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कौन-से भोजन प्रेग्नेंसी के दौरान मॉर्निंग सिकनेस की समस्या बढ़ा सकते हैं?

कौन-से भोजन प्रेग्नेंसी के दौरान मॉर्निंग सिकनेस की समस्या बढ़ा सकते हैं?

26 Apr 2022 | 1 min Read

Ankita Mishra

Author | 406 Articles

गर्भावस्था में मिचली और उल्टी यानी मॉर्निंग सिकनेस के लक्षणों को सामान्य माना जाता है। हालांकि, प्रेग्नेंसी के दौरान मॉर्निंग सिकनेस की परेशानी ज्यादा हो जाए , तो गर्भावस्था की जटिलताएं बढ़ सकती हैं। इसलिए, गर्भावस्था के दौरान मॉर्निंग सिकनेस बढ़ाने वाले खाद्य से परहेज करना चाहिए। किस तरह के आहार मॉर्निंग सिकनेस बढ़ाने वाले खाद्य में शामिल होते हैं, इसी से जुड़ी जानकारी आप इस लेख में पढ़ेंगे।

प्रेग्नेंसी के दौरान मॉर्निंग सिकनेस का क्या मतलब है?

प्रेग्नेंसी के दौरान मॉर्निंग सिकनेस को सामान्य माना गया है, जिसके पीछे कई सकारात्मक कारण हैं, जैसेः

  • मॉर्निंग सिकनेस प्रेग्नेंसी के शुरुआती लक्षण होते हैं।
  • गर्भावस्था के दौरान एस्ट्रोजन हार्मोन में वृद्धि होने की वजह से प्रेग्नेंसी में जी मिचलाना हो सकता है।
  • कभी-कभार गर्भावस्था के दौरान तनाव लेने से भी मॉर्निंग सिकनेस अधिक हो सकती है।
  • अगर गर्भावस्था के दौरान मॉर्निंग सिकनेस बार-बार होता है, तो यह सुरक्षित गर्भावस्था का संकेत होता है, जैसे – गर्भपात, समय से पहले शिशु का जन्म, जन्म के समय शिशु का कम वजन होना या प्रसव के दौरान शिशु की मृत्यु जैसे आदि जोखिमों के संकेत कम से कम हो सकते हैं।

प्रेग्नेंसी में मॉर्निंग सिकनेस कब शुरू होती है?

गर्भावस्था में मिचली और उल्टी की समस्या गर्भवती होने की पहली तिमाही (4-6 सप्ताह) में दिखाई दे सकते हैं, जो 12-18वें सप्ताह के बीच अपने-आप कुछ हद तक कम हो सकती है। हालांकि, कुछ गर्भवती महिलाओं में इसकी समस्या लंबे समय तक भी बनी रह सकती है। 

इसके अलावा, यह भी ध्यान रखें कि अगर प्रेग्नेंसी में जी मिचलाना अधिक बढ़ जाए, तो यह हाइपरमेसिस ग्रेविडेरम (Hyperemesis Gravidarum) हो सकता है, जिसके लिए डॉक्टरी उपचार की आवश्यकता हो सकती है।

मॉर्निंग सिकनेस बढ़ाने वाले खाद्य कौन से हैं?

गर्भवती महिलाओं की मतली-उल्टी की समस्या सामान्य बनी रहे, इसके लिए उन्हें मॉर्निंग सिकनेस बढ़ाने वाले खाद्य से परहेज करना चाहिए। मॉर्निंग सिकनेस बढ़ाने वाले खाद्य की लिस्ट में शामिल हैंः

मॉर्निंग सिकनेस बढ़ाने वाले खाद्य
मॉर्निंग सिकनेस बढ़ाने वाले खाद्य / चित्र स्रोतः फ्रीपिक
  1. तले, फैट युक्त, अम्लीय और मसालेदार भोजन – इस तरह के आहार को मॉर्निंग सिकनेस बढ़ाने वाले खाद्य में शामिल किया जा सकता है। दरअसल, ये खाद्य पचने में अधिक समय ले सकते हैं, जिससे पाचन तंत्र में जलन की समस्या हो सकती है, जो एसिडिटी व बदहजमी का भी कारण बन सकते हैं। ऐसे में इनके सेवन से गर्भवती महिला को परहेज करना चाहिए।
  1. तेज सुगंध युक्त भोजन – मछली, मूली, सौंफ व पत्तागोभी जैसे तेज सुगंध वाले कुछ खाद्यों की महक से ही मिचली की समस्या हो सकती है। ऐसे में गर्भावस्था में मॉर्निंग सिकनेस बढ़ाने वाले खाद्य में इन जैसे तेज गंध वाले खाद्य को भी शामिल किया जा सकता है।
  1. मीठा भोजन – कुकीज, बिस्किट, टॉफी, आइसक्रीम, चॉकलेट जैसे अन्य स्नैक्स जिनमें अधिक मात्रा में चीनी का इस्तेमाल किया जाता है, उन्हें भी मॉर्निंग सिकनेस बढ़ाने वाले खाद्य में शामिल किया जा सकता है। 
  1. कैफीन – चाय, कॉफी, कोकोआ और कोल्ड ड्रिंक जैसे सॉफ्ट ड्रिंक में कैफीन की मात्रा होती है, जिन्हें भी मॉर्निंग सिकनेस बढ़ाने वाले खाद्य में शामिल किया जा सकता है। ऐसे में गर्भवती महिलाओं को कैफीन युक्त खाद्य से भी परहेज करना चाहिए।
  1. साबुत अनाज व हाई फाइबर खाद्य – इस तरह के खाद्य पचने में अधिक समय ले सकते हैं, जिससे प्रेग्नेंसी में जी मिचलाना अधिक बढ़ सकता है। यही वजह है कि इस तरह के खाद्य को भी मॉर्निंग सिकनेस बढ़ाने वाला खाद्य माना जा सकता है। 

इसके अलावा गर्भवती महिला को अधिक मसालेदार व मसालेदार युक्त ग्रