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Vaginal Discharge: गर्भावस्था में वजाइनल डिस्चार्ज से जुड़ी सभी जरूरी बातें

Vaginal Discharge: गर्भावस्था में वजाइनल डिस्चार्ज से जुड़ी सभी जरूरी बातें

28 Jun 2022 | 1 min Read

Vinita Pangeni

Author | 554 Articles

पहली बार गर्भधारण करने वाली महिलाओं के लिए सबकुछ नया होता है। इसलिए, वह यह समझ नहीं पाती हैं कि क्या सामान्य है और क्या नहीं। इसलिए इस लेख में हम आपको गर्भावस्था में योनि स्त्राव से जुड़ी जानकारी देंगे। यहां हम बताएंगे कि वजाइनल डिस्चार्ज होना कितना सामान्य है और कितनी तरह के वजाइनल डिस्चार्ज गर्भावस्था में होते हैं।

क्या गर्भावस्था में योनि स्त्राव होना सामान्य है?

गर्भावस्था में योनि से डिस्चार्ज होना सामान्य है। प्रेग्नेंसी के समय लगभग 50 प्रतिशत महिलाओं को योनि से स्त्राव होता है। दरअसल, सामान्य दिनों में महिलाओं की योनि से डिस्चार्ज होता है। इसलिए, गर्भावस्था में भी योनि स्त्राव हो सकता है। 

एक रिसर्च पेपर के अनुसार, कई मामलों में गर्भावस्था की शुरुआत से लेकर आखिरी तिमाही तक योनि से डिस्चार्ज होना आम माना गया है। 

गर्भावस्था में वजाइनल डिस्चार्ज, योनि से गर्भ तक जाने वाले किसी भी संक्रमण को रोकने में मदद करता है। गर्भावस्था के अंत में डिस्चार्ज की मात्रा और बढ़ जाती है। यह इस बात का संकेत होता है कि शरीर प्रसव के लिए खुद को तैयार कर रहा है।

हां, कुछ स्त्राव सामान्य तो कुछ इंफेक्शन या प्रेग्नेंसी में दिक्कत से जुड़े होते हैं। चलिए, तो आगे योनि स्त्राव के प्रकार के बारे में जानते हैं। 

गर्भावस्था में सफेद स्त्राव होना (White Discharge during Pregnancy)

गर्भावस्था में सफेद स्त्राव होना आम है। हां, प्रेग्नेंसी में योनि स्त्राव की कंसिस्टेंसी में कुछ बदलाव आ सकता है। योनि स्त्राव कभी पतला या कभी गाढ़ा हो सकता है। पूरी तिमाही में सफेद स्त्राव हो सकता है। खासकर, गर्भावस्था की अंतिम तिमाही में योनि से सफेद स्त्राव की मात्रा बढ़ जाती है। 

गर्भावस्था में सफेद डिस्चार्ज कब-कब होता है (Pregnancy me white discharge kab hota hai), इस बारे में आप इस लेख के माध्यम से विस्तार से जान सकती हैं। सफेद स्त्राव के साथ ही गर्भावस्था में महिलाएं विभिन्न तरह के वजाइनल डिस्चार्ज का सामना कर सकती हैं। इनके बारे में आगे पढ़िए।

गर्भावस्था में योनि स्त्राव
गर्भावस्था में योनि स्त्राव होना आम है / स्रोत – पिक्सेल्स

गर्भावस्था में ब्राउन डिस्चार्ज/भूरा स्त्राव होना (Brown Discharge during Pregnancy)

गर्भावस्था में ब्राउन डिस्चार्ज दिखना खतरे का संकेत हो सकता है। ब्राउन डिस्चार्ज का मतलब है कि सफेद रंग के योनि स्त्राव में खून मिलकर आ रहा है। इसके चलते सफेद डिस्चार्ज का रंग ब्राउन स्त्राव जैसा दिखता है। इसकी वजह योनि से बहने वाला हल्का खून हो सकता है, जिस कारण वजाइनल डिस्चार्ज का रंग हल्का ब्राउन हो जाता है। 

