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नौवें महीने में नीचे खिसक गया है शिशु, तो कभी भी हो सकता है लेबर पेन

नौवें महीने में नीचे खिसक गया है शिशु, तो कभी भी हो सकता है लेबर पेन

30 Jun 2022 | 1 min Read

Mona Narang

Author | 171 Articles

नौवां महीना लगते ही महिलाओं को बच्चे के इस दुनिया में आने का बेसब्री से इंतजार होने लग जाता है। ये वो समय होता है जब शिशु वर्टेक्स पोजीशन यानी उसका सिर नीचे की ओर घूम जाता है। यही नहीं बेबी गर्भाशय से नीचे खिसक सकता है, जो प्रसव के समय नजदीक आने का इशारा होता है। इस लेख में आज हम प्रेगनेंसी में बच्चा नीचे होना (pregnancy me bacha niche hona) व प्रेग्नेंसी में बच्चा नीचे हो तो क्या करना चाहिए,  इसके बारे में विस्तार से जानेंगे। तो चलिए बिना देर किए शुरू करते हैं लेख। 

बच्चे की हेड डाउन पोजीशन क्या है? (What is Head Down Position in Hindi)

जैसा कि इस बात से सभी अच्छे से वाकिफ हैं कि गर्भावस्था के नौं महीनों तक बच्चा अपनी पोजीशन बदलता रहता है। महिला की योनि में बच्चे का सिर नीचे की तरफ होने को हेड डाउन पोजीशन कहते हैं। इसे वर्टेक्स व सेफेलिक पोजीशन के नाम से भी जाना जाता है। 

डिलीवरी से पहले लगभग 97 प्रतिशत बच्चे इस पोजीशन में आ जाते हैं। इस पोजीशन को नॉर्मल डिलीवरी के लिए सबसे अच्छा माना जाता है, क्योंकि इसमें माँ और बच्चे दोनों को कम परेशानी का सामना करना पड़ता है।

प्रेगनेंसी में बच्चा नीचे होना यानी बेबी ड्रॉपिंग क्या है? (What is Baby Dropping in Hindi)

प्रेगनेंसी में बच्चा नीचे होना
प्रेग्नेंसी में बच्चे का नीचे खिसकना/स्रोत -फ्रीपिक

गर्भावस्था के नौवां महीना लगने पर लगभग 34वे और 36वे सप्ताह में बच्चा खिसक कर नीचे पेल्विस में आ जाता है। ऐसे में शिशु का भार गर्भाशय और मूत्राशय पर पड़ने लगता है, जिस वजह से गर्भवती को डाइफ्राम और रिबकेज में राहत महसूस हो सकती है।  प्रेगनेंसी में बच्चा नीचे होना, प्रसव का समय निकट है, इसका पहला संकेत माना जाता है। 

 प्रेगनेंसी में बच्चा नीचे होना, कुछ महिलाओं में डिलीवरी से कुछ हफ्ते पहले शुरू हो जाता है, तो कुछ महिलाओं में लेबर से कुछ घंटों पहले। हर महिला की प्रेग्नेंसी अलग होती है और सभी का शरीर अलग-अलग तरीके से काम करता है। इसलिए ऐसा जरूरी नहीं है कि गर्भ में बच्चा नीचे होना (garbh me bacha niche hona), इसका सभी महिलाओं में एक तय समय होता है। ऐसा भी हो सकता है कुछ महिलाओं को बच्चे के नीचे खिसकने का अहसास ही न हो। हालांकि, ऐसा दुर्लभ मामलों में ही होता है।

​गर्भावस्था में बच्चे के खिसकने के संकेत क्या हैं? (Signs of Baby Dropping in Hindi)

बेबी ड्रॉपिंग यानी बच्चे के नीचे खिसकने पर गर्भवती को अपने शरीर में निम्नलिखित बदलाव नजर आ सकते हैं:

  • बेबी बंप का नीचे की तरफ झुकाव- गर्भवती को अपना बेबी बंप पहले की तुलना में नीचे की तरफ ज्यादा लटका हुआ महसूस होगा।
  • पेल्विक एरिया में दबाव महसूस होना- प्रेगनेंसी में बच्चा नीचे होना (pregnancy me bacha niche hona), इस बात को दर्शाता है कि बच्चे का सिर श्रोणि के ऊपर है। इससे श्रोणि पर दबाव पड़ता है, जिसके कारणवश गर्भवती को दर्द महसूस होता है।
  • आसानी से सांस ले पाएंगी- बच्चे के नीचे खिसकने पर गर्भवतियों को पहले के मुकाबले सांस लेने में आसानी होती है।
  • कमर में दर्द- कई दफा बेबी ड्रॉपिंग निचली कमर की मसल्स पर अधिक दबाव पैदा कर सकती है। इसके कारण कमर में दर्द की शिकायत हो सकती है।

