होली में दोपहर के खाने की थाली में बनाएं ये पकवान

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होली में दोपहर के खाने की थाली में बनाएं ये पकवान

होली में दोपहर के खाने की थाली में बनाएं ये पकवान

होली रंगों और उमंगों का त्योहार है। होली का त्योहार भारत में फाल्गुन महीने के पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। भारतीय त्योहार पकवानों के बिना अधूरे हैं। होली दिल खोलकर रंग खेलते हैं और जी भर कर तरह-तरह के स्वादिष्ट खाना भी खाते हैं। होली पर पारंपरिक रूप से मिठाइयां तो बनती ही हैं दोपहर के खाने में पूरन-पोली, दही-वड़े और कढ़ी-पकौड़े बनाने की भी परंपरा है।

आप भी होली के दिन दोपहर के खाने में सबके लिए स्वादिष्ट खाना बनाइए। आपको बताते हैं- दही-वड़े, पूरन-पोली, कढ़ी-पकौड़ा,  जीरा राइस बनाने की रेसिपी-

1. दही वड़ा

 

वड़ा के बैटर के लिए सामग्री-
1 कप धुली उड़द की दाल
1/2 कप धुली मूंग दाल
नमक स्वादानुसार
2 बड़े चम्मच पानी दाल पीसने के लिए या आवश्यकतानुसार
डीप फ्राई करने के लिए तेल

वड़ा भिगोने के लिए सामग्री-
3-4 कप पानी
1/4 छोटा चम्मच हींग
1/2 छोटा चम्मच नमक

अन्य सामग्री-
2 कप गाढ़ा ताजा दही
इमली की चटनी आवश्यकतानुसार
हरी चटनी आवश्यकतानुसार
1 बड़ा चम्मच धनिया पत्ती बारीक कटी हुई
1 छोटा चम्मच काला नमक
1 छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर
1 छोटा चम्मच भुना जीरा पाउडर
1 छोटा चम्मच काली मिर्च पाउडर

विधि-
वड़ा के लिए घोल तैयार करने की विधि-
-उड़द दाल और मूंग दाल को पानी से तब तक धोएं जब तक पानी साफ न हो जाए और दोनों दाल को 6-7 घंटे या रात भर के लिए पर्याप्त पानी में भिगो दें।
-भिगोने के बाद दाल का आकार लगभग दोगुना तक बढ़ जाएगा। दाल से सारा पानी निकाल दें।
-दाल को ग्राइंडर जार या ब्लेंडर में डालें।
-आवश्यकतानुसार एक बार में 1-2 चम्मच पानी डालकर इसे बारीक पीस लें।
-घोल को छूने पर, ये दानेदार महसूस नहीं होना चाहिए। दाल की गुणवत्ता और मिक्सरकी स्पीड के आधार पर, आप कम या अधिक पानी डाल सकते हैं।
-बहुत अधिक पानी न डाले अन्यथा मिश्रण (घोल) पतला हो जाएगा; घोल गाढ़ा होना चाहिए और इसमें कोई भी टूटी हुई दाल का दाना नहीं होना चाहिए क्योंकि वड़ा बहुत ज्यादा क्रिस्पी हो जाता है और बहुत सारा तेल भी सोखता है।
-इसे एक बड़े कटोरे में निकाल ले और नमक भी डाल दें।
-अच्छी तरह से मिलाएं और पिसी हुई दाल को कम से कम 5-7 मिनट तक अच्छे से फैंट लीजिए।
-यह कदम बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह तय करेगा कि डीप फ्राई करने के बाद आपके दही वड़े नरम और स्पंजी बनेंगे। बैटर को अच्छे से फेटने से घोल का रंग पीले से लगभग सफेद में बदल जाता है।
-घोल की सही स्थिरता की जांच करने के लिए हम फ्लोटिंग टेस्ट करेगे, उसके लिए एक छोटे कटोरे में थोड़ा पानी लें।
-पानी में थोड़ा सा बैटर डालें। अगर बैटर ऊपर से बहने लगे मतलब बैटर तैयार है। और अगर बैटर पानी के तले मे बैठ जाता है तो मतलब घोल पतला है। बैटर अगर पतला हो जाए तो उसमें कुछ बड़े चम्मच सूजी डालकर, घोल को ठीक करे और फिर दोबारा इसे चेक करें।

