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क्या बच्चों में कब्ज से राहत दिलाने में होमियोपैथी दवा काम आती है?

क्या बच्चों में कब्ज से राहत दिलाने में होमियोपैथी दवा काम आती है?

12 May 2022 | 1 min Read

Ankita Mishra

Author | 406 Articles

पेरेंट्स को बच्चों से जुड़ी हर छोटी-मोटी बात का बेहद ध्यान रखना होता है। फिर चाहे वो सामान्य सर्दी-जुकाम हो या फिर बच्चों में कब्ज के लक्षण ही क्यों न हो। बात करें बच्चों में कब्ज के लक्षण की, तो कब्ज एक ऐसी समस्या है, जो किसी भी उम्र के व्यक्ति को प्रभावित करती है। 

आमतौर पर लोग बड़ों से लेकर बच्चों में कब्ज के लक्षण दूर करने के लिए घरेलू व होम्योपैथी जैसे उपचार को प्राथमिकता भी देते हैं। ऐसे में पेरेंट्स का यह जानना जरूर है कि क्या बच्चों में कब्ज का होम्योपैथी उपचार करना सुरक्षित है? अगर हां, तो किसी स्थितियों में उन्हें बच्चों में कब्ज का होम्योपैथी उपचार करना चाहिए और कब इससे परहेज करना चाहिए?

इसी से जुड़े विभिन्न सवालों के जवाब हम इस लेख में देने वाले हैं, साथ ही होम्योपैथी विषेशज्ञ डॉक्टर की क्या राय है, इसके बारे में भी बात करेंगे। 

बच्चों में कब्ज के लक्षण कैसे पहचानें?

बच्चों में कब्ज के लक्षण निम्नलिखित हो सकते हैं, जिनमें शामिल हैंः

  • बच्चे का खाने से इंकार करना
  • बार-बार थूकना
  • पेट फूलना
  • मल त्यागने में परेशानी होना
  • सूखा या कठोर मल
  • पेट में दर्द और ऐंठन होना
  • एक सप्ताह में तीन बार से कम पॉटी जाना
  • बेवजह चिड़चिड़ा होना
  • माइग्रेन होना

क्या बच्चों में कब्ज का होम्योपैथी उपचार किया जा सकता है?

हां, बच्चों में कब्ज का होम्योपैथी उपचार किया जा सकता है। इस बात की जानकारी खुद भारत सरकार, आयुष मंत्रालय ने दी है। आयुष मंत्रायल ने नवजात शिशुओं व छोटे बच्चों में कब्ज के लक्षण दूर करने के लिए होम्योपैथी उपचार के तौर पर विभिन्न दवाओं की सलाह दी है, जिनमें शामिल हैः

बच्चों में कब्ज
बच्चों में कब्ज / चित्र स्रोतः ट्वीटर

1. एल्यूमिना 30 (Alumina 30)

एल्यूमिना 30 (Alumina 30) की खुराक बच्चों में कब्ज का होम्योपैथिक इलाज बताया गया है। हालांकि, यह दवा सिर्फ उन्हीं बच्चों को देना चाहिए, जो आर्टिफिशियल बेबी फूड का सेवन अधिक करते हैं। इसके अलावा, अगर फॉर्मूला मिल्क पीने के बाद बच्चे के स्वास्थ्य में किसी तरह के बदलाव नजर आते हैं, तो ऐसे बच्चों में कब्ज का होम्योपैथिक इलाज करने के लिए एल्यूमिना 30 (Alumina 30) की खुराक दी जा सकती है।

2. ब्रायोनिया 30 (Bryonia 30)

आयुष मंत्रालय के अनुसार, ब्रायोनिया 30 (Bryonia 30) की खुराक भी बच्चों में कब्ज का होम्योपैथी उपचार हो सकता है। अगर कब्ज के कारण बच्चा अधिक चिड़चिड़ा हो गया है, तो ऐसे बच्चों में कब्ज के इलाज के लिए ब्रायोनिया 30 (Bryonia 30) की खुराक दी जा सकती है।

3. पैराफिनम 30 (Parafinnum 30)

पैराफिनम 30 (Parafinnum 30) भी बच्चों में कब्ज का होम्योपैथिक इलाज है। हालांकि, इसकी खुराक उन्हीं बच्चों को दी जानी चाहिए, जिन्हें कब्ज के कारण बहुत कठोर मल होता है।

बच्चों में कब्ज
बच्चों में कब्ज / चित्र स्रोतः ट्वीटर

नोटः इस बात का ध्यान रखें कि ऊपर बता गए किसी बी दवा का इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें। यह सलाह आयुष मंत्रालय ने भी अपने ट्वीट में जारी की है।

तो, ये थे बच्चों में कब्ज का होम्योपैथी उपचार पर आयुष मंत्रालय की राय। आयुष मंत्रालय की सलाह के साथ ही, यहां पर हम कंसल्टिंग होमियोपैथ एंड क्लीनिकल न्यूट्रिशनिस्ट डॉक्टर श्रुति श्रीधर की सलाह भी बता रहे हैं। 

अगर बच्चे को होमियोपैथी दवा से एलर्जी है, तो घरेलू तौर पर बच्चों में कब्ज का कैसे उपचार करें?

कंसल्टिंग होमियोपैथ एंड क्लीनिकल न्यूट्रिशनिस्ट डॉक्टर श्रुति श्रीधर का कहना है “वैसे देखा जाए, तो होमियोपैथी दवा से एलर्जी होने की संभावना बहुत ही दुर्लभ है। होमियोपैथी में उपयोग की जाने वाली दवाएं बहुत ही पतली और गुणकारी होती हैं, जो दवाओं को बिना किसी दुष्प्रभाव के सभी उम्र के लोगों के लिए उपयोगी और सुरक्षित बनाती हैं।”

“हालांकि, अगर किसी बच्चे को होम्योपैथी दवा से एलर्जी है, तो बाल रोग विशेषज्ञ से सलाह लेने के बाद कुछ घरेलू उपचारों के साथ बच्चे में कब्ज की समस्या को दूर किया जा सकता है, जैसेः”

  • बच्चे को फाइबर से भरपूर आहार जैसे – सब्जियां, फल, साबुत अनाज खिलाना।
  • बच्चे को दिनभर में भरपूर मात्रा में पानी व तरल पेय पिलाना।  
  • बच्चों में कब्ज से राहत पाने के लिए उन्हें पके केले और भीगी हुई किशमिश खिलाना।

आयुष मंत्रालय व होम्योपैथी विशेषज्ञ की सलाह के साथ ही, इसका भी ध्यान रखें कि कब्ज का सबसे सामान्य कारणों में एक है खराब खानपान की आदात। वहीं, अगर बच्चों की आदतों की बात करें, तो अधिकांश बच्चे घर का खाना देखकर मुंह बना लेते हैं और हमेशा जंक फूड खाने की तरह आर्कषित रहते हैं। 

ऐसे में पेरेंट्स को अपने बच्चे के खाने-पीने की आदतों कि उचित निगरानी रखनी चाहिए। अगर बच्चा घर का बना खाना खाने से मना करता है, तो घर पर भी बच्चे के लिए हेल्दी तरीकों से बगर्र, चाट, समोसा और पिज्जा बना सकते हैं। बस ध्यान रखें कि इन्हें बनाने में स्वस्थ व वैक्लपिक खाद्य सामग्रियों का इस्तेमाल करें। ताकि बच्चा घर पर बने पकवान भी खा सके और वह हेल्दी भी रह सके।

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