प्रेगनेंसी में ट्रैवल (Pregnancy me Travel) करना सही या ख़तरनाक? डरने या ट्रैवल करने से पहले इन बातें जान लें |

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प्रेगनेंसी में ट्रैवल (Pregnancy me Travel) करना सही या ख़तरनाक? डरने या ट्रैवल करने से पहले इन बातें जान लें |

प्रेगनेंसी में घूमने की सोच रही हैं? तो ये बातें ध्यान रखें

प्रेगनेंसी 40 हफ़्तों का लम्बा पीरियड होता है और डिलीवरी के बाद अगले 6 हफ़्ते और. क्योंकि ये समय इतना लम्बा होता है, इसलिए ऐसा सोच पाना मुमकिन नहीं कि कोई इस दौरान ट्रैवल न करे। इसलिए अगर आप 'टू ट्रैवल और नॉट टू ट्रैवल' के असमंजस में हैं, तो आपकी मदद ये ट्रैवल गाइड कर सकती है।

 

क्या गर्भावस्था में ट्रैवल करना सेफ़ है?

ट्रैवलिंग के लिए सबसे बात ये ध्यान में रखें कि आपको इस दौरान कोई परेशानी या हेल्थ इशू तो नहीं। अगर नहीं है, तो आपको इस दौरान बाई एयर, बाई ट्रेन और बाई बस घूम सकते हैं। वैसे दूसरी तिमाही (यानि 4-6वें महीने) का समय ज़्यादा सही रहता है। दूसरी तिमाही इसलिए क्योंकि इस दौरान शुरुआत के तीन महीनों में होने वाली मॉर्निंग सिकनेस (उलटी, सिरदर्द) नहीं होती है और बच्चे के भी सभी प्रमुख अंग बन चुके होते हैं।

 

प्लेन से यात्रा करते हुए आपको इन बातों का ध्यान रखना है

प्लेन से यात्रा करने में भी कोई दिक्कत नहीं रहती, लेकिन अगर आप दूसरी तिमाही में ट्रैवल करें, तो ये ज़्यादा बेहतर है। इस दौरान गर्भपात के Chances कम रहते हैं. अगर अब इंटरनेशनल फ्लाइट या लम्बा सफ़र कर रही हैं, तो इस दौरान ही करें। अगर आप तीसरी तिमाही में ट्रैवल कर रही हैं, तो बेहतर हो कि डोमेस्टिक ट्रैवल करें।

 

 

इसके अलावा भी इन बातों का ध्यान रखें:

डॉक्टर के साथ अपॉइंटमेंट की सारी फाइल्स और अपनी Due Date की तारीख़ का परचा भी साथ रखें।

सीट बेल्ट बांधते हुए उसे अपनी जाँघ के ऊपरी हिस्से में टाइट करें।

अगर फ्लाइट में Turbulence हो, तो अपनी सीट बेल्ट बांधे रखें।

लंबी यात्रा के समय Flight में थोड़ा चलें।

विंडो के बजाये, साइड (Aisle) वाली सीट लें, ताकि आपको इधर-उधर जानें में आसानी हो.

 

ये न करें:

36 वीक से ज़्यादा की प्रेगनेंसी में ट्रैवल न करें।

अगर आपकी प्रेगनेंसी में रिस्क ज़्यादा है या आपको प्लेसेंटा से जुड़ा इशू है, तो ट्रैवल न करें।

आपकी हालत देखते हुए अगर आपके डॉक्टर ने ट्रैवल करने से मना किया है, तो ट्रैवल न करें।

 

कई दफ़ा कपल प्रेगनेंसी के दौरान घूमने जाते हैं, इसे बेबीमून कहा जाता है ये ख़ास कर बच्चे के साथ बॉन्ड बनाने के लिए किया जाता है।

 

रोड ट्रिप के दौरान किन बातों का ध्यान देने की ज़रूरत है:

अपनी कार से ट्रैवल करना प्रेगनेंसी ट्रैवलिंग का सबसे बढ़िया माध्यम है। एक्सपर्ट्स के अनुसार, आप प्रेगनेंसी के पहले दिन से लेकर आखरी दिन तक अपनी गाड़ी/ कार से ट्रैवल कर सकते हैं। हालांकि इस दौरान भी कई बातों का ख़्याल रखने की ज़रूरत है।

 

ड्राइवर के बगल वाली सीट चुनें।

पूरी यात्रा में सीट बेल्ट पहने रहें।

सीट बेल्ट का ऊपरी हिस्सा अपने चेस्ट एरिया और कन्धों तक रखें और निचला हिस्सा जाँघों के ऊपर हिस्से में। याद रहे, ये आप पेट के आस-पास न हो।

पैरों में ब्लड सर्कुलेशन के लिए हर एक घंटे, डेढ़ घंटे में थोड़ा चलें। और वॉशरूम जाएँ, ताकि ब्लैडर में प्रेशर न पड़े।

 

आप ख़ुद भी ड्राइव कर सकती हैं, बशर्ते आपकी प्रेगनेंसी 32 वीक तक हो, साथ ही स्टीयरिंग और आपके बीच की दूरी एक फ़ुट हो।

 

क्या पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल सही होगा?

पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल आप कर सकती हैं, लेकिन यहाँ धक्का-मुक्की के Chances ज़्यादा रहते हैं। अगर आपने 30 मिनट की जर्नी करनी है, तब आप आराम से इन्हें चला सकते हैं। सीट लेने के लिए आगे की सीट ही प्रेफ़ेर करें। अगर रिक्शा या ऑटो में जा रही हैं, तो उनसे गड्ढों से बच कर चलने को कहें। प्रेगनेंसी में पब्लिक ट्रासंपोर्ट से यात्रा कम डिस्टेंस की करें।

 

एक और बात

 

किसी भी तरह का लम्बा ट्रैवल करने के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श ज़रूर लें, ताकि आपके मन में कोई डाउट न हो।

 

डिस्क्लेमर: हमारा मकसद आप तक सही जानकारी पहुँचाना है। इसे किसी भी तरह से डॉक्टर के परामर्श और उनके ट्रीटमेन्ट का Substitute न समझें।  डॉक्टर की सलाह सर्वोपरि है।

 

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