गर्भपात के बाद घरेलू उपचार

गर्भपात के बाद घरेलू उपचार

11 Jul 2022 | 1 min Read

Vinita Pangeni

Author | 550 Articles

गर्भपात के बाद घरेलू उपचार, यह सुनकर शायद आपको अटपटा लगे। लेकिन, गर्भपात के बाद महिला शारीरिक रूप से कमजोर और मानसिक रूप से दुखी रहती है। पेट में दर्द, पीठ में दर्द और न जाने क्या-क्या। ऐसे में गर्भपात के बाद घरेलू उपचार आपकी मदद कर सकते हैं। हम इस लेख में गर्भपात के बाद कमजोरी दूर करने के उपाय और दर्द कम करने के तरीकों का उल्लेख कर रहे।

गर्भपात क्या है? | Miscarriage in Hindi

सबसे पहले यह समझते हैं कि गर्भपात क्या है। यह 20वें हफ्ते से पहले गर्भ को नुकसान होना गर्भपात कहलाता है। कहा जाता है कि गर्भावस्था में पांच महिलाओं में से एक महिला का गर्भपात होता है।

गर्भपात (मिसकैरेज) के बाद होने वाली परेशानियां | Problems after Miscarriage in Hindi

गर्भपात के बाद घरेलू उपचार करने से पहले यह समझना जरूरी है कि मिसकैरेज के बाद क्या परेशानियां होती हैं।

  • लगभग 3 प्रतिशत महिलाओं में गर्भपात के बाद संक्रमण होना का खतरा है।
  • यह संक्रमण गर्भाशय में गर्भधारण के कारण रह गए कुछ अवशेष के कारण हो सकता है। 
  • इंफेक्शन के कारण रक्तस्राव और ऐंठन हो सकता है। साथ ही बुखार और योनि स्राव से दुर्गंध आ सकती है। ऐसा गर्भपात के बाद लक्षण दिखे, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। यह 
  • कुछ महिलाओं को रक्तस्राव की दिक्कत हो सकती है। अगर एक घंटे से कम समय में पैड भीग रहा है, तो आपको चिकित्सक से तुरंत संपर्क करना चाहिए।
  • अमेरिकन कॉलेज ऑफ ओब्स्टेट्रिशियन एंड गायनेकोलॉजिस्ट के अनुसार, 1 प्रतिशत महिलाओं में रिकरंट मिसकैरेज (Recurrent Miscarriage) हो सकते हैं। इसका मतलब एक से अधिक बार यानी बार-बार गर्भपात की दिक्कत हो सकती है। 
  • गर्भपात के कारण महिला को डिप्रेशन हो सकता है।
  • गर्भपात के बाद लक्षण के रूप में महिला को चिंता और तनाव का सामना करना पड़ सकता है।

गर्भपात के बाद अपनी देखभाल कैसे करें | How to Take Care after Miscarriage in Hindi

गर्भपात के बाद अपनी देखभाल करना जरूरी है। कैसे इस वक्त अपना ख्याल रखें, यह आगे जानिए।

1. भारी काम न करें

गर्भपात के बाद अपनी देखभाल करने के लिए बेड रेस्ट जरूरी है। महिला को भारी कामकाज, भारी व्यायाम, आदि करने से बचें। सही से बेड रेस्ट नहीं करने से शरीर को रिकवर होने में मदद मिलती है।

2. गर्म पानी पिएं

गर्भपात के बाद घरेलू उपचार के रूप में गर्म पानी का सेवन करें। इससे गर्भपात के बाद कब्ज की दिक्कत से बचा जा सकता है। साथ ही यह शरीर में पानी की कमी नहीं होने देगा। गर्भपात के बाद पेट में दर्द हो रहा है या पीठ में दर्द, तो इनसे भी गर्म पानी आराम दे सकता है।

कुछ लोग मानते हैं कि पानी से गर्भपात के बाद गर्भाशय की सफाई भी हो सकती है, लेकिन ऐसा नहीं है। गर्भपात के बाद गर्भाशय की सफाई डॉक्टर ही कर सकते हैं।

3. मसाज करवाएं

गर्भपात के बाद शरीर को आराम की जरूरत होती है। इसका मसाज करवाना अच्छा तरीका हो सकता है। मालिश से शरीर भी रिलैक्स होगा और तनाव भी कम होगा। इसी वजह से मालिश को गर्भपात के बाद घरेलू उपचार के रूप में माना जाता है।

