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प्रेग्नेंसी के दौरान हॉर्मोनल एक्ने क्या होता है?

प्रेग्नेंसी के दौरान हॉर्मोनल एक्ने क्या होता है?

16 Feb 2022 | 1 min Read

Mousumi Dutta

Author | 45 Articles

आजकल तो एक्ने की समस्या ज्यादातर लड़कियां कहे या महिलाएं सभी परेशान रहती है। कितना भी स्किन केयर रेजिम फॉलो करें लेकिन एक्ने है कि जाने का नाम ही नहीं लेती। जब सारे जतन करने के बाद भी चेहरे पर ब्रेकआउट्स निकलते जा रहे हैं तो समझ जाना चाहिए कि यह हॉर्मोनल एक्ने है।

असल में हॉर्मोनल एक्ने की समस्या मेंस्ट्रुएशन, प्रेग्नेंसी और मेनोपॉज के कारण होती है। दरअसल यह एक्ने ब्लैकहेड्स और व्हाइटहेड्स से लेकर दर्दनाक सिस्ट तक का रूप ले लेते हैं। हार्मोनल एक्ने सीबम (त्वचा की ग्रंथियों में एक तैलीय पदार्थ) के अधिक उत्पादन के कारण होता है। इसके कारण रोमकूप या त्वचा के छिद्र बंद हो जाते है, जिससे पिंपल्स या हॉर्मोनल एक्ने हो जाते हैं।

हॉर्मोनल एक्ने क्या होता है?

असल में हॉर्मोनल एक्ने वयस्क होने पर ही निकलते हैं, यह 20-50 के उम्र के वयस्कों को ही ज्यादा प्रभावित करते हैं। एक्ने सिर्फ चेहरे पर ही नहीं, कंधा, छाती और पीठ पर भी इन रूपों में दिखाई देते है-

  • पिंपल्स
  • ब्लैकहेड्स
  • व्हाइटहेड्स
  • सिस्ट्स
  • हॉर्मोनल एक्ने, ऑयल ग्लैंड्स में अतिरिक्त मात्रा में सेबम के उत्पादन के कारण होता है।

हॉर्मोनल एक्ने सिर्फ महिलाओं को नहीं, पुरूषों को भी प्रभावित करते हैं। लेकिन ज्यादातर मामलों में यह महिलाओं को ही विशेषकर गर्भवती महिलाओं और रजोनिवृत्ति यानि मेनोपॉज से गुजरने वाली महिलाओं में नजर आता है।

प्रेग्नेंसी के दौरान हॉर्मोनल एक्ने क्या होता है?

अब तक के चर्चा से आप समझ ही गए होंगे कि प्रेग्नेंसी के दौरान जो स्किन ब्रेकआउट्स होते हैं, उनको हॉर्मोनल एक्ने कहते हैं। यह एक्ने शरीर के हॉर्मोन में बदलाव के होने के कारण होता है। करीबन आधे से ज्यादा महिलाओं को इस समस्या से गुजरना पड़ता है।

गर्भावस्था के पहली तिमाही के दौरान हॉर्मोन का स्तर बढ़ जाने के कारण प्रेग्नेंसी के दौरान हॉर्मोनल एक्ने की समस्या होती है। हॉर्मोन का स्तर उच्च हो जाने के कारण त्वचा से प्राकृतिक तेलों का उत्पादन बढ़ता है। अगर पीरियड्स शुरू होने के समय एक्ने निकले थे तो इनके होने की संभावना ज्यादा रहती है। इसके अलावा पहली तिमाही में अगर एक्ने नहीं निकले तो हो सकता है कि दूसरी और तीसरी तिमाही में निकलें।