वड़ा तलने की विधि :
-मध्यम आंच पर वड़े डीप फ्राई करने के लिए एक कड़ाही या पैन में तेल को गर्म करें।
-जब तेल मध्यम गर्म हो जाए, तो अपनी उंगलियों या एक चम्मच के बीच में नींबू के आकार -जितना घोल लें और इसे धीरे-धीरे से तेल में डाल दें।
-एक बार में जितने आ जाए उतने वड़े डाल दें।
-वड़ा को मध्यम आँच पर तले और जब वे हल्के सुनहरे हो जाएं, तब उन्हें धीरे से पलट दें।
-वड़े को क्रिस्पी और सुनहरे भूरे रंग का होने तक फ्राई करें। इन्हे लगातार चलाते हुए चारों ओर से एक समान सेंक लें।
-जब यह सुनहरे रंग के हो जाए तब इन्हें कड़ाई से निकाले और पेपर टॉवेल बिछाई हुए प्लेट पर रख लें।
-इसी तरह बचे हुए बैटर के भी वड़े बना कर तैयार कर लें।
तले हुए वड़े को पानी में भिगोने की विधि-
-एक बार जब सभी वड़े तल जाएं, तो एक चौड़े कटोरे या पैन में 3-4 कप पानी लें।
-पानी में नमक और एक चुटकी हींग डालें।
-पानी को गुनगुना गरम कर लीजिए।
-जैसे ही पानी गरम हो जाए इसमें वड़े डाल दीजिए।
-वड़े अब 25-30 मिनट तक को भीगने दें।
-आधे घंटे तक वड़े भिगोने के बाद, तेल की बूंदें सतह पर तैरने लगेंगी और वड़े भी नरम हो जाएंगे।
-आप देखेंगे कि वड़ा भी अपना रंग बदल देगा। साथ ही, वे आकार में थोड़ा बढ़ भी जाएंगे।
-इसके बाद वड़े से अतिरिक्त पानी को निचोड़ दें, प्रत्येक वड़ा को पानी से निकाले और अपनी हथेलियों के बीच धीरे से दबाएं ताकि अतिरिक्त पानी निकल जाए।
-इसे धीरे से करें अन्यथा, वड़े टूट जाएंगे और ऐसा करने से ज्यादातर तेल निचोड़ कर भी निकल जाएगा।
-सभी वड़ों को निचोड़ कर प्लेट में रखें।

दही वड़ा परोसने की विधि-
-एक बड़े कटोरे में 2 कप ताजा ठंडी दही लें।
-इसमें पीसी हुए चीनी और 1/4 कप पानी डालें।
-इसे अच्छे से मिक्स करे और फेट ले ताकि दही स्मूद हो जाए, इलेक्ट्रिक ब्लेंडर का उपयोग न करें अन्यथा दही बहुत पतली हो जाएगी।
-एक प्लेट में या एक कटोरी में 4-5 वड़ा रखें।
-समान रूप से दही को पूरी तरह से वड़ों को कवर करने तक एक समान मात्रा में डालें।
-अब इस पर इमली की चटनी डालें।
-इसके बाद, हरे धनिये की चटनी को भी डालें।
-फिर इस पर लाल मिर्च पाउडर, काला नमक, काली मिर्च पाउडर और भुना जीरा पाउडर छिड़कें।
-धनिया पत्ती से गार्निश करें और दही वड़ा खाने के लिए तैयार है।

 

2. पूरन पोली

आटा गूंथने के लिये सामग्री -
गेहूं का आटा या मैदा -400 ग्राम
तेल या घी -3 टेबल स्पून
पूरन बनाने के लिये मिश्रण -
चने की दाल - 200
चीनी या गुड़ -100 ग्राम या अपने स्वादानुसार
छोटी इलाइची -8 या 10 ( बारीक़ पिस ले )
घी - आधा कप
जायफल - 1 /4 टी स्पून
खस-खस-1 टी स्पून

