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दूसरे बच्चे की कर रही हैं प्लानिंग, तो पहले जान लें ये बातें

दूसरे बच्चे की कर रही हैं प्लानिंग, तो पहले जान लें ये बातें

10 Mar 2022 | 1 min Read

Mona Narang

Author | 69 Articles

शादी के बाद प्रेग्नेंसी प्लानिंग को लेकर कपल्स के मन में स्पष्टता रहती है। उन्हें अपना पहला बच्चा कब करना है, इसे लेकर वे पहले ही निर्णय कर चुके होते है। पहली प्रेग्नेंसी को लेकर उनके मन किसी तरह का कोई संशय नहीं होता है। परंतु, जब बात दूसरी प्रेग्नेंसी की प्लानिंग की होती है, तो महिलाओं के मन में कई सवाल होते हैं।

खैर, इस आर्टिकल में हम बात करेंगे उन महिलाओं की जो अपनी दूसरी प्रेग्नेंसी के पीरियड को लेकर हताश हैं। हालांकि दूसरे बच्चा करने के लिए आपके पास सोचने का समय होता है। बावजूद इसके अगर आपके मन में यह शंका है कि दूसरी प्रेग्नेंसी (Planning for Second Baby) कब करनी चाहिए।  

चिंता मत कीजिए क्योंकि इस आर्टिकल में हम आपको बताने जा रहे हैं उस पीरियड के बारे में, जिसमें आप अपने दूसरे बच्चे को दुनिया में ला सकती हैं। आर्टिकल में कुछ सावधानियां बरतने से जुड़ी जानकारी भी दे रहे हैं, जो  बेबी कंसीव करने में काम आएंगी। फिलहाल आपको बताते हैं कि दूसरी प्रेग्नेंसी के लिए आप कितना समय का गैप दे सकती हैं।

दूसरी प्रेग्नेंसी की योजना बनाते समय ध्यान देने योग्य बातें

दूसरी प्रेग्नेंसी
एक माह का शिशु/चित्र स्रोत: फ्रीपिक

दूसरा बच्चा कब करना चाहिए, इसे लेकर कोई सटीक जवाब नहीं दिया जा सकता है। दूसरे बच्चे की प्लानिंग करते समय कई बिंदुओं पर सोचना होता है, जैसे उम्र, स्वास्थ्य, आर्थिक स्थिति आदि। इसके अलावा, पहले बच्चे की जिम्मेदारी भी होती है। ऐसे में दूसरी प्रेग्नेंसी से पहले नीचे दी गई बातों पर विचार कर फैसला करें:

  1. पार्टनर के साथ चर्चा करें– दूसरा बेबी प्लान करने के लिए सबसे पहले पति व पत्नी को आपस में बात करनी चाहिए। वीकेंड के दिन जब दोनों दूसरे कामों से फ्री हो तो इस पर खुलकर चर्चा करें। हो सकता है दोनों में से कोई एक पार्टनर दूसरे बच्चे के लिए तैयार न हो। इसके अपने-अपने कारण हो सकते हैं। जैसे आर्थिक जिम्मेदारी बढ़ना आदि। यह एक ऐसा फैसला है, जिसमें दोनों का तैयार होना जरूरी है।
  1. पहले बच्चा कितना बड़ा है- दूसरी प्रेग्नेंसी प्लान करते वक्त यह ध्यान देना जरूरी है कि पहला बच्चा कितना बड़ा है। ऐसा इसलिए क्योंकि दो छोटे बच्चों को संभालना कोई आसान काम नहीं है। इसलिए पहला बच्चा जब थोड़ा समझदार हो जाए, तब दूसरे बच्चे के बारे में  सोचना बेहतर होगा। दोनों बच्चों के बीच में कम से कम तीन साल का गैप आइडियल माना जा सकता है।
  1. आर्थिक स्थिति- हर माता पिता की ख्वाहिश होती है कि वे अपने बच्चे को सुरक्षित और अच्छा जीवन दें। दूसरे बच्चे के आने का मतलब है खर्चों का बढ़ना। ऐसे में दोनों में से किसी एक की जॉब या बिजनेस सही नहीं चल रहा है। ऐसे में बेबी का प्लान थोड़े समय के लिए होल्ड करें। 

साल दर साल महंगाई बढ़ती जा रही है। आज के समय में बच्चे की परवरिश करना कोई आसान काम नहीं है। अगर पहले बच्चे की परवरिश में बिना कोई समझौता करें आपकी आर्थिक स्थिति इस बात की अनुमति देती है। तभी दूसरे बच्चा प्लान करने का फैसला लें।

दूसरी प्रेग्नेंसी की प्लानिंग
गायनेकोलॉजिस्ट से परामर्श /चित्र स्रोत: फ्रीपिक
  1. मेडिकल चेकअप- दूसरा बच्चा प्लान कर रहे हैं, तो सबसे पहले गायनो से कंसल्ट कर अपना पूरा मेडिकल चेकअप कराएं। गायनो आपको थायराइड टेस्ट, हेमोग्लोबिन, विटामिन-डी आदि जांच कराने की सलाह देंगी। गर्भावस्था के दौरान शरीर में गंभीर परिवर्तन होते हैं। आपका शरीर इसके लिए कितना तैयार है, पहले यह जानना जरूरी है।
  1. समय- आजकल ज्यादातर माएं वर्किंग होती है। ऐसे में आंकलन करें कि क्या घर में कोई है जो बच्चों की परवरिश में आपकी मदद करेगा। साथ ही दफ्तर के बाद दोनों बच्चों के लिए पर्याप्त समय निकालने में आप कामयाब रहेंगी। माना आपके पास मैटरनिटी लीव है। लेकिन, मैटरनिटी लीव सिर्फ 6 महीने के लिए मिलती है। इसके बाद दफ्तर जाना ही पड़ेगा। इसलिए इस विषय पर सोच विचार के बाद ही दूसरे बच्चे का प्लान करें।

दों बच्चों की देखभाल करने का मतलब दोहरी मेहनत होता है। ऐसे में लेख में ऊपर दिए गए बिंदुओं पर सोच विचार कर दूसरे बच्चे की योजना बनाएं। इससे आप दूसरे बच्चे के आने से पहले बच्चे की परवरिश में आने वाली चुनौतियों के लिए भी खुद को तैयार कर पाएंगी। 

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