गर्भ में बच्‍चा नीचे आने के लक्षण (Symptoms of Baby Dropping in Hindi)

 प्रेगनेंसी में बच्चा नीचे होना, ऐसे में गर्भवती को निम्न लक्षण नजर आ सकते हैं, जो कुछ इस प्रकार हैं:

  • अधिक भूख लग सकती है- बेबी ड्रॉपिंग से महिला को काफी हद तक एसिडिटी, सीने व छाती में जलन से भी राहत महसूस होती है। साथ ही वह अच्छी तरह से खाना खा पाती हैं। 
  • बवासीर (हेमोरोइड्स)- गर्भ में बच्चा नीचे होना, कुछ गर्भवतियों में बवासीर का कारण बन सकता है। ऐसा बच्चे के नीचे खिसकने से श्रोणि (पेल्विस) और मलाशय (रेक्टम) की नसों पर पड़ने वाले दबाव की वजह से होता है।
  • योनि से अधिक डिस्चार्ज- बच्चे के नीचे खिसकने का एक लक्षण योनि से अधिक स्राव है। ऐसा सर्विक्स पर दबाव पड़ने की वजह से म्यूकस प्लग छूट जाने के कारण होता है। बता दें, गर्भाशय में मौजूद म्यूकस प्लग गर्भावस्था के दौरान बैक्टीरिया को गर्भाशय ग्रीवा में एंटर होने से रोकने में मदद करता है।
  • बार-बार यूरीन जाना- बच्चा जब श्रोणि में नीचे बैठता है, वह ब्लाडर पर दबाव बनाने लगता है। इससे गर्भवती को बार-बार यूरीन पास करने के लिए जाना पड़ सकता है।

पेट में बच्चा नीचे हो तो क्या करना चाहिए? (What to do When Baby Dropping in Hindi)

प्रेगनेंसी में बच्चा नीचे होना
बेबी ड्रॉपिंग/स्रोत -फ्रीपिक

गर्भ में बच्चा नीचे होना (Garbh me bacha niche hona), इसे लेकर कई दफा महिलाएं चिंतित हो जाती हैं। सबसे पहले गर्भवती को घबराने की जरूरत नहीं है। ऐसा होना नॉर्मल है। यह प्रसव का समय निकट है, इसका इशारा देता है। कुछ महिलाओं में बच्चा 34वे से 36वे सप्ताह के बीच कभी भी नीचे हो सकता है। वहीं, कुछ महिलाओं में यह डिलीवरी से ठीक पहले खिसकता है। प्रसव की प्रक्रिया की शुरुआत यही से होती है। इसलिए किसी तरह की जल्दबाजी न करके संयम बरतें। 

बच्चे के नीचे खिसकने पर आप अपने डॉक्टर से कंसल्ट करें। डॉक्टर बच्चे की पोजीशन का पता लगा सकते हैं, जिससे प्रसव के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो। बता दें, पूरी गर्भावस्था के दौरान बच्चा अपने कंफर्ट के अनुसार अपनी पोजीशन बदलता रहता है। परंतु, नौवें महीने में व जन्म से पूर्व ज्यादातर मामलों में बच्चा वर्टेक्स यानी सिर नीचे की तरफ पोजीशन ले लेते हैं।

शिशु की अवस्था का आपकी डिलीवरी पर क्या असर पड़ता है? (How does the Position of the Baby Affect your Delivery in Hindi)

गर्भ में शिशु की पोजीशन का डिलीवरी पर पूरा असर पड़ता है। इसी के माध्यम से चिकित्सक यह निर्धारित करते हैं कि डिलीवरी नॉर्मल होगी या सिजेरियन। बच्चे को वजाइनल बर्थ देने के लिए शिशु की हेड डाउन पोजीशन को सबसे अच्छा माना जाता है। इसमें वह अपने सिर से दबाव पैदा कर खुद-ब-खुद श्रोणि में नीचे होता जाता है। इसे ही बेबी का खिसकना कहा जाता है। इसमें बच्चा आसानी से बाहर निकल आता है। हेड डाउन पोजीशन में डिलीवरी की प्रक्रिया बहुत जल्दी होती है। 

