी के सामने बैठने के बजाय मैं उससे पूरे दिन भर के बारे में बाेंत करती हूं। आप भी इसी तरह उन्हें उनकी पसंदीदा किताब/खिलौने में व्यस्त रखें और बैठकर भोजन करते समय उनकी खुशी देखें।

 

4. नई चीजों को आज़माना न छोड़ें:


सुबह के नाश्ते में नई डिशेज़ पेश करने की कोशिश करें, यही वह समय है जब वे सबसे अधिक सक्रिय रहते हैं और जोरदार भूख लगने के कारण खाने में ज्टादा नखरे नहीं करते। अगर यह आइडिया काम कर गया तो आपके मजे हैं वरना कुछ और आजमाएं। करें।

 

5. बोरिंग हेल्दी चीज को अच्छा बनाएं:


याद रखें कि एक बार बनने वाली अच्छी आदतें जीवन भर बनी रहेंगी और स्वस्थ भोजन सहित अच्छी आदतें सिखाने का समय यही बचपन है। इसके अलावा, यह वह समय है जब उन्हें सब कुछ तलाशने की आवश्यकता होती है, इसलिए अपने भोजन के साथ प्रयोग करते रहें। बोरिंग हेल्दी चीज को अच्छा बनाएं और फिर खुद बदलाव देखें।


मुझे नीचे टिप्पणियों में बताएं कि आप अपने बच्चे के भोजन में स्वस्थ सब्जियां कैसे पेश कर रहे हैं?

 

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