विधि -
-चने की दाल को 4-5 घन्टे पहले पानी में भिगो दीजिये।
-आटे को किसी बर्तन में छान लीजिये, 3 टेबल स्पून घी डाल कर अच्छी तरह मिला लीजिये। आटे को गुनगुने पानी की सहायता से नरम आटा गूथ लीजिये। गूथे हुये आटे को सेट होने के लिये 10 मिनिट के लिये रख दीजिये।
-दाल को कुकर में पानी डाल कर उबालने रख दीजिये। एक सीटी आने के बाद गैस बन्द कर दीजिये। कुकर से दाल निकालिये, ठंडा कीजिये और बिना पानी डालें मिक्सी से बारीक पीस लीजिये।
-कढ़ाई में दो टेबल स्पून घी डाल कर गरम कीजिये, घी में पिसी हुई दाल , पिसी हुई चीनी डाल दीजिये। 10 मिनिट भूनिये, ठंडा कीजिये और उसमें खस -खस, जायफल, इलाइची मिलाइ एवं अच्छे से मिक्स कर लें। पूरी में भरने के लिये पूरन तैयार है।
-गैस पर तवा रख कर गरम कीजिये। गूंथे हुये आटे से थोड़ा सा आटा तोड़ कर गोले बनाइये , सूखा आटा लगाकर, बेल लीजिये, अब इसमें पूरण भर कर और पूरी को चारों ओर से उठाकर, बन्द करके, दोनों हाथों की हथेली के बीच रख कर दबा कर थोड़ा सा बड़ा लीजिये।
-अब इस पूरन भरे हुये गोल को सूखे आटे(परोथन) में लपेट कर चकले पर बेलन की सहायता से गोल 6-7 -8 इंच के व्यास की पूरन पोली बेल लीजिये ।
-बेले हुई पूरन पोली को तवे पर डाल कर दोनों तरफ घी लगा कर पलट पलट कर ब्राउन होने तक सेकें। तवे से पूरन पोली उतार कर प्लेट में निकाल कर रखिये। दूसरी पूरन पोली इसी तरह बेल कर तवे पर डालिये और सेंकिये।
-इसी तरह सारी पूरन पोली बना कर तैयार कर लीजिये।
-आपकी पूरन पोली तैयार हैं।

3. कढ़ी-पकौड़ा

सामग्री-
1 कप बेसन
2 कप दही/छाछ
1 बड़ी चम्मच देशी घी
1 छोटी चम्मच राई/सरसों
1 छोटी चम्मच दाना मेथी
1/8 छोटी चम्मच हींग
1/2 छोटी चम्मच हल्दी पाउडर
1+ 1/2 छोटी चम्मच या स्वादानुसार नमक
1/4 छोटी चम्मच लाल मिर्च पाउडर
2 सूखी साबुत लाल मिर्च
10 कढ़ी पत्ता
1/4 छोटी चम्मच खाने वाला सोड़ा पाउडर
1 बड़ी चम्मच देशी घी (लाल मिर्च पाउडर वाला)
तेल तलने के लिए आवश्यकतानुसार

पकौड़े बनाने की विधि-
-एक बाऊल में बेसन लेकर उसमें ½ छोटी चम्मच नमक, लाल मिर्च पाउडर व सोड़ा पाउडर मिलाएं।
-आवश्यकतानुसार पानी मिलाकर एक ही दिशा में फेंटकर स्मूद पेस्ट बनाए ।
-तेज आंच पर कढ़ाई में तेल गर्म करें व बेसन के बैटर के पकौड़े छोड़ें।
-हल्का सिंकने पर पलटें व उलट-पलट कर सुनहरा होने तक डीप फ्राय करें।
-तल कर टिशू पेपर पर निकाल कर रखें।
कढ़ी बनाने की विधि-
-एक बड़ा चम्मच बेसन लें।
-कढ़ी के घोल के लिए बेसन में एक बड़ा चम्मच पानी मिलाकर बिना गुठली के घोल तैयार करें। -दही को छानकर बेसन पेस्ट में मिलाएं। 2 कप या आवश्यकतानुसार पानी मिलाकर घोल तैयार करें।
-तेज आंच पर कढ़ाई में देशी घी गर्म करें व हींग, दाना मेथी, राई, कढ़ी पत्ता व साबुत सूखी लाल मिर्च डालकर चटकाएं।
-मिडियम आंच पर बेसन दही घोल में हल्दी पाउडर और नमक मिलाकर उबालें।
-एक उबाल आने पर मंद आंच पर लगातार चलाते हुए पकाएं।
-पकौड़े मिलाकर लगातार चलाते हुए 5-10 मिनट पकाकर गैस बंद करें।
-सर्विग बाऊल में निकालें।
-गरमा-गरम कढ़ी लाल मिर्च के घी से गार्निश करें व जीरा राइस और पूरन पोली के साथ सर्व करें।


