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प्रेग्नेंसी में भारी सामान उठाना: क्यों नहीं उठाना चाहिए प्रेग्नेंसी के दौरान भारी चीजें? कारण व नुकसान

प्रेग्नेंसी में भारी सामान उठाना: क्यों नहीं उठाना चाहिए प्रेग्नेंसी के दौरान भारी चीजें? कारण व नुकसान

20 Feb 2022 | 1 min Read

Ankita Mishra

Author | 279 Articles

गर्भावस्था का सफर हर महिला के लिए सबसे खास होता है। इसी वजह से इस दौरान उसे न सिर्फ खुद की सेहत के प्रति, बल्कि शिशु के स्वास्थ्य के लिए भी सतर्क रहना चाहिए। ऐसे में एक गर्भवती महिला को कई तरह के परहेज भी करने चाहिए, जिसमें प्रेग्नेंसी में भारी सामान उठाना भी शामिल है। गर्भावस्था के दौरान वजन उठाना क्यों मां व शिशु के लिए हानिकारक हो सकता है, इसके बारे में विस्तार से पढ़ें। साथ ही, प्रेग्नेंसी में भारी सामान उठाने के टिप्स भी दिए गए हैं।

क्या प्रेग्नेंसी में भारी सामान उठाना चाहिए?

प्रेग्नेंसी में भारी सामान उठाना चाहिए या नहीं, यह  महिला के प्रेग्नेंसी के चरणों पर अधिक निर्भर कर सकता है। गर्भावस्था की पहली तिमाही तक हल्के-फुल्के वजन को उठाना व शारीरिक कार्यों को करना सुरक्षित माना जा सकता है। वहीं, स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, गर्भावस्था की दूसरी और तीसरी तिमाही में गर्भवती महिलाओं को ध्यान रखना चाहिए कि उन्हें अधिक भारी सामान नहीं उठाना चाहिए। इस दौरान न ही उन्हें ज्यादा झुकना चाहिए।

गर्भावस्था के दौरान वजन उठाना क्यों सुरक्षित नहीं है?

गर्भावस्‍था में भारी सामान उठाना सुरक्षित न होने के पीछे कई कारण हैं। इन कारणों में गर्भावस्था के बढ़ते चरणों से लेकर गर्भवती महिला की शारीरिक गतिविधियां तक शामिल है, जिसे नीचे बिंदुओं के जरिए बताया गया है।

1. बढ़ता गर्भाशय

गर्भावस्था के चरणों में जैसे-जैसे शिशु का विकास होता है, वैसे-वैसे गर्भवती महिला व शिशु के शरीर में बदलाव होते रहते हैं। इससे गर्भाशय फैलने लगता है, जिस वजह से झुकना या गर्भावस्था के दौरान वजन उठाना शरीर के जोड़ों व मांसपेशियों पर दबाव डाल सकता है, जो गर्भावस्था के लिए जोखिम भरा हो सकता है।

2. कूल्हे के जोड़ का ढ़ीला होना

गर्भवती महिला का शरीर अपने आप ही प्रसव के लिए तैयार होने लगता है। इस दौरान गर्भावस्था के तीसरे चरण में आते ही कूल्हो के जोड़ ढीले होने लगते हैं, ताकि बच्चे की डिलीवरी में परेशानी न हो। वहीं, अगर इस दौरान गर्भावस्‍था में भारी सामान उठाना पड़े, तो यह कूल्हे के जोड़ पर अधिक दबाव का कारण भी बन सकता है।

3. हार्मोनल बदलाव

गर्भावस्‍था में भारी सामान उठाना क्यों नहीं चाहिए, इसका एक अन्य कारण इस दौरान होने वाले हार्मोनल बदलाव को भी माना जा सकता है। प्रेग्नेंसी में होने वाले हार्मोनल बदलाव मांसपेशियां से लेकर, शरीर के जोड़ों को भी कमजोर कर सकते हैं। ऐसे में गर्भावस्था के दौरान वजन उठाना कमर, कूल्हों के साथ ही पेट पर भी दबाव को अधिक बढ़ा सकता है।

इस वजह से प्रेग्नेंसी में भारी वजन उठाने से पेट में दर्द हो सकता है, जिस वजह से ऐसा कहा जा सकता है कि गर्भावस्‍था में ज्यादा वजन उठाने के नुकसान हो सकते हैं। यह न सिर्फ गर्भवती महिला के लिए परेशानी बन सकता है, बल्कि गर्भ में पल रहे शिशु के जीवन के लिए भी जोखिम उत्पन्न कर सकता है।

प्रेग्नेंसी में ज्यादा वजन उठाने के नुकसान क्या हैं?

