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कैसे हल्दी तेल मच्छर के काटने के बाद आराम दिलाता है?

कैसे हल्दी तेल मच्छर के काटने के बाद आराम दिलाता है?

13 May 2022 | 1 min Read

Vinita Pangeni

Author | 421 Articles

मच्छर के काटने के बाद उस जगह होने वाली खुजली से इंसान चिड़चिड़ा-सा हो जाता है। खुजली ही नहीं, बल्कि प्रभावित त्वचा लाल होने लगती है, दाने आने लगते हैं और ऊपर से उसमें सूजन आ जाती है। इन सबके चलते मच्छर के काटने के बाद हर इंसान छटपटा-सा जाता है। इस छटपटाहट और खुजली से राहत पाने में मॉस्किटो आफ्टर बाइट की तरह काम करने वाली हल्दी मदद कर सकती है। यहां हम मच्छर के काटने के बाद हल्दी तेल कैसे परेशानी को कम करती है, यह विस्तार से बताएंगे।

कैसे मच्छर के काटने के बाद हल्दी तेल फायदा पहुंचाता है?

एंटी इंफ्लामेशन

हल्दी तेल को सालों से इसके एंटी इंफ्लामेशन प्रभाव के लिए जाना जाता है। मतलब यह त्वचा में होने वाली सूजन और अन्य बीमारियों के कारण होने वाली सूजन को कम करने की क्षमता रखता है। दरअसल, हल्दी में करक्यूमिन नामक कंपाउंड होता है। यह कंपाउंड सूजन को कम करने में मदद करता है। 

इसी तरह हल्दी तेल में भी यह प्रभाव होता है। इसलिए माना जाता है कि हल्दी तेल मच्छर के काटी हुई जगह में होने वाली सूजन को कम कर सकता है।

एंटीप्रुरिटिक प्रभाव

करक्यूमिन कंपाउंड में मौजूद एंटीप्रुरिटिक प्रभाव से मच्छर के काटने के बाद होने वाली खुजली से राहत मिल सकती है। चूहों पर हुए एक अध्ययन से यह स्पष्ट होता है कि हिस्टामाइन संबंधित खुजली को कम करने में करक्यूमिन कंपाउंड कारगर है। यह कंपाउंड हल्दी और हल्दी तेल में दोनों में पाया जाता है।

दरअसल, जब मच्छर रक्तप्रवाह में लार का स्राव करता है, तो शरीर लार को एलर्जेन समझता है। इसके चलते प्रतिरक्षा प्रणाली रासायनिक हिस्टामाइन को उस क्षेत्र में भेजती है जहां मच्छर आपको काटता है। इस हिस्टामाइन की वजह से ही मच्छर के काटने पर खुजली और सूजन होती है। 

एंटी बैक्टीरियल प्रभाव

मच्छर अपनी लार के माध्यम से वायरस, बैक्टीरिया और पैरासाइट संचारित कर सकते हैं। ऐसे में हल्दी तेल में मौजूद एंटीबैक्टीरियल प्रभाव भी मददगार साबित हो सकता है। मच्छर के काटने के तुरंत बाद हल्दी तेल लगाने से इंफेक्शन के खतरे से बचा जा सकता है।  

कीट निवारक प्रभाव (Insect Repellent)

हल्दी तेल सिर्फ मच्छर के काटने के बाद उससे होने वाली खुजली, दर्द, दाने और सूजन से राहत नहीं दिलाता। इन सबके साथ ही हल्दी तेल कीट निवारक यानी इंसेक्ट रेपिलेंट की तरह काम करता है। यह वो प्रभाव है, जो मच्छरों के काटने से बचाव करता है। यही प्रभाव बाजार में बिकने वाले मच्छर के कॉइल, जेल, क्रीम व रिफिल में होता है।

मच्छर के काटने के बाद हल्दी तेल का इस्तेमाल कैसे करें?

मच्छर के काटने के तुरंत बाद हल्दी तेल को उसी जगह पर लगाकर मल लें। कुछ देर मलने के बाद आपको राहत मिल जाएगी। आप सीधे हल्दी तेल का इस्तेमाल नहीं करना चाहते हैं, तो हल्दी युक्त आफ्टर बाइट खरीद सकते हैं। बस ध्यान दें कि वह पूरी तरह प्राकृतिक और प्रभावकारी हो। आप यह आफ्टर बाइट रोल ऑन भी ले सकते हैं।

आफ्टर बाइट रोल ऑन में हल्दी के साथ ही अन्य आयुर्वेदिक सामग्रियों की भी खूबियां मौजूद हैं। जी हां, हल्दी की खासियत के साथ ही इसमें कैमोमाइल ऑयल, कैलेन्डुला ऑयल, जायफल के तेल, लैवेंडर ऑयल और नारियल तेल के गुण भी मौजूद हैं। इसी वजह से यह और भी प्रभावी तरीके से कार्य कर सकता है। 

आप बच्चे को मच्छर से बचाने के लिए उसके कमरे में मॉस्किटो स्प्रे छिड़क सकते हैं। यह मॉस्किटो स्प्रे पूरी तरह से बच्चों के लिए सुरक्षित है।

आप अपने बच्चे के कपड़े में मॉस्किटो पैच भी लगा सकते हैं। यह पैच बच्चे को मच्छर के काटने से बचा सकता है। यह पैच पूरी तरह से बच्चों के लिए सुरक्षित है।

बस तो ये थी मच्छर के काटने के बाद होने वाली दिक्कत से निपटने के लिए हल्दी तेल से जुड़ी जानकारी। हल्दी तेल का सीधे तौर पर उपयोग करने से कपड़े और बिस्तर पर पीला रंग लगने का डर रहता है। ऐसे में आप हल्दी युक्त बिना केमिकल वाले प्रोडक्ट उपयोग में ला सकते हैं। इनसे रंग लगने का डर भी कम रहता है और प्रभावकारिता और बढ़ जाती है।

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