होम्योपैथी शिशुओं के लिए कितनी सुरक्षित है?

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होम्योपैथी शिशुओं के लिए कितनी सुरक्षित है?

 

होम्योपैथी शिशुओं के लिए कितनी सुरक्षित है?

 

सभी माताओ को यह सवाल मन में होता है की बचे को होम्योपैथी किस उम्र से देनी शुरवात करनी चाहिए । लेकिन जैसे की हम सब जानते है होम्योपैथी का दुष्परिणाम नहीं होता। होम्योपैथी बच्चो को किसी भी उम्र से दे सकते है, नवजात शिशु से लेके ५-६ साल के बच्चे तक हम इसे बच्चो के डॉक्टर के सहल से दे सकते है।

 

शिशुओं के लिए होम्योपैथिक दवाएं कितनी सुरक्षित हैं?

 

होम्योपैथी एक पर्याय दवाइयों की एक शाखा है। होम्योपैथिक दवाइयों में नैसर्गिग पदार्थ की मात्रा का उपयोगकिया  जाता है जिसे के कारण इसका उपयोग नवजात शिशु से लेकर बुजुर्ग इंसानो तक किया जाता है। अगर होम्योपैथिक बच्चो को दिया जाये तोह वह उनके शारीरिक स्वस्थ के के लिए उपयुक्त साबित होगा। इससे बच्चो की अंदरूनी ताकद बढ़ती है और किसी भी बीमारी के संक्रमण से लड़ने की ताकद आती है।  होम्योपैथी बच्चो को बीमारी से जल्दी ठीक करने में मददगार साबित होता है।

 

जब बच्चे बीमार पड़ते हैं, तो डॉक्टर आमतौर पर संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए एंटीबायोटिक दवाइयाँ लिखते हैं। माता-पिता छोटे बच्चों को एंटीबायोटिक देने के नुकसान के बारे में अच्छी तरह से जानते हैं, लेकिन ज्यादातर मामलों में, उनके पास कोई अन्य पर्याय नहीं होता है। इस तथ्य के बावजूद कि एंटीबायोटिक्स बीमारियों के प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, बहुत अधिक एंटीबायोटिक्स देने से लंबे समय में प्रतिकरक शक्ति पर असर पड़ता है, यह एक तथ्य है।

 

एंटीबायोटिक के मुकाबले होमियोपैथी की दवाइयाँ बच्चो बहोत सी सक्रमण और अलर्गीजी से रक्षण करती है।

 

होम्योपैथी  के अभ्यास के लिए गहरी पठाई की आवश्यकता होती है और यह सलाह दी जाती है कि माता-पिता मौसम के बदलाव से पहले होम्योपैथिक चिकित्सक से मिलें। दवा के नुस्खे से पहले आहार पैटर्न, जीवन शैली, पिछले इतिहास, भावनात्मक और मनोवैज्ञानिक मुद्दों का विस्तृत इतिहास ध्यान में रखा जाता है।

 

होमियोपैथी अधिक प्रभावी है और वयस्कों की तुलना में बच्चों में तेजी से काम करती है। इसके अलावा, होम्योपैथिक दवाएं हल्के मीठी गोलियों, पाउडर या तरल पदार्थों के रूप में होती हैं जो छोटे बच्चों द्वारा खुशी से ली जाती हैं। होमियोपैथीक दवाइयाँ अधिक स्वादिष्ट होती है और इसका कोई साइड इफेक्ट नहीं है।

 

बच्चो के लिए सामान्य होमियोपैथी उपचार

 

शिशुओं के लिए कुछ होम्योपैथिक उपचार काफी आम हो गए हैं और इतने लोकप्रिय हैं कि उन्हें कई आधुनिक चिकित्सा फार्मासिस्टों द्वारा ओवर-द-काउंटर दवाओं के रूप में बेचा जाता है। हालांकि, यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि शिशुओं के लिए होम्योपैथिक दवाओं की प्रभावशीलता बच्चे के व्यक्तित्व और संविधान पर निर्भर करती है और एक डॉक्टर अलग-अलग बच्चों को एक ही लक्षण के लिए एक अलग दवा लिखते है।

 

शिशुओं के लिए कुछ प्रभावी होम्योपैथिक खांसी की दवा एंटिमोनियम टार्ट, बेलाडोना, ब्रायोनिया, फेरस फॉस और डेसेरा हैं। शुरुआती के लिए आम होम्योपैथिक दवाओं में शिशुओं के लिए कैमोमिला, बेलाडोना, कैल्केरिया कार्बोनिका, कैल्केरिया फॉस्फोरिका और क्रेओसोट शामिल हैं। आम सर्दी,  नाक जैम जाना, लूज़ मोशन, कब्ज जैसे रोगों को होम्योपैथी द्वारा सुरक्षित और प्रभावी ढंग से इलाज किया जाता है।

 

बच्चो के लिए होम्योपैथी कई मामलों में अत्यधिक प्रभावी है। होम्योपैथी बच्चों को अलग तरह के बदलावों का सामना करने में मदद करती है और उनका लचीलापन बनाये  रखती है।

 

होम्योपैथिक मटेरिया मेडिका क्या होता है?

 

होम्योपैथिक मटेरिया मेडिका होम्योपैथिक दवाओं के लिए एक संदर्भ मार्गदर्शिका  है जो लक्षणों के साथ-साथ होम्योपैथी दवाओं में काम करने वाली सामान का वर्णन करती है जो इन दवाओं को सक्रीय होती हैं। होम्योपैथिक मटेरिया मेडिका का अधिकांश भाग आज ऑनलाइन उपलब्ध है।



हालांकि, पूरी तरह से उपचार सुनिश्चित करने के लिए, अपने बच्चे को कोई भी दवा देने से पहले एक लाइसेंस प्राप्त होम्योपैथिक चिकित्सक से परामर्श करना महत्वपूर्ण है।

 

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