अगर बच्चा ब्रीच (उल्टा) पोजीशन में है तो कुछ मामलों में नॉर्मल डिलीवरी संभव होती, वैसे ज्यादातर केस में डॉक्टर सी-सेक्शन डिलीवरी की सलाह देते हैं। वहीं, बच्चा अगर आड़ा या तिरछी पोजीशन में हो, तब तो सिजेरियन डिलीवरी ही एक मात्र ऑप्शन बचता है। 

37 सप्ताह की गर्भावस्था के बाद भी शिशु सिर नीचे वाली अवस्था में नहीं आया तो क्या करें (What If My Baby Doesn’t Come in Head Down Position in Hindi )

37 हफ्ते की प्रेग्नेंसी के बाद भी अगर शिशु हेड डाउन पोजीशन यानी सिर नहीचे वाली अवस्था में नहीं आता है, तो अब शिशु के पोजीशन बदलने की संभावना न के बराबर है। जो महिलाएं पहली दफा माँ बनती हैं, उनमें यह ज्यादा देखने को मिल सकता है। क्योंकि शिशु के पास मूवमेंट के लिए पर्याप्त जगह नहीं होती है।

डिलीवरी के दौरान बच्चा नीचे न खिसके (बेबी ड्रॉपिंग) तो क्या करना चाहिए? (How Can I Make my Baby Drop in Hindi)

कई बार डिलीवरी का समय आ जाता है और बच्चा नीचे नहीं खिसकता है, तो ऐसे में परेशान होने की बजाय निम्न उपायों को आजमा सकती हैं। ध्यान रखें बच्चा हेड डाउन पोजीशन में है तो ही आप इन उपायों को अपनाएं, अन्यथा आपकी कोशिश व्यर्थ जाएंगी।

  • डॉक्टर गर्भाशय ग्रीवा को ओपन करने के लिए कुछ व्यायाम (Pelvic Opening Exercise) बता सकते हैं
  • विशेषज्ञ की देखरेख में स्क्वाट्स कर सकती हैं
  • जानकारों की मानें तो आगे की तरफ झुककर बैठने से शिशु श्रोणि की तरफ खिसक सकता है
  • इस स्थिति में गलती से भी टांगों को बांधकर या क्रॉस लेग्स करके न बैठें। इससे बच्चे के पीछे की तरफ खिसकने की संभावना अधिक होती है।
  • टहलने जाने से भी बच्चे को नीचे खिसकाने में मदद हो सकती है।

इसके बाद भी यदि बच्चा खिसकता नहीं है, तो भी चिंता न करें। कुछ बच्चे जब तक लेबर पेन न शुरू हो जाए तब तक नीचे नहीं खिसकते हैं। 

डॉक्टर के पास कब जाएं

वैसे तो प्रेगनेसी में बच्चा नीचे होना (pregnancy me bacha niche hona) आम बात है और इसी की वजह से पेल्विक में दर्द होता है। परंतु, नीचे कुछ लक्षण बता रहे हैं, इनके नजर आने पर बिना देरी के डॉक्टर से परामर्श करें।

  • ब्लीडिंग होना
  • बुखार होना
  • शरीर में फ्लुइड की कमी

उम्मीद करते हैं प्रेगनेंसी में बच्चा नीचे होना (pregnancy me bacha niche hona) क्या है, आप इससे अब अच्छे से वाकिफ हो गई होंगी। गर्भावस्था के नौवें महीने में महिलाओं को काफी सतर्क रहने की जरूरत होती है। कई दफा महिलाओं को बेबी के नीचे खिसकने का आभास तक नहीं होता है। ऐसे में इन दिनों किसी भी लक्षण को अनदेखा न करें। हर एक अपडेट डॉक्टर के साथ साझा करें। 

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्रेग्नेंसी में बच्चा नीचे आ जाए तो नॉर्मल डिलीवरी होती है?

हां, बच्चा अगर हेड डाउन पोजीशन यानी वर्टेक्स पोजीशन में है और नीचे की तरफ खिसकता है, तो नॉर्मल डिलीवरी की संभावना अधिक होती है। 

बच्चे का सिर नीचे कब आता है?

अधिकतर मामलों में नौवें महीने लगभग 34 हफ्ता लगने पर बच्चे का सिर अपने आप नीचे की तरफ आ जाता है।

बच्चे सिर नीचे मोड़ के लक्षण क्या हैं?
बात करें सिम्पटम्स ऑफ़ हेड डाउन पोजीशन की तो इके कोई लक्षण नहीं होते हैं। बच्चा किस पोजीशन में है यह डॉक्टर एब्डोमिनल पल्पेशन (पेट को टच करके) व अल्ट्रासाउंड के माध्यम से पता लगाते हैं।

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