योनि में इंफेक्शन व यीस्ट इंफेक्शन के चलते गर्भावस्था के किसी भी समय ब्राउन डिस्चार्ज हो सकता है। ऐसे समय में तुरंत डॉक्टर के क्लिनिक जाकर सही सलाह ली जानी चाहिए। ब्राउन डिस्चार्ज कब-कब खतरनाक होता है, आगे समझिए। 

पहली तिमाही में ब्राउन डिस्चार्ज

गर्भावस्था के शुरुआती समय में ब्राउन डिस्चार्ज वजाइनल इंफेक्शन की वजह से हो सकता है। ऐसा भी संभव है कि हल्की स्पॉटिंग के कारण व्हाइड डिस्चार्ज भूरे रंग का होकर स्त्रावित हो सकता है। दरअसल, प्रेग्नेंसी की पहली तिमाही में यानी तीन महीने तक हल्का खून योनि से आ सकता है। इस ब्लड के कारण वजाइनल डिस्चार्ज का रंग हल्का भूरा हो सकता है। अगर यह रंग गाढ़ा गहरा दिखने लगे या ब्राउन डिस्चार्ज अधिक मात्रा में हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

दूसरी तिमाही में ब्राउन डिस्चार्ज

दूसरी तिमाही में ब्राउन डिस्चार्ज होने की बिल्कुल गुंजाइश नहीं होती। अगर इस दौरान ऐसा कुछ भी हो, तो एक बार चिकित्सक से परामर्श जरूर लें। यह किसी खतरे की तरफ इशारा हो सकता है। ऐसे में समय रहते सही कदम उठाने से केस को खराब होने से बचाया जा सकता है। 

तीसरी तिमाही में ब्राउन डिस्चार्ज

तीसरी तिमाही में ब्राउन डिस्चार्ज होने की आशंका रहती है। ऐसा गर्भावस्था के अंतिम दिनों में हो सकता है। माना जाता है कि ब्राउन डिस्चार्ज लेबर के समय की ओर इशारा करता है। इसकी वजह है कि प्रसव के दिन नजदीक आने से योनि व सर्विक्स के वॉल यानी दीवारों का नरम होना। इसके चलते तीसरी तिमाही के अंतिम दिनों में ब्राउन डिस्चार्ज संभव है।

यह सफेद रंग का गाढ़ा पदार्थ होता है। कई बार कुछ महिलाओं को सफेद की जगह पीला, ग्रे या ब्राउन डिस्चार्ज हो सकता है। इसमें कोई घबराने वाली बात नहीं है, लेकिन कुछ मामलों में यह संक्रमण का संकेत भी हो सकता है। अगर स्त्राव में बदबू हो या गुप्तांग में खुजली की परेशानी हो, तो इसके लिए चिकित्सक से कंसल्ट करना चाहिए। वहीं, बात करें 

गर्भावस्था में पीला स्त्राव होना (Yellow Discharge during Pregnancy)

योनि से पीला स्त्राव होने का कारण रोगजनक संक्रमण हो सकता है। इसलिए, पीला स्त्राव होने पर अपने गायनोकोलॉजिस्ट बात करनी चाहिए। कई बार योनि स्त्राव हवा के संपर्क में आने के कारण पीला दिखने लगता है। चाहे जो भी हो गर्भावस्था में येल्लो डिस्चार्ज दिखते ही सतर्क हो जाएं। 

गर्भावस्था में पीला स्त्राव और हरा स्त्राव दोनों ही इंफेक्शन की ओर इशारा करते हैं। ऐसी स्थिति में डॉक्टर ही सही सलाह दे पाएंगे। स्त्राव के साथ अगर अप्रिय और अजीब-सी गंध आ रही हो और योनि के आसपास खुजली व दर्द हो, तो यह इंफेक्शन ही है। इनके साथ पेशाब करते समय दर्द होना भी गर्भावस्था में योनि संक्रमण के लक्षण में से एक है। 

याद रखें कि गर्भावस्था में थ्रश इंफेक्शन भी असामान्य योनि स्त्राव का कारण बनता है। इस दौरान योनि स्राव में वृद्धि हो जाती है और स्त्राव पनीर जैसा दिखता है। आमतौर पर इससे गंध नहीं आती है। थ्रश को ठीक किया जा सकता है, इसलिए अगर गर्भावस्था में पनीर जैसा स्त्राव हो, तो डॉक्टर से बात जरूर करें।

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