रोते हुए बच्चे को कैसे चुप कराये

नवजात शिशु अपनी बात और परेशानी को कहने और समझाने के लिये रोकर खुद को व्यक्त करते है. उनके पास इसके अलावा कोई रस्ता नही होता है.उनके रोने के पीछे कई कारण छुपे हो सकते है और आपको यह समझने की कोशिश करनी होगी कि आपका बच्चा आपको क्या कहना चाहता है. यह पहली बार थोडा मुश्किल हो सकता है लेकिन यदि आप इसे समझ जाये तो विशेषज्ञ बन जायेंगे.


यहा कुछ जानकारिया है जिससे आपको अपने बच्चे के रोने के कारण और उसे चुप कराने का हल मिल सकता है:


1. उनकी भूख को शांत करे :

 

जब बच्चा रोता है तो यह पहली चीज है जो आपके दिमाग मे आती है. भूख के रोने को पहचानना सीखने के लिए आपको मदद मिलेगी. रोने के वक़्त सबसे पहले बच्चे को दूध पिलाये. यदि बच्चा भूख के लिये रोता है तो वह अपना हाथ चूसेगा, मुह से झाग निकालेगा, होंठ को सूंघेगा, मुह मे हाथ डालेगा आदि.


2. अपने खानपान का ध्यान रखे:

 

आहार संबंधी समस्याये हो सकती है. रोते हुए बच्चे के रोने के बच्चे के पीछे गैस और पेटदर्द सबसे स्पष्ट कारणो मे से एक है क्योकी उनके पाचक तंत्र अभी भी नाजुक है और पोषक तत्वो को पचाना मुश्किल हो सकता है जो आपके स्तनदूध की मदद से पाचन तंत्र मजबूत करता है.अपने आहार को बदलने से असुविधा दूर हो सकती है. कोई भी जरुरी बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह ले.


3. बच्चे को अच्छे से लपेटे:

 

बच्चे को अच्छे से कोरे कंबल मे लपेटे .कई डॉक्टर बच्चे को लपेटने की सराहना करते है. इससे नवजात शिशु को सुरक्षित महसूस होता है. यदि आप यह तकनीक काफी समय से अपना रहे है और तब भी बच्चा चुप नही हो रहा है तो उसे शांत जगह पर लेजाये और वहा पर सुलाने की कोशिश करे.यह बहुत मदद करता है.


4. चलते रहे:

 

बच्चा आस पास की दुनिया को जान ने के लिये उत्सुक होता है. और जब बहुत लंबे समय के लिए बच्चा चार दिवारी मे रहता है तो वह परेशान हो जाता है और रोने लगता है ऐसे मे आप अपने बच्चे को बाहर घुमाने ले जाये ताकी वह अपने आसपास की चीज को देख सके. ऐसे कई तरीके है जिन्हे आप उपयोग कर सकते हो. गतीविधियो की योजना बनाये, अपनी बातचीत को बढाने के लिये परिवार के साथ समय बिताये. बच्चे को पार्क या चिडियाघर की सैर कराये.


5. नये दांतो की जांच करे:

 

जब नवजात शिशु के दांत आते है तब दांतो को मसूडे से फूटने के लिये जोर लगता है जिससे बच्चा पीडा और चिडचिडापन महसूस कर सकता है. और रोता है. यदि आपका शिशु दर्द मे है और आप कारण पता नही लगा पा रहे है तो अपनी साफ उंगली से बच्चे के मसूडो को छुये .यदि वह फूले हुए लग रहे है तो अवश्य ही ये दांत आणे की निशानी है. आप बच्चे की पीडा शांत करने के लिये उनके मसूडो को हल्के हल्के दबाये, या बच्चे को टीथर दे, आप बच्चे के मसूडो पर ठंडा कपडा भी लगा सकते है जिससे बच्चे को दर्द से आराम मिलेगा.


6. कुछ सफेद शोर (आरामदायक ध्वनि) के लिये जाये:

 

रोते हुए बच्चे अक्सर मशीन, वेक्युम क्लीनर या कुछ संगीत शैली से आरामदायक महसूस कर सकते है. पर्यावरण शोर की परवाह किये बिना नींद को प्रोत्साहित करने के लिये विशिष्ट ध्वनियो का उपयोग करे जैसे वर्षावन या सुखदायक समुद्र तट ध्वनि.


7. मिनी सायकलिंग तकनीक अपनाये:

 

यदि आपका बच्चा चुप नही हो रहा है तो उसके पैरो से बाईक चलाने की कोशिश करे, जो उसे पेट की गैस से या दर्द से राहत दिला सकता है. आप बच्चे के दोनो पैरो को जान्घो के पास ले जा सकते है और पैरो को पेट के उपर आधे चक्र मे घुमा सकते है.


एक एहतीयाती शब्द: इन सब तकनीको से आपको यह सीखने मे मदद मिलेगी कि आप अपने रोते हुए बच्चे को कैसे चुप करा सकते है या कैसे सुला सकते है,लेकिन फिर भी आपका शिशु लगातार रो रहा है तो आपको जरुरत है कि डॉक्टर से सलाह ले.

 

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Comments (2)



Nain Pari

बहुत खूब लिखा गया है

Isha Pal

Bahut Acha likha hai

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