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बढ़ते बच्चे की हाईट कैसे नापते हैं (Height kaise napte hai) , जानिए घरेलू विधि

बढ़ते बच्चे की हाईट कैसे नापते हैं (Height kaise napte hai) , जानिए घरेलू विधि

24 May 2018 | 1 min Read

बच्चे के जन्म से लेकर उसके बड़े होने तक ऐसी कई चीज़ें, जो एक मां अपनी यादों के बक्से में सजा कर रखती है। जैसे जब वो पहली बार बोलना सीखता है, अपना पहला कदम लेता है, पहली बार मां कहता है।

 

इन चीज़ों के अलावा मां बच्चे की बढ़ते वज़न और हाइट का भी ध्यान रखती है। भारतीय घरों में सालों से घर की एक दीवार को इंचटेप बना कर बच्चे की हाइट चेक की जाती है। लेकिन इसी तरीके को और बेहतर बनाया जा सकता है। अगर आप अपने बच्चे की हाइट मॉनिटर कर रही हैं, तो इस तरीके से आपको काफी हेल्प मिलेगी। वेट के मुक़ाबले हाइट मापना थोड़ा ट्रिकी होता है लेकिन हमारे दिए गए तरीके से इसे आसान बनाया जा सकता है। बच्चे की हाईट नापने के लिए सबसे पहले आपको पता होना चाहिए कि उम्र के हिसाब से बच्चे की सामान्य हाईट क्या होनी चाहिए।  आइए, जानते हैं बच्चों की हाईट कैसे नापें-

बच्चे की सामान्य हाईट – Normal height of the child

प्रत्येक बच्चे की हाईट अलग पैटर्न में बढ़ती है, कुछ बच्चे वयस्कता से पहले ही पर्याप्त लम्बे हो जाते हैं तो कुछ धीरे-धीरे बढ़ते हैं, फिर भी विशेषज्ञों के अनुसार उम्र के आधार पर बच्चे की हाईट कुछ इस प्रकार हो सकती है – 

उम्र लड़कियों की सामान्य हाईट लड़कों की सामान्य हाईट 
1 वर्ष 27 से 31 इंच 28 से 32 इंच 
2 वर्ष 31 से 36 इंच 32 से 37 इंच 
3 वर्ष 34 से 40 इंच 35 से 41 इंच 
4 वर्ष 37 से 42 इंच 38 से 43 इंच  
6 वर्ष 42 से 49 इंच 42 से 49 इंच 
8 वर्ष 47 से 54 इंच 47 से 54 इंच 
10 वर्ष 50 से 59 इंच 50 से 59 इंच 
12 वर्ष 55 से 64 इंच 55 से 64 इंच 
14  वर्ष 59 से 67 इंच 59 से 69 इंच 
16 वर्ष 60 से 68 इंच 60 से 73 इंच 
18 वर्ष 60 से 68 इंच 65 से 64 इंच 

नोट : यह बच्चे की संभावित लम्बाई का अनुमान लगाने में सहायक सूची है, आपके बच्चे की लम्बाई इससे अलग भी हो सकती है। हाँ, अगर बच्चे की लम्बाई इससे काफी कम है तो आपको बाल रोग विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए।

बच्चे की सामान्य हाईट कैसे नापें ? How to measure a baby’s normal height?

छोटे बच्चों की हाईट नापने के लिए दो लोग चाहिए ताकि उनकी सही सही माप ली जा सके, जबकि बड़े बच्चों की माप आप अकेले ले सकते हैं। चलिए जानते हैं कि हाईट कैसे नापते हैं और इसके लिए कौन-कौन से टिप्स अपनाएं जा सकते हैं ? 

  • आपको अपने बच्चे की ऊंचाई मापने के लिए एक सपाट सतह या दीवार, मापने वाला टेप और पेंसिल की आवश्यकता होगी।

  • यदि आपका बच्चा शिशु है या दो साल से कम उम्र का है, तो उनको लेटाकर उनकी ऊंचाई मापी जानी चाहिए।

  • यदि आपका बच्चा दो वर्ष या उससे अधिक उम्र का है और अपने आप खड़ा हो सकता है, तो खड़े होने पर उनकी ऊंचाई मापी जानी चाहिए।

  • सटीक माप के लिए कम से कम दो बार बच्चे की नाप लें।

  • जैसे दीवार में उसकी हाइट नापी जाती है, वैसे ही उसे एक दीवार के सहारे खड़ा करें। ध्यान रहे, मैट, कारपेट या किसी किसी गद्दे पर उसे खड़ा न करवाएं।

  • जूते/चप्पल, टोपी/ हैडबैंड या पोनी टेल/ जुड़ा न हो।

  • दीवार के सहारे उसे सीधा खड़ा होने को कहें, हेड स्ट्रेट, चिन भी. अब एक किताब को उसके सिर के ऊपर रखें। किताब या बॉक्स ज़मीन से पैरेलल/ समानांतर हों चाहिए। उस जगह पर पेंसिल से निशान लगा दें।

  • पेंसिल मार्क और ज़मीन के बीच के डिस्टेंस को नाप लें। सेमी, इंच,  फ़ीट, तीनों में से किसी एक के हिसाब से नाप लें।

आपके बच्चे के स्वास्थ्य की स्थिति का मूल्यांकन करने में उसकी ऊंचाई बहुत महत्वपूर्ण होती है। सभी माता-पिता को अपने बच्चे की लम्बाई पता होनी चाहिए क्योंकि डॉक्टर अक्सर इसके बारे में पूछते हैं। बच्चे की लम्बाई का उपयोग अक्सर दवा की खुराक या पोषण संबंधी जरूरतों की गणना के लिए किया जाता है। अगर आपको लगता है कि आपका बच्चा निर्धारित मानकों से अत्यधिक छोटा है तो आपको उसे डॉक्टर को जरूर दिखाना चाहिए और बिना सलाह के उसे कोई ग्रोथ सप्लीमेंट या पूरक आहार नहीं देना चाहिए।

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