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क्या प्रेग्नेंसी के दौरान सौंफ खाना सुरक्षित है?

क्या प्रेग्नेंसी के दौरान सौंफ खाना सुरक्षित है?

14 Feb 2022 | 1 min Read

Ankita Mishra

Author | 279 Articles

गर्भावस्था के चरण काफी नाजुक होते हैं। इस दौरान गर्भवतियों के खानपान को लेकर काफी सतर्क रहना होता है। जहां उन्हें कुछ खाद्यों के सेवन की खास सलाह दी जाती है, वहीं कुछ खाद्य पदार्थों से उन्हें परहेज भी करना होता है। यही एक वजह है कि प्रेग्नेंसी में सौंफ खाना चाहिए या नहीं, इसे लेकर भी संशय देखी जाती है।

इस लेख में हम गर्भावस्था के दौरान सौंफ का सेवन करना चाहिए या नहीं, इसी से जुड़ी जानकारी दे रहे हैं। साथ ही गर्भावस्था में सौंफ खाने के फायदे व नुकसान के बारे में भी बताया है।

क्या प्रेग्नेंसी में सौंफ खाना सुरक्षित है?

नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन (NCBI) के अनुसार, सीमित मात्रा में गर्भावस्था के दौरान सौंफ का सेवन करना सुरक्षित हो सकता है। दरअसल, सौंफ के बीज में एस्ट्रोजेनिक प्रभाव होता है, जिस वजह से गर्भावस्था के दौरान इसका सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए। अध्ययन में यह भी बताया गया है कि सौंफ में एंटीऑक्सिडेंट,एंटी इंफ्लेमेटरी, एंटीबैक्टीरियल जैसे औषधीय गुण होते हैं, जो सूजन कम करने व विभिन्न संक्रामक रोगों से बचाव करने में मदद कर सकते हैं।

ऐसे में अगर प्रेग्नेंसी में सौंफ खाने के फायदे पाना चाहती हैं, तो डॉक्टर की सलाह पर इसकी सीमित मात्रा का ही सेवन करें।

प्रेग्नेंसी में कब करें सौंफ का सेवन?

गर्भावस्था में सौंफ जैसी औषधी के सेवन को लेकर अध्ययनों में यह बताया गया है कि आमतौर पर गर्भावस्था के पहले व दूसरे ट्राइमेस्टर के दौरान गर्भवती महिलाएं सौंफ का सेवन कर सकती हैं। इस दौरान वे प्रेग्नेंसी में सौंफ से बनी चाय पी सकती हैं या सौंफ का इस्तेमाल अन्य खाद्य के रूप में भी कर सकती हैं।

आगे पढ़ें गर्भावस्था में सौंफ खाने के फायदे क्या हैं। लेकिन ध्यान रहे कि संतुलित मात्रा में सेवन करने पर ही सौंफ के फायदे मिल सकते हैं।

गर्भावस्था में सौंफ खाने के फायदे

गर्भावस्था के दौरान सौंफ का सेवन करना कई तरह से फायदेमंद हो सकता है। इसके बारे में नीचे विस्तार से बताया गया है:

1. मॉर्निंग सिकनेस – गर्भावस्था के दौरान मॉर्निंग सिकनेस यानी जी मिचलाने व उल्टी की समस्या आम मानी जाती है। ऐसे में प्रेग्नेंसी में सौंफ का इस्तेमाल इस समस्या को कम कर सकता है। इसके लिए गर्भावस्था में जी मिचलाने पर सौंफ से बनी चाय का सेवन किया जा सकता है।

2. एनीमिया – शोध यह बताते हैं कि सौंफ का सेवन करने से शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं का उत्पादन बढ़ता है, जो शरीर में खून की कमी यानी एनीमिया की समस्या को दूर करने में मदद कर सकता है। ऐसे में माना जा सकता है कि गर्भावस्था में सौंफ खाने के फायदे एनीमिया की समस्या को कम कर सकते हैं।

