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गर्भावस्था में मेंहदी लगानी चाहिए या नहीं?

गर्भावस्था में मेंहदी लगानी चाहिए या नहीं?

5 May 2022 | 1 min Read

Vinita Pangeni

Author | 435 Articles

प्रेग्नेंसी या गर्भावस्था में मेंहदी लगानी चाहिए या नहीं, इसको लेकर असमंजस की स्थिति रहती है। गर्भावस्था के समय दोस्त या परिवार वालों की शादी या सगाई, समारोह में सजना-संवरना आदि मेंहदी के बिना अधूरा होता है। सबसे अहम गोदभराई की रस्म तो मेंहदी लगाए बिना अच्छी ही नहीं लगती। 

ऐसे में गर्भावस्था में मेंहदी के उपयोग से जुड़े सवाल के जवाब आप इस लेख में पा सकते हैं। यहां मेंहदी के नुकसान, सुरक्षित मेंहदी जैसी सभी जरूरी बातों की जानकारी दी है। 

क्या गर्भावस्था में मेंहदी का उपयोग कर सकते हैं?

गर्भावस्था में मेंहदी के उपयोग से जुड़े अधिक रिसर्च नहीं हुए हैं। हां, लेकिन यह एकदम स्पष्ट है कि प्रेग्नेंसी में स्किन संवेदनशील हो जाती है। इस दौरान एलर्जी का जोखिम बढ़ जाता है।  इसलिए केमिकल युक्त मेंहदी के इस्तेमाल से बचना चाहिए। जरूरत पड़ने पर आप ऑर्गेनिक हरी मेंहदी का इस्तेमाल कर सकती हैं। बस यह सुनिश्चित जरूर करें कि इसमें कोई केमिकल नहीं हैं।

केमिकल वाली मेंहदी के इस्तेमाल से गर्भावस्था पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। क्या है प्रेग्नेंसी में मेंहदी के नुकसान, यह हम लेख के दूसरे भाग में बताएंगे। इससे पहले मेंहदी से जुड़ी दूसरी बातों पर एक नजर डालते हैं।

क्या प्रेगनेंसी में हाथों पर मेंहदी लगाना सुरक्षित है?

हां, गर्भावस्था में हाथों पर मेंहदी लगा सकते हैं। बशर्ते, मेंहदी पूरी तरह से ऑर्गेनिक हो, ताकि इससे किसी तरह की स्किन एलर्जी का खतरा न रहे। साथ ही हाथों पर ऑर्गेनिक मेंहदी से भ्रूण को भी कोई दिक्कत नहीं होती और ना ही प्रेग्नेंसी से जुड़ी कोई जटिलता होती है। बस तो ध्यान रखें कि केमिकल वाले प्रोडक्ट नहींं इस्तेमाल करने चाहिए।

क्या गर्भावस्था में मेंहदी बालों पर लगाना सुरक्षित है?

हां, प्रेग्नेंसी में बालों पर लाल व हरी मेंहदी मतलब हिना लग सकते हैं। लेकिन बालों में काली मेंहदी या डाय लगाने से तौबा करें। इसमें काफी रसायन होते हैं, जो स्कैल्प और बालों पर नुकसान पहुंचा सकता है।

प्रेगनेंसी में काली मेंहदी का उपयोग क्यों सुरक्षित नहीं है?

प्रेगनेंसी में काली मेंहदी व डाय को असुरक्षित इसमें मौजूद पीपीड केमिकल के कारण माना जाता है। इसे फेनिलिडामाइन के नाम से भी जाना जाता है। यह केमिकल कंपाउंड एलर्जी की वजह बनता है। इसलिए गर्भावस्था में काली मेंहदी से तौबा करना चाहिए।

गर्भावस्था में मेंहदी
गर्भावस्था में मेंहदी / स्रोत – पिक्सल्स

प्रेग्नेंसी के लिए कौन-सी मेंहदी सुरक्षित है?

प्रेगनेंसी में सिर्फ ऑर्गेनिक मेंहदी ही सुरक्षित होती है। इस समय हिना की पत्तियों से बनी मेंहदी को उपयोग में लाना सबसे सेफ है। हाथों में मेंहदी लगाने के लिए बाजार से कोन लेने से बचें। दरअसल, ये मेंहदी रचने के बाद काली हो जाती हैं, जो इस बात का सबूत है कि या तो ये मेंहदी प्राकृतिक नहीं होती या इनका पेस्ट बनाते समय कुछ केमिकल मिलाए जाते हैं। जी हां, कभी  भी प्राकृतिक हिना का रंग रचने के बाद काला नहीं पड़ता है। 

गर्भावस्था में मेंहदी से होने वाले नुकसान

गर्भवती महिलाओं को मेंहदी का उपयोग करते समय क्या सावधानियां बरतनी चाहिए

  • गर्भावस्था के समय सिर्फ प्राकृतिक मेंहदी का उपयोग करें इस्तेमाल करें।
  • प्रेग्नेंसी से पहले भी त्वचा संवेदनशील रही है, तो यह संवेदनशीलता गर्भावस्था में और बढ़ सकती है। इसलिए मेंहदी लगाने से पहले हाथों में पैच टेस्ट कर लें। अगर कोई एलर्जिक रिएक्शन न दिखे, तभी इसे उपयोग में लाएं। 
  • बालों में मेंहदी खुद लगाने के बजाए घर के किसी सदस्य से मदद मांगें। 
  • मेंहदी लगाते समय यह किसी भी तरह से मुंह के अंदर न जाए।
  • मेंहदी लगवाते समय आरामदायक मुद्रा में बैठें। इस काम में समय लगता है और आप सही से नहीं बैठेंगी तो आपको दर्द और नुकसान हो सकता है। 
  • बालों से मेंहदी को साफ कुर्सी में बैठकर करें या पति की मदद लें। 

गर्भावस्था में मेंहदी लगाते व लगवाते समय किसी भी तरह की जलन महसूस हो, तो तुरंत उसे निकाल दें। आप हमेशा अच्छी क्वालिटी की प्राकृतिक मेंहदी को ही तवज्जो दें। इस दौरान हेयर डाय और जंगली काली मेंहदी से बचें।

ऐसी कई मेंहदी और डाय ऑर्गेनिक होने का दावा करती हैं। लेकिन ध्यान दें कि काला रंग केमिकल की वजह से ही होता है। गर्भावस्था के समय तक लोकलुभावन वादों में न आते हुए सिर्फ प्राकृतिक हिना का ही उपयोग करें।

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