सी-सेक्शन से जूड़ी बाते

हम सब अपने नन्हे महमान का बेसब्री से इंतेज़ार करते हैं। घर के सदस्य भी हमारा खूब ख्याल रखते हैं और सब चाहते हैं कि नार्मल डिलीवरी हो जाए। लेकिन, कभी कभी कुछ मेडिकल इमरजेंसी के वजह से सी सेक्शन के लिए कहा जाता है। बहुत जरूरी है कि आप डॉक्टर से बात करे और जाने की सी सेक्शन की जरूरत क्यों है। 


अक्सर पहली बार माँ बनने जा रही महिलाओं को सी सेक्शन शब्द से ही डर लगता है। घबराहट होने लगती है कि कैसे होगा, क्या होगा, डिलीवरी के बाद क्या करूंगी और दर्द बहुत होगा। तो आज मैं अपने एक्सपीरियंस से कुछ बातें शेयर करना चाहूंगी।


● अस्पताल में भर्ती होने से पहले की तैयारी:-


डॉक्टर आपको सभी बातें बताएंगे। आपको आपरेशन के कुछ 6-8 घंटे पहले से खाना या पानी नही लेना है। आप अपना अस्पताल ले जाने वाला बैग तैयार रखे। लूज़ कपड़े, कॉटन और कम्फ़र्टेबल अंडर गारमेंट, सेनेटरी पैड्स, अपने रोज के इस्तेमाल वाली चीजें जैसे कि ब्रश, टूथ पेस्ट, कंघी इत्यादि रखें। 


बच्चे के लिए धोये हुए एक सेट कपड़े, कैप, मौजे, जिसे आपको डिस्चार्ज के समय पहनाने बोला जाएगा। अस्पताल में कुछ टेस्ट कराये जाएंगे। बच्चे का हार्ट बीट, आपका ब्लड प्रेशर, छोटी से छोटी बाते मॉनिटर की जाएंगी। आप को घबराना नही है।


●आपरेशन के दौरान:-


आपको एनेस्थीसिया दी जाएगी। स्पाइन में इंजेक्शन लगाया जाएगा। इसमे डरने की बात नही है कुछ भी। जैसे नार्मल इंजेक्शन में थोड़ा महसूस होता है वैसे ही महसूस होगा। आपके पेट के नीचे की बॉडी सुन्न हो जाएगी। आप होश में ही होंगे। डॉक्टर या नर्स आपसे बातें भी करेंगे ताकि आप कम्फ़र्टेबल रहें। आपको कुछ पता भी नही चलेगा और आप अपने बच्चे के रोने की आवाज जल्दी ही सुन पाएंगे। और वो समय होगा जब आप सब कुछ भूल जाएंगे। बच्चे को आप का स्पर्श कराया जाएगा।


●आपरेशन के बाद:-


आपको वार्ड में शिफ्ट किया जाएगा। कुछ समय मे एनेस्थीसिया का असर खत्म हो जाएगा और आपको दर्द महसूस होने लगेगा। आपको दर्द कम करने के लिए दवा दिया जाएगा। और कुछ समय खाना या पानी नही दिया जाएगा। डॉक्टर रुकेंगे की कब गैस पास हो, उसके बाद से ही आपको कुछ खाना या पानी देंगे। आपको कुछ दिन अस्पताल में रखा जाएगा। 24 घंटे के बाद आपको उठने और चहलकदमी करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। आपको कोशिश करनी होगी। आप बच्चे को स्तनपान करा सकती हैं। नर्स या अस्पताल के स्टाफ आपकी पूरी मदद करेंगे। आपको कम्फर्ट के लिए तकिये का उपयोग करने भी बोला जाएगा। टांको पर निर्भर करता है कि कब ड्रेसिंग होगी और कब टांके काटे जाएंगे। आज कल गलने वाले टांके देते है जिसको काटने की जरूरत नही होती। आपके हेल्थ को देखते हुए डॉक्टर 4-5 दिनों में आपको डिस्चार्ज करेंगे।


●आपरेशन के बाद रिकवरी:-


आप ज्यादा से ज्यादा आराम करें। 45 दिनों तक बेड रेस्ट करने बोला जाता है। थोड़ा वाक करना फायदेमंद है। एब्डोमिनल बेल्ट का उपयोग सी सेक्शन के बाद बहुत प्रभावी साबित होता है। ये ना सिर्फ टांको को बचाता है बल्कि पीठ और कमर को सपोर्ट दे कर दर्द कम करने और चलने, बैठने में सुविधा प्रदान करता है। आप टांको को सुखा रखे। रोज नहा सकते हैं। डॉक्टर द्वारा दी गई दवाई लगाए। और कुछ भी भारी ना उठाये, बच्चे को छोड़ के। ब्लीडिंग 45-50 दिनों तक होगी। आपको हाइजीन मेन्टेन करना होगा। शुरू के कुछ दिनों में हैवी ब्लीडिंग होगी, फिर हल्की हो जाएगी। रूक रूक कर भी ब्लीडिंग हो सकती है। आपको खाने में कुछ खास परहेज नही करनी है। घर पर बना सब खा सकते हैं। बाहर की चीजें ना खाएं। लिक्विडस ज्यादा लें ताकि दूध बनने में भी मदद मिले। भूखे बिल्कुल ना रहे वरना एसिडिटी की समस्या होगी। थोड़ा थोड़ा कर के खाते रहे। घर के लोगो से मदद लेने में बिल्कुल ना कतराए। जब बेबी सोये आप भी नींद पूरी कर लें। मिथकों में विश्वास ना करे, कोई भी शक हो डॉक्टर से बात करें। कम से कम 6 से 8 सप्ताह तक संबंध ना बनाये। डॉक्टर से जांच कराने के बाद उनकी सहमती से ही आगे बढ़े। सी सेक्शन के बाद दो बच्चों के बीच कम से कम 3 साल का अंतर होना चाहिए तो आप अपने स्त्री रोग विशेषज्ञ से बात करें और अपने लिए सही गर्भनिरोध का चुनाव करें।


माँ तो माँ होती है, चाहे नार्मल डिलीवरी हुई हो या सी सेक्शन। दर्द दोनों में ही होता है। सबसे जरूरी है माँ और बच्चे की अच्छी हेल्थ। अगर आप सी सेक्शन के लिए जा रहीं है तो कभी भी भूल के अपने आप को दोष ना दें। हिम्मत रखे और अपने बच्चे के लिए बहादूर बन के जाएं। सी सेक्शन आपको माँ की कम फीलिंग नही देगा, ना ही आपको किसी से कम माँ बनाएगा। पॉजिटिव और खुश रहें मोम्मी। ये मंत्रा ही आपको सारी चीजो से डील करने में मदद करेगा।

 

यह भी पढ़ें: सी सेक्शन के बाद प्रसव मालिश की संस्तुति

 

#momhealth

Baby

Mom Health

Leave a Comment

Comments (11)



Isha Pal

Very well written Sonam patel

Isha Pal

बहुत खूब लिखा गया है

Isha Pal

princy aap ise padiye
Aapko help milegi

sandeep rai

Bhut badhiya

Khushboo Kumari

बहुत खूब लिखा गया है

neha Maheshwari

Nice information

nisha yadav

Aapki sari bate such h par phir bhi mujhe mere sasural walo ne hi c-section ka zimmedar bataya

Sonam Rastogi

Thnku for sharing

Gaurav Kumar

thenk u mem mera bhi c section hua h but mujhe rest nhi mila q ki me akeli rahti hu husbend k sath ve job karte h

Radha Ajay

Same mera b c section se hi baby hua h

Recommended Articles