3. पाचन के लिए – गर्भावस्था में पाचन संबंधी समस्या से राहत पाने के लिए भी सौंफ का सेवन लाभकारी हो सकता है। दरअसल, आहार में सौंफ शामिल करने से भोजन के अवशोषण और पाचन की क्रिया को बेहतर बनाए रखा जा सकता है। इसका यह प्रभाव पेट फूलने व कब्ज जैसी समस्या से भी निजात दिला सकता है। इसकी पुष्टि भारत सरकार की इंडियन कल्चर पोर्टल पर भी की गई है।

4. मधुमेह से बचाव – गर्भवती अपने आहार में सौंफ शामिल करके गर्भावस्था के दौरान जेस्टेशनल डायबिटीज के जोखिम को भी कम सकती हैं। एक रिसर्च पेपर में यह साफ बताया गया है कि सौंफ में हाइपोग्लाइसेमिक (Hyperglycemia) गुण यानी रक्त में शुगर की मात्रा को कंट्रोल करने वाले गुण मौजूद होते हैं, जो मधुमेह के जोखिम को कम कर सकते हैं।

5. रक्तचाप के लिए – शोध बताते हैं कि पोटेशियम युक्त आहार बढ़ते रक्तचाप को कम करने व उसे नियंत्रित करने में मददगार होते हैं। वहीं, सौंफ में फास्फोरस, कैल्शियम व विभिन्न विटामिन के साथ पोटेशियम की मात्रा भी होती है, जो बढ़ते रक्तचाप यानि ब्लड प्रेशर की समस्या को नियंत्रित कर सकते हैं।

प्रेग्नेंसी में सौंफ खाने के दुष्प्रभाव

लेख में यह बता चुके हैं कि सीमित मात्रा में प्रेग्नेंसी में सौंफ का सेवन करना कई तरह से फायदेमंद पाया गया है। हालांकि, कुछ मामलों में गर्भावस्था के दौरान सौंफ का सेवन करना नुकसानदायक भी हो सकता है, जिसके बारे में नीचे बताया गया है।

एलर्जी – प्रेग्नेंसी में सौंफ के दुष्प्रभाव में एलर्जी की प्रतिक्रिया भी शामिल है। ऐसे में अगर कोई महिला गर्भावस्था के दौरान सौंफ का सेवन करना चाहती हैं, तो इस बारे में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

दूसरे खाद्य-पदार्थों के साथ प्रतिक्रिया – कुछ दवाओं के साथ अगर सौंफ का सेवन किया जाए, तो यह उन दवाओं के साथ इंटरैक्शन या पारस्परिक क्रिया भी कर सकता है। ऐसे में अगर डॉक्टर की सलाह पर किसी दवा का सेवन करती है, तो उसे सौंफ का सेवन करने से पहले डॉक्टर से परामर्श करनी चाहिए।

गर्भपात का जोखिम – एक रिसर्च पेपर में यह बताया गया है कि गर्भावस्था के दौरान सौंफ का सेवन करने से गर्भपात का जोखिम भी हो सकता है।

गर्भाशय संकुचन – रिसर्च के अनुसार, अगर गर्भावस्था में अधिक मात्रा में सौंफ से बनी चाय या अन्य खाद्य का सेवन किया जाए, तो यह गर्भाशय में संकुचन यानी यूट्रीन कॉन्ट्रैक्शन (Uterine Contractions) का जोखिम बढ़ सकता है।

इसमें दोराय नहीं की छोटे आकार के सौंफ के बीज विभिन्न औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं। यही वजह है कि प्रेग्नेंसी के दौरान सौंफ खाना सुरक्षित माना गया है। हालांकि, गर्भावस्था में सौंफ के फायदे पाने हैं, तो इसकी सीमित व उचित मात्रा के बारे में डॉक्टर की सलाह जरूर लें। साथ ही, अगर प्रेग्नेंसी में सौंफ के सेवन से किसी दुष्प्रभाव के लक्षण नजर आते हैं, तो इसका सेवन तुंरत बंद कर दें और डॉक्टर से उपचार कराएं।

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