झुककर प्रेग्नेंसी में भारी सामान उठाना या प्रेग्नेंसी में ज्यादा वजन उठाने के नुकसान निम्नलिखित जोखिम उत्पन्न कर सकते हैंः 

  • प्रेग्नेंसी में भारी वजन उठाने से पेट में दर्द या ऐंठन हो सकती है
  • गर्भपात का जोखिम हो सकता है
  • प्रीमैच्योर डिलिवरी यानी समय से पहले प्रसव हो सकता है
  • गर्भावस्था में समस्या हो सकती है
  • गर्भ में शिशु की मृत्यु भी हो सकती है

ऐसे में अगर इस दौरान गर्भवती महिलाएं किसी कारण झुकना चाहती हैं, तो धीरे-धीरे इस झुक कर बैठ या उठ सकती हैं।

प्रेग्नेंसी में कितना भारी सामान उठाना है सुरक्षित?

प्रेग्नेंसी में कितना भारी सामान उठाना सुरक्षित हो सकता है, इस पर हम अमेरिकन प्रेग्नेंसी की जानकारी बता रहे हैं। इनके विशेषज्ञों के अनुसार, प्रेग्नेंसी के दौरान अगर महिला कोई सामान उठाना चाहती हैं, तो इसका ध्यान रखे कि उसे उठाने के लिए उन्हें झुकना न पड़े। न ही वह सामान इतना भारी हो कि उसे उठाने से उनकी शरीर की मांसपेशियों पर किसी तरह का दबाव बनें।

सीधे शब्दों में समझाएं, तो ऐसा कहा जा सकता है ऐसा सामान जिसे उठाने में किसी तरह भार महसूस न हो, उसे उठाना सुरक्षित माना जा सकता है। 

प्रेग्नेंसी में वजन उठाना कब सबसे अधिक खतरनाक हो सकता है?

जैसा कि जानते ही हैं कि प्रेग्नेंसी के शुरुआती चरणों से लेकर प्रसव के बाद भी महिला का शरीर कई बदलावों से होकर गुजरता है। इस दौरान शुरू की पहली तिमाही यानी 12 हफ्तों तक गर्भाशय के निर्माण व शिशु के आकार में तेजी से बनावट व बदलाव होते रहते हैं। 

इस वजह से गर्भवती महिलाओं को भारी वजन उठाने से बचना चाहिए। वहीं, आखिरी तिमाही में महिला का पेट भी काफी बड़ा हो चुका होता है और उसका शरीर भी प्रसव के लिए तैयार हो चुका रहता है, ऐसे में किसी भी तरह का वजन उठाना महिला के लिए सबसे अधिक खतरनाक हो सकता है। 

प्रेग्नेंसी में भारी सामान उठाने के टिप्स

अब हम आपको प्रेग्नेंसी में भारी सामान उठाने के टिप्स बता रहे हैं। ये टिप्स न सिर्फ गर्भावस्था के दौरान वजन उठाना सुरक्षित बना सकते हैं, बल्कि प्रेग्नेंसी में भारी वजन उठाने से पेट में दर्द की समस्या से भी बचाव करने में मदद कर सकेंगे।

  • सबसे पहले सुनिश्चित करें कि उठाने वाली वस्तु का भार अधिक न हो। उसका भार कम से कम ही हो।
  • गर्भावस्‍था में भारी सामान उठाना है, तो उसके लिए झुकें नहीं। टेबल या मेज पर रखी हुई वस्तुओं को ही उठाना चाहिए। 
  • अगर कोई वस्तु नीचे गिर गई है, तो उसे उठाने के लिए किसी सदस्य की मदद लें। 
  • अगर मदद के लिए कोई सदस्य मौजूद नहीं हैं, तो किसी सहारे के जरिए बैठकर ही उस समान को उठाएं। ताकि झुकना न पड़ें।
  • बैठने या उठने के लिए शरीर को झटका न दें। इस तरह की गतिविधियां धीरे-धीरे ही करें।

गर्भावस्था को सुरक्षित व स्वस्थ बनाने के लिए प्रेग्नेंसी में भारी सामान उठाने से बचें, क्योंकि गर्भावस्था के दौरान वजन न उठाना आपकी गर्भावस्था के अनुभव को न सिर्फ आसान बनाएंगे, बल्कि इसे जच्चे-बच्चे के लिए सुरक्षित भी बना सकते हैं। ध्यान रखें कि प्रेग्नेंसी में मां की सेहत की सही देखभाल सबसे अहम होती है। मां की स्वस्थ सेहत ही एक स्वस्थ व सुरक्षित प्रसव को आगे बढ़ा सकती है। इसके अलावा, अगर भारी वजन उठाने से क्या होता है, इससे जुड़ा आपको कई सावाल है, तो इसके लिए डॉक्टर से भी परामर्श कर सकती हैं।

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