बेटियां होती है सौभाग्य से, इसलिए खुश किस्मत है आप भाग्य से

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बेटियां होती है सौभाग्य से, इसलिए खुश किस्मत है आप भाग्य से

कहते हैं कि बेटे भाग्य से होते हैं और बेटियां सौभाग्य से। यह कहना एकदम सही है, बेटियों से घर की रौनक अलग होती है। लेकिन क्या सही मायनों में हम अपनी बेटियों को वो हक दे पाते हैं जो उन्हें देना चाहिए। आज बेटी दिवस के अवसर पर ऐसी कुछ बाते जो समाज में बेटियों के प्रति सोच को बदले उनके बारे में बात करते हैं।

बेटियां है खिलती कलियां,
नसीब वालों के घर जन्म लेती है ये बेटियां
रखों इनको नाजों से क्योंकि यह है,
मां बाप की शान और, परिवार की जान।


एक माता-पिता जितने अच्छे से अपनी बेटियों को समझ सकते हैं और कोई नहीं। अक्सर जब भी घर में किसी बेटी का जन्म होता है लोग यही कहते है, कि बेटा होता तो अच्छा होता। लेकिन जब बेटियां घर में जन्म लेती है तो शायद वह खुशी नहीं होती जो बेटा होने पर होती है। ऐसा नहीं है कि हर घर में यही होता है, लेकिन बहुत से परिवारों में आज भी बेटियों के लिए सोच सही नहीं है।

कन्या भ्रूण हत्या, बच्चियों के साथ रेप जैसी घटनायें आज भी न्यूज में रहती है। इसकी वजह है लोगों कि मानसिकता जिसे बदलना बहुत जरुरी है।

बेटी पैदा होना सबसे खुशी की बात होती है। जरा सोचिए जो लोग नवरा्त्रि पर बिना कन्या को भोग लगाए व्रत नहीं तोड़ते। उसी में से कुछ लोग ऐसे होते हैं जो बेटी के होने पर बधाई तक नहीं देते।

इस बेटी दिवस सबको यही प्रण लेना चाहिए। कि हमें अपनी बेटियों को अच्छी शिक्षा देनी है। बेटियों को बेटे से ज्यादा सम्मान देना है आज हमारे ही देश की कितनी बेटियां ऊंचे पदों पर देश का नाम रोशन कर रही है। क्योंकि उनके पैरेंटस ने कभी कोई फर्क ही नहीं किया होगा।

बहुत से लोगों की सोच यही होती है कि बेटी है तो फिर शादी कर दो जल्दी से। लेकिन यह सोच एक बेटी के भविष्य को बर्बाद कर देती है। जरा सोचिए एक बच्ची के मन में कितने सपने होते है कि उसे कुछ करना है। लेकिन यह सपने सिर्फ सपने ही रह जाते हैं।

इसलिए अपनी बेटियों को सपने पूरे करने दे। उन्हें जीवन में हर वह खुशी दे जो उन्हे मिलनी चाहिए। एक बेटे से ज्यादा एक बेटी हमेशा अपने पैरेंटस के लिए सोचती है।

कभी अपने भी गौर किया होगा कि अगर सिरदर्द हो या और कोई परेशानी आपकी बेटी यही कहेगा माॅं आप रहने दो मैं कर लूंगी। पापा आप थक गए होगे पानी पी लो। यह प्यार और अपनापन बेटी ही दिखा सकती है।

बेटी के जन्म को एक जश्न की तरह मनाए। बेटी को एहसास दिलाए वह कितनी खास है। बेटा और बेटी में कोई भेदभाव नहीं करे। बेटियों को अपने हक के लिए लड़ना सिखाए। अपने लिए आवाज उठाना, उनको भरोसा दिलाया कि हम हमेशा तुम्हारे साथ है।

बेटियां को जिंदगी उनके तरह से जीने दे, बचपन से यह फील नहीं कराए कि बेटा तुम तो पराए घर की हो। तुम्हारा तो कन्यादान करना, यह घर तुम्हारा नहीं है। आज हमारे देश में सरकार भी बेटियों के हक को लेकर बहुत सजग है। आज बेटियां के हक को लेकर बहुत सारे कानून है।

इसलिए इस बेटी दिवस यह संकल्प ले कि बेटियां हमारे परिवार और देश की शान है। बेटी किसी तरह का बोझ नहीं है बेटियों का कन्यादान नहीं, बल्कि बेटी वरदान है। यह सोच सभी में होनी चाहिए, क्योंकि एक बेटी अपने परिवार और देश के लिए पूरे जोश के साथ खड़ी हो सकती है।

बेटी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।

#familyandrelationship
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