शिशु को डकार दिलाना क्यों जरूरी है?

शिशु को डकार दिलाना क्यों जरूरी है?

2 Jun 2022 | 1 min Read

Vinita Pangeni

Author | 554 Articles

बड़े हों या बच्चे खाना खाते वक्त या खाना खाने के बाद हर किसी ने डकार तो जरूर ली होगी। बड़े और बच्चे काफी आसानी से डकार ले लेते हैं, लेकिन शिशुओं के साथ ऐसा बिल्कुल नहीं है। इसी वजह से कई बार शिशु को डकार दिलानी पड़ती है। अब यकीनन आपके मन में सवाल आ रहा होगा कि आखिर डकार आती क्यों है और शिशु को डकार दिलाना क्यों जरूरी है। इन सवालों का जवाब आप इस लेख को आगे जानेंगे। चलिए, शुरू करते हैं लेख।

शिशु को डकार दिलाना क्या है? 

कभी-कभी शिशु दूध पीते समय हवा को निगल लेते हैं। मुंह के माध्यम से पेट में पहुंच चुकी इस हवा को छोड़ने की प्रक्रिया को डकार लेना व डकार दिलाना कहा जाता है। जब बच्चा स्वयं मुंह/ग्रासनली से इस हवा को छोड़ता है, तो वह शिशु का डकार लेना कहलाता है। 

ऐसा खुद-ब-खुद लंबे समय तक न होने पर, जब माता-पिता शिशु को डकार दिलाने के तरीके अपनाते हैं, तो इसे डकार दिलाना कहा जाता है। दूध पीते समय बार-बार हवा को निगलना एरोफेगिया (Aerophagia) कहलाता है, जिसके चलते बच्चे को कई तरह परेशानियां हो सकती हैं।

शिशु को डकार क्यों दिलाना जरूरी है? 

शिशु के द्वारा निगली गई हवा के कारण उसे होने वाली दिक्कत को दूर करने के लिए शिशु को डकार दिलाना जरूरी है। बर्पिंग बेबी (Burping a baby) के महत्व को आगे बिंदुओं के माध्यम से समझिए।

शिशु को डकार दिलाना - Burping a baby
शिशु को डकार दिलाती माँ / स्रोत – पिक्सेल्स
  1. पेट दर्द – शिशु को डकार दिलाने (Burping a baby) से पेट दर्द की परेशानी कम व खत्म हो सकती है। दरअसल, पेट में हवा के पहुंचने से पेट फूलने लगता है और दर्द शुरू हो जाता है। ऐसे में शिशु को डकार दिलाने से फायदा हो सकता है।
  1. बेचैनी – पेट में हवा के भरने से शिशु बेचैन होने लगते हैं। इस बेचैनी को दूर करने के लिए बेबी को बर्प (Burping a baby) करना जरूरी है। 
  1. भूख में कमी – जब शिशु के पेट में हवा भर जाती है, तो उसे कुछ खाने-पीने का मन नहीं करता। इसलिए, वो बार-बार स्तनपान करने से भी जी-चुराता है। इसका कारण हवा की वजह से शिशु के पेट का फूलना है। ऐसे में शिशु को डकार दिलाकर (Burping a baby) उसकी भूख की कमी को दूर किया जा सकता है।
  1. नींद की समस्या – हवा पेट में भरने के कारण शिशु ठीक से सो भी नहीं पाता है। इसलिए, रात को शिशु को सुलाने से पहले शिशु को डकार दिलाने की सलाह दी जाती है। इससे शिशु की नींद की समस्या को दूर किया जा सकता है। 
  1. गैस की परेशानी – पेट में मौजूद हवा ही गैस कहलाती है। ऐसे में बच्चे को होने वाली गैस की परेशानी को ठीक करने के लिए भी बर्पिंग जरूरी है। इससे पेट की अतिरिक्त हवा और गैस  बाहर निकलती है और शिशु को अच्छा महसूस होता है।
  1. दूध उगलने से बचाव – बच्चों की ग्रासनली पूरी तरह से विकसित नहीं होती है। इसी वजह से इस हिस्से की मांसपेशियां खाना व पानी अंदर जाने के बाद सही तरीके से बंद नहीं हो पाती हैं। नतीजन बच्चे पिया गया दूध वापस उगलने लगते हैं। इस परेशानी से बचने के लिए स्तनपान के बाद या बोतल वाला दूध पिलाने के बाद बच्चे को डकार दिलाई जाती है।