प्रेग्नेंसी के दौरान हॉर्मोनल एक्ने का उपचार

प्रेग्नेंसी के दौरान हॉर्मोनल एक्ने का निकलना बहुत ही नेचुरल कंडिशन है। आम तौर पर डिलीवरी हो जाने के बाद हॉर्मोन का स्तर सामान्य अवस्था में चले आने के कारण धीरे-धीरे वह ठीक होने लगता है। लेकिन प्रेग्नेंसी के दौरान किसी ओवर-द-काउंटर दवा लेने से बचें, क्योंकि यह गर्भ में पल रहे शिशु को नुकसान पहुँचा सकता है। हॉर्मोनल एक्ने को ठीक करने के लिए आप घरेलू नुस्खों को ट्राई कर सकती हैं। अगर आप प्रेग्नेंट है या प्रेग्नेंट होने का प्लान बना रही हैं तो उपचार शुरू करने से डॉक्टर से जरूर बात कर लें।

प्रेग्नेंसी एक्ने का असुरक्षित उपचार-

आइसोट्रेटिनोइन (Isotretinoin)एक प्रकार का ओरल मेडिकेशन है, जिसका इस्तेमाल एक्ने के गंभीर अवस्था के उपचार के लिए किया जाता है। लेकिन गर्भवती महिलाओं को इसे लेने की गलती नहीं करनी चाहिए क्योंकि इससे शिशु को गंभीर जन्म दोष हो सकता है।

प्रेग्नेंसी एक्ने के उपचार का बेस्ट तरीका

प्रेग्नेंसी एक्ने का उपचार सेल्फ केयर से किया जा सकता है-

प्रेग्नेंसी एक्ने एक्ने का कोई विशेष रूप नहीं होता है। कुछ महिलाओं को प्रेग्नेंसी के दौरान यह समस्या होती है। सीबम का ज्यादा उत्पादन एक्ने निकलने का कारण होता है, क्योंकि इस दौरान हॉर्मोन ओवरड्राइव में चले जाते हैं।

क्लींजर से धोएं- एक्ने के जगह को एक सौम्य क्लींजर से धोएं। दिन में दो बार, हल्के साबुन और गर्म पानी से अपना चेहरा धोएं।

कुछ विशेष उत्पादों से बचें- फेशियल स्क्रब, एस्ट्रिंजेंट और मास्क जैसे उत्पादों से बचें, क्योंकि ये त्वचा में जलन पैदा करते हैं, जिससे मुंहासे बढ़ सकते हैं। बार-बार धोने और स्क्रबिंग से भी त्वचा में जलन हो सकती है।

शैंपू करें- नियमित रूप से शैम्पू करें। यदि आपके हेयरलाइन के आसपास मुँहासे निकल रहे हैं, तो हर दिन बालों को शैम्पू करें।

दागों को खरोचें नहीं- एक्ने के मुँह को या दाग को नाखून से खरोचें नहीं। ऐसा करने से संक्रमण हो सकता है या दाग-धब्बे होने लग सकते हैं।

त्वचा को बार-बार स्पर्श मत कीजिए- अपने चेहरे को बार-बार छूने से बचें। चेहरे पर बाल नहीं गिरने चाहिए। बाल को बांधकर रखें। टाइट कपड़े या टोपी न पहनें। पसीना और तेल मुँहासों को बढ़ाते हैं।

घर पर नेचुरल तरीके से हार्मोनल एक्ने या प्रेग्नेंसी एक्ने का इलाज कैसे करें

नींबू- नींबू अल्फा हाइड्रॉक्सी एसिड होता है। जब आपकी त्वचा पर नींबू का रस लगाया जाता है, तो यह रोमछिद्रों को खोलने और डेड स्किन सेल्स को हटाने में मदद करता है। इसका जीवाणुरोधी गुण एक्सफोलिएंट के रूप में काम करता है। नींबू के रस को दस मिनट तक चेहरे पर लगाएं और फिर पानी से धो दें।

वर्जिन कोकोनट ऑयल- नारियल के तेल में जीवाणुरोधी और एंटिफंगल गुण होते हैं। यह त्वचा में जल्दी अवशोषित हो जाता है और आराम दिलाता है। सोने से पहले मॉइश्चराइजर की जगह वर्जिन नारियल तेल लगाएं और सुबह माइल्ड साबुन से धो दें।

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