प्रेग्नेंसी में बार-बार प्यास लगना

प्रेग्नेंसी में बार-बार प्यास लगना

25 May 2022 | 1 min Read

Vinita Pangeni

Author | 550 Articles

क्या प्रग्नेंसी में अधिक प्‍यास लगना सामान्‍य है?

हां, गर्भावस्था के दौरान प्यास का बढ़ना पूरी तरह से सामान्य है। प्रेग्नेंसी में शरीर को ठीक से काम करने के लिए अधिक तरल पदार्थों की आवश्यकता होती है। खासकर पहली तिमाही में महिलाओं को अधिक प्यास लगती है। हालांकि, कुछ महिलाओं को दूसरी और तीसरी तिमाही के दौरान भी अधिक पानी पीने की इच्छा हो सकती है।

पर्याप्त पानी पीने के बाद भी कभी-कभी महिलाओं को प्यास लगती है। इससे आपके मन में यह सवाल उठ सकता है कि शरीर में सब कुछ ठीक है या नहीं। लेकिन अधिक प्यास लगने के कारण जानकर आप इस भावना को समझ सकते हैं।

गर्भावस्था के दौरान अत्यधिक प्यास के कारण क्या हैं?

अत्यधिक प्यास लगने के कारण में काफी कुछ शामिल है। आगे हम इसी के बारे में विस्तार से बता रहे हैं :

कम्यूनिटी एक्सपर्ट, लैक्टेशन एंड न्यूट्रीशन, पूजा मराठे बताती हैं कि गर्भावस्था अधिक प्यास इसलिए लगती है, क्योंकि शरीर को अतिरिक्त तरल पदार्थों की आवश्यकता होती है। तरल पदार्थ गर्भस्थ शिशु के विकास  में मदद करता है। इसलिए, प्रेग्नेंसी में  हाइड्रेट रहना महत्वपूर्ण है।

वयस्कों को प्रत्येक कैलोरी के लिए 1 से 1.5 मिली पानी की आवश्यकता होती है। लेकिन गर्भावस्था के दौरान, जैसे-जैसे कैलोरी की खपत 300 से बढ़ती है, वैसे-वैसे पानी की मात्रा भी 300 मिलीलीटर से बढ़नी चाहिए। प्रेगनेंसी में जब पानी की जरूरी दैनिक मात्रा पूरी नहीं होती, तो तीव्र व अधिक प्यास लग सकती है।

गर्भावस्था में बच्चे की ऑक्सीजन की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए रक्त की मात्रा बढ़ जाती है। अतिरिक्त रक्त के लिए अतिरिक्त पानी की आवश्यकता हो सकती है। इसलिए यदि आप अधिक पानी पी रही हैं, तो 

शरीर इसका उपयोग रक्त बनाने के लिए कर सकता है, जिससे आपको ज्यादा प्यास लग सकती है 

नई कोशिकाओं और ऊतकों का निर्माण करने के लिए तरल पदार्थ की जरूरत होती है। प्रेग्नेंसी में पानी एमनियोटिक द्रव बनाने के लिए नई कोशिकाओं और ऊतकों का निर्माण करता है। गर्भावस्था में आप जो पानी पीते हैं, उसका उपयोग शरीर इन सभी के लिए करता है, जिससे ज्यादा प्यास लग सकती है।

गर्भावस्था में बार-बार पेशाब आता है। भ्रूण का बढ़ना और गर्भाशय का विस्तार, मूत्राशय पर दबाव डालकर बार-बार पेशाब आने लगती है। इसी वजह से फिर से शरीर डिहाइड्रेट हो जाता है, जिससे प्यास ज्यादा लगने लगती है। यहीं नहीं गर्भावधि मधुमेह के कारण भी प्रेग्नेंसी में ज्यादा प्यास लगती है।

लो ब्लड प्रेशर के कारण भी गर्भवास्था में असामान्य तरीके से प्यास  लग सकती है और निर्जलीकरण महसूस हो सकता है। 

डायबिटीज इन्सिपिडस यह एक दुर्लभ विकार है, जो गर्भावस्था के दौरान अत्यधिक प्यास का कारण बन सकता है।

अधिक मसालेदार और नमकीन चीजें खाने से भी प्रेग्नेंसी में प्यास लग सकती है।

बार-बार प्यास लगना
बार-बार प्यास लगना / चित्र स्रोतः फ्रीपिक

 क्या अधिक प्यास लगने के लक्षण भी होते हैं?

अधिक प्यास लगना अपने आप में ही एक लक्षण है। हां, इसके साथ ही गर्भवती महिलाएं कुछ अन्य लक्षणों का अनुभव भी कर सकती हैं।

  • मुंह और गले का लगातार सूखना
  • हाथ पैरों में सूजन
  • बार-बार पेशाब आना
  • थकान लगना
  • नजर में हल्का धुंधलापन 
  • हल्का चक्कर आना
  • पैरों में दर्द का एहसास होना

गर्भावस्था के दौरान अधिक प्यास लगने की दिक्कत से कैसे निपटें?

खूब पानी पीने के अलावा कुछ अन्य तरीकों से भी आप गर्भावस्था में अत्यधिक प्यास की परेशानी को कुछ कम कर सकते हैं।

  • अधिक-से-अधिक फल और सब्जियां खाएं
  • बिना चीनी या अन्य मीठा पदार्थ डाले बिना फलों का जूस पिएं
  • सोडा या कैफीनयुक्त पेय से भी बचना चाहिए
  • नमकीन या मसालेदार भोजन की मात्रा सीमित करें
  • घर के अंदर हों या बाहर जा रहे हों, हमेशा अपने साथ पानी की बोतल रखें
  • खीरा, तरबूज, खरबूज, दही, इनके सेवन से पानी की अधिक प्याज को कम किया जा सकता है।
  • नींबू पानी पिएं

गर्भावस्था के दौरान अत्यधिक प्यास लगती है तो चिंता करने की कोई बात नहीं है, क्योंकि यह आमतौर पर सामान्य होता है। हां, अगर अधिक प्यास लगने के लक्षण नियंत्रित नहीं हो रहे हैं, तो आप चिकित्सक की सलाह जरूर लें।

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