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World Breastfeeding Week 2022: जब नेहा धूपिया ने ब्रेस्टफीडिंग को लेकर रूढ़िवादी सोच को दी चुनौती

World Breastfeeding Week 2022: जब नेहा धूपिया ने ब्रेस्टफीडिंग को लेकर रूढ़िवादी सोच को दी चुनौती

2 Aug 2022 | 1 min Read

Mona Narang

Author | 175 Articles

बॉलीवुड स्टार्स अक्सर अपने बेबाक अंदाज के लिए फेमस होते हैं। ऐसी ही एक अभिनेत्री हैं, जिसने न सिर्फ फिल्मों में बोल्ड रोल करने को टैबू नहीं समझा, बल्कि असल जिंदगी में एक मुहिम भी शुरू की। हम बात कर रहे हैं बॉलीवुड अभिनेत्री नेहा धूपिया की, जिन्होंने साल 2019 में एक मुहिम शुरू की #freedomtofeed (Freedom to Feed)। इसका मतलब है, हर महिला को फीड कराने की आजादी। 

इस कैंपेन के जरिए नेहा पिछले काफी सालों से समाज में ब्रेस्टफीडिंग को सामान्य बनाने व लोगों को इसके प्रति जागरूक करने की कोशिश में जुटी हैं। सार्वजनिक स्थान पर ब्रेस्टफीडिंग कराने पर लोगों की रूढ़िवादी मानसिकता को लेकर भी उन्होंने बार-बार आवाज उठाई है।

ब्रेस्टफीडिंग के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए नेहा धूपिया ने कही ये बातें

नेहा ने ब्रेस्टफीडिंग को लेकर हमेशा खुलकर अपने विचार रखे हैं और कई अन्य माँ को भी इस विषय में आगे आकर अपने सुझाव रखने का मौका दिया। तो आइए जानते हैं नेहा धूपिया ने ब्रेस्टफीडिंग के प्रति जागरूकता फैलाने व इसे गलत तरीके से न देखने के लिए क्या-क्या कदम उठाएं हैं।

बेटी को ब्रेस्टफीड कराते हुए तस्वीर शेयर

नेहा ने सबसे पहले 2019 में अपनी बेटी को ब्रेस्टफीड कराते हुए एक फोटो अपने सोशल मीडिया अकाउंट में पोस्ट किया था। इसके साथ उन्होंने कैप्शन में अपना अनुभव भी साझा किया। नेहा ने लिखा था कि मां बनने की खुशी अद्भुत है, लेकिन मां बनना आसान नहीं है। रात-रातभर जागना, अपने आपको फूड सोर्स की तरह महसूस करना, ये सब इस खूबसूरत पल का हिस्सा होते हैं। मां अपने बच्चे को बखूबी समझ लेती है। सपोर्ट सिस्टम की अहमियत समझने में मदद की, लेकिन मां बनने के बाद ब्रेस्टफीडिंग कराने में क्या-क्या चुनौतियां आती है, ये भी समझ आने लगा।”  

नेहा ने आगे लिखा कि कैसे एक बार उन्हें फ्लाइट के वाशरूम में अपनी बेटी को ब्रेस्टफीड कराना पड़ा था। इस दौरान वो सिर्फ यह प्रार्थना कर रहीं थी कि कहीं इस दौरान सीट बेल्ट बांधने की अनाउंसमेंट न हो जाए। फिर उन्होंने वॉशरूम से बाहर आकर देर तक वॉशरूम के उपयोग को लेकर माफी भी मांगी थी।

नेहा के इस पोस्ट के बाद सोहा अली खान भी उनकी इस मुहिम का हिस्सा बनी। इसके अलावा, कई अन्य महिलाएं भी उनके सपोर्ट में आईं और उन्होंने भी अपने ब्रेस्टफीडिंग अनुभव को लेकर खुलकर बात की। नेहा ने पिछले साल बेटे को जन्म दिया, जिसके बाद उन्होंने बेटे को ब्रेस्टफीड कराते हुए तस्वीर शेयर की। 

ब्रेस्टफीड तस्वीर पर ट्रोल करने वाले को दिया करारा जवाब

नेहा धूपिया
नेहा धूपिया की बेबी को फीड कराते हुए तस्वीर/ चित्र स्रोत: इंस्टाग्राम

नेहा ने अपने सोशल मीडिया पर बेटी को ब्रेस्टफीड कराते हुए तस्वीर शेयर की थी। इस तस्वीर के साथ नेहा ने कैप्शन में लिखा था  #freedomtofeed। इस पर एक शख्स ने भद्दा कमेंट कर नेहा से ब्रेस्टफीडिंग का वीडियो मांगा। नेहा ने इस ट्रोलर को करारा जवाब देते हुए अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा- इस तरह के लोग न्यू मॉम्स की परेशानियों को बढ़ाते हैं। हर मॉम को अपने बच्चे को कहीं भी, किस भी तरह ब्रेस्टफीड कराने की सहूलियत होनी चाहिए। हमारे समाज में कई लोग ऐसे हैं जो स्तनपान कराती माँ को सेक्शुअली देखते हैं। 

ब्रेस्टफीडिंग कराना माँ का व्यक्तिगत फैसला होना चाहिए

नेहा ने ब्रेस्टफीडिंग पर बात करते हुए अपने एक पोस्ट में लिखा था कि “ब्रेस्टफीडिंग कराने का निर्णय मां का व्यक्तिगत फैसला है। एक माँ जितनी भी देर तक बच्चे को स्तनपान करा सकती है कराएं, क्योंकि यह अच्छा होता है। हालांकि, अगर कोई मां ऐसा करने में असमर्थ होती है या ज्यादा दिनों तक स्तनपान नहीं कराना चाहती है तो इसमें सोचने या उदास होने की बात नहीं है। मां तब भी एक सुपरमॉम ही कहलाएगी।”

ब्रेस्ट मिल्क को न होने दें वेस्ट

नेहा ने ब्रेस्ट मिल्क को वेस्ट होने से बचाने के लिए पंप और एक स्टरलाइजर का उपयोग करने की बात भी कही। इतना ही नहीं उन्होंने यह भी कहा कि पति अंगद ने उनका कदम-कदम पर साथ दिया। चाहे ब्रेस्ट पंप स्टरलाइज करना हो या फिर किसी कारण से नेहा को दूध पिलाने में देरी हो जाए तो अंगद बेटी को दूध पिलाते थे। इतना ही नहीं दूध पिलाने के बाद मेहर को डकार दिलवाने में भी अंगद पूरी मदद करते हैं।

तो ये थे नेहा के ब्रेस्टफीडिंग को लेकर कुछ महत्वपूर्ण स्टेटमेंट। नेहा के इस मुहिम के बाद न सिर्फ हमारा, बल्कि हर ब्रेस्टफीड कराने वाली मां का मानना है कि अब समय आ गया है कि ब्रेस्फीडिंग को लेकर खुलकर बात की जाए। पब्लिक प्लेस में स्तनपान कराने को मुद्दा न बनाया जाए और ना ही महिलाओं को शर्मिंदा महसूस कराया जाए। ब्रेस्टफीडिंग एक सामान्य बात है और अब इसे टैबू नहीं, बल्कि सपोर्ट करने की आवश्यकता है।

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