4. जीरा राइस

सामग्री-
जीरा चावल बनाने के लिए मुख्य सामग्री-
1 कप बासमती चावल
2 कप पानी
2 बड़ा चम्मच तेल या घी
नमक स्वादानुसार
नींबू के रस की 6 से 7 बूंदें

जीरा चावल बनाने के लिए साबुत मसाले:
2 छोटा चम्मच जीरा
1 तेज पत्ता
1 इंच दाल चीनी का टुकड़ा
2 से 3 हरी इलायची
6 से 7 साबुत काली मिर्च
2 से 3 लौंग
1 से 2 चक्र फूल

विधि-
-चावल का पानी साफ होने तक 4 से 5 बार धोएं। 30 मिनट के लिए पानी में भिगो दीजिये।
-आधे घंटे के बाद, अतिरिक्त पानी को हटा दीजिए और एक तरफ रख दें।
-एक पैन या कड़ाही में घी / तेल गरम करें।
-तेल के गर्म होने पर धीमी से मध्यम आंच पर, जीरा डालें और थोड़ी देर के लिए भूनें (सुनिश्चित करें कि आप का जीरा काला नहीं होना चाहिये)।
-अब इसमें साबुत मसाले जैसे की दालचीनी, साबुत काली मिर्च, तेज पत्ता, लौंग, चक्र फूल और हरी इलायची डालें।
-थोड़ी देर के लिए भूनें और मसाले को सुगंधित होने तक पकाएं।
-अब इसमें भीगे हुए चावल डालें।
-चावल को अच्छी तरह से मिलाएं और धीमी आंच या मध्यम-धीमी आंच पर लगातार चलाते हुए 2 मिनट तक भूनें, ताकि चावल तेल में अच्छी तरह से मिल जाए।
-फिर चावल में 2 कप पानी या आवश्यकतानुसार डालें।
-इसके नमक भी डाल दीजिये।
-चावल में 6-7 बूंदे नीबू के रस की निचोड़ कर डाल दीजिये (नीबू का रस डालने से चावल का कलर अच्छा और स्वाद बढ़ जाता है)।
-सभी सामग्रियों को को अच्छी तरह से मिला दीजिये।
-पैन को ढक्कन से ढक दें और चावल को धीमी आंच पर पकने दें, जब तक कि पानी ख़तम न हो जाए और चावल नर्म और अच्छे से न पक जाएं।
-चावल पकाते समय एक दो बार जरूर चेक कर ले। चावल अभी भी पर्याप्त रूप से पका नहीं है, क्योंकि पानी अभी भी देखा जा सकता है। चावल को फिर से ढक दें और 3 से 4 मिनट तक पकाएं।
-अब चावल को चेक करें। चावल में पानी नहीं बचा है और वे अच्छी तरह से नरम और लम्बे हो गए हैं। अब चावल तैयार है, आंच बंद कर दें।
-ढक्कन खोलें और उन्हें उसी बर्तन में 3 से 4 मिनट के लिए आराम दें।
-कुछ मिनटों के बाद, धीरे से चावल को एक कांटा के साथ फैला लें।
-चावल को पका हुआ होना चाहिए, ध्यान रहे की चावल के दाने टूटे न।
-जीरा राइस के ऊपर हरे धनिये की पत्ती डाल दीजिये।
-जीरा चावल को कढ़ी-पकोड़े के साथ परोसें।

बैनर छवि : pakwangali

सूचना: बेबीचक्रा अपने वेब साइट और ऐप पर कोई भी लेख सामग्री को पोस्ट करते समय उसकी सटीकता, पूर्णता और सामयिकता का ध्यान रखता है। फिर भी बेबीचक्रा अपने द्वारा या वेब साइट या ऐप पर दी गई किसी भी लेख सामग्री की सटीकता, पूर्णता और सामयिकता की पुष्टि नहीं करता है चाहे वह स्वयं बेबीचक्रा, इसके प्रदाता  या वेब साइट या ऐप के उपयोगकर्ता द्वारा ही क्यों न प्रदान की गई हो। किसी भी लेख सामग्री का उपयोग करने पर बेबीचक्रा और उसके लेखक/रचनाकार को उचित श्रेय दिया जाना चाहिए। 

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