नवजात शिशु को डकार कब दिलवाएं? 

  • एकदम शिशु दूध पीने में आनाकानी करने लगे या रोने लगे, तो उसे डकार दिलाना जरूरी है।
  • बोतल से बच्चे को दूध पिलाने वालों को 30 से 40 एमएल फॉर्मूला मिल्क पिलाने के बाद शिशु को डकार दिलानी चाहिए।
  • स्तनपान कराने वाली महिलाएं शिशु द्वारा एक स्तन का दूध पीने के बाद उसे बर्प कराएं।
  • शिशु की अच्छी नींद के लिए सोने से पहले भी उसे डकार दिलाएं।
बच्चे को डकार दिलाती माँ का प्रतिकात्मक चित्र / स्रोत – पिक्साबे

बच्चों को डकार दिलाने का सही तरीका (How to Burp a Baby)

शिशु को डकार कैसे दिलाएं, सोच रहे हैं, तो इस लेख में आगे बढ़ते हुए जानिए कुछ न्यूबॉर्न बर्पिंग पोजीशन (Newborn burping positions)। इन बर्पिंग पोजीशन की पूरी जानकारी आगे विस्तार से दी गई है। 

गोद में सीधा बैठाकर  

  • सबसे पहले शिशु को अपनी गोद में सीधा बैठा लें।
  • इस दौरान अपने एक हाथ से शिशु के सिर को आगे से सहारा दें।
  • अब बच्चे को कमर के बल आगे की तरफ थोड़ा झुकने दें।
  • इस स्थिति में बैठने से शिशु के पेट की हवा ऊपर आ जाएगी।
  • डकार दिलाने में मदद करने के लिए अपने दूसरे हाथ से शिशु की पीठ को सहला सकते हैं।

बच्चे को गोद में लेटाकर

  • सबसे पहले शिशु को अपनी गोद में लेटाएं।
  • इस दौरान शिशु के पैर जमीन की तरफ लटके होने चाहिए।
  • कमर हल्की मुड़ी हुई होगी और जांघों पर टिकी रहेगी।
  • यह स्थिति शिशु के पेट की हवा को बाहर निकालने में मदद करेगी।

शिशु को कंधे व सीने से लगाते हुए

  • इस स्थिति में कुछ खास करने की जरूरत नहीं है। बस अपने बच्चे को गोद में उठा लें।
  • शिशु का सिर आपके कंधे से लगा होना चाहिए।
  • अपने हाथों से शिशु को सहारा देते हुए उसकी पीठ को हल्का मल लें।

शिशु डकार लेते हुए दूध उगलते हैं?

जी हां, डकार लेते समय कई बार बच्चे थोड़ा दूध भी बाहर उगल देते हैं। इससे घबराने की जरूरत नहीं है। डकार लेते समय दूध उगलना सामान्य बात है। करीब 7 से 12 महीने के होने पर खुद-ब-खुद शिशु का दूध उगलना बंद हो जाता है।

डकार संबंधित सभी जरूरी सवालों के जवाब इस लेख में दिए गए हैं। इस जरूरी प्रक्रिया को शिशुओं के लिए आसान बनाने के लिए पेरेंट्स शिशु को डकार दिलाने के तरीके और पोजीशन की मदद ले सकते हैं। इन डकार दिलाने वाली पोजीशन और तरीकों को ध्यान से इस्तेमाल में लाएं। 

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