4. समय-समय पर मेडिकल चेकअप करवाएं

गर्भपात के बाद शरीर रिकवर कर रहा होता है। इसलिए, जरूरी है कि महिला समय-समय पर डॉक्टर से चेकअप करवाए। गर्भपात के कारण महिला के शरीर में कमजोरी के साथ ही रक्त की कमी भी हो सकती है। इसी वजह से डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।

5. समय पर दवाएं लें

गर्भपात के बाद डॉक्टर ने कुछ दवाएं लेने की सलाह दी है, तो उन्हें समय-समय पर लें। इसके अलावा, डॉक्टर द्वारा दिए गए अन्य निर्देशों का भी पालन करें।

6. सहवास से बचें

गर्भपात के बाद घरेलू उपचार से ज्यादा जरूरी, सहवास से बचना है। कुछ समय तक साथी के साथ संबंध बनाने से परहेज करें। बताया जाता है कि गर्भपात के बाद संबंध बनाने से पहले कम-से-कम छह हफ्ते तक इंतजार करना चाहिए।

गर्भपात के बाद घरेलू उपचार | How to Take Care After Miscarriage in Hindi
गर्भपात के बाद घरेलू उपचार से अपनी पार्टनर का ध्यान रखने से इस दुख से उन्हें निकाला जा सकता है।

गर्भपात के बाद कमजोरी दूर करने के उपाय | Treating Weakness after Abortion in Hindi

गर्भपात के बाद कमजोरी दूर करने के उपाय करना जरूरी है, क्योंकि महिला के शरीर को दोबारा से पहले की स्थिति में आना होता है। इसके लिए इस तरह के उपाय कर सकते हैं।

  • सुबह पानी में शहद डालकर पिएं
  • बीन्स का सेवन करें 
  • गर्भपात के बाद का भोजन हरी पत्तेदार सब्जियों से भरपूर रखें
  • रोजाना दाल खाएं और अलग से दाल का पानी भी पिएं
  • गर्भपात के बाद कमजोरी दूर करने के उपाय में पंजीरी का सेवन भी अच्छा होता है
  • काजू, बादाम, कद्दू के बीज का सेवन करें
  • सोयाबीन और डार्क चॉकलेट खाएं, यह भी गर्भपात के बाद कमजोरी दूर करने के उपाय में से एक है।

सारांश | Conclusion

आप गर्भपात के बाद केयर टिप्स को अपनाकर खुद को शरीर को दोबारा पहले जैसा बना सकती है। इस समय बहुत ज्यादा कमजोरी हो जाती है, इसलिए खुद पर ज्यादा ध्यान दें। साथ ही डॉक्टर कुछ गर्भपात के बाद केयर टिप्स बताए, तो उसे जरूर फॉलो करें। 

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल | FAQs

गर्भपात के बाद पेट क्यों फूलता है?

गर्भपात के बाद पेट फूलना सामान्य है। 10-12 दिन से ज्यादा ऐसा हो, तो संभव है कि यह इंफेक्शन का लक्षण है। इसलिए डॉक्टर से संपर्क जरूर करें।

गर्भपात के बाद पेट में दर्द क्यों होता है?

गर्भपात के बाद कई प्रकार के लक्षण दिखने लगते हैं, जिनमें से एक पेट में दर्द भी है। हां, अगर पेट के निचले हिस्से में तेज दर्द है, तो यह अधूरे गर्भपात का लक्षण हो सकता है। ऐसे में अपने चेकअप के लिए क्लीनिक जाएं। 

गर्भपात के बाद पीठ दर्द क्यों होता है?

पीठ दर्द गर्भपात का लक्षण है। इसी वजह से गर्भपात के बाद भी कुछ समय तक पीठ में दर्द बना रहता है। यह दर्द असहनीय होने लगे, तो डॉक्टर की सलाह पर दवाएं लें।

गर्भपात के बाद क्या करें?

गर्भपात के बाद आराम करना चाहिए और डॉक्टर से उचित सलाह लेनी चाहिए। साथ ही गर्भपात के बाद का भोजन पौष्टिक होना चाहिए। इससे शरीर को गर्भपात से उबरने में मदद मिलती है।

चित्र स्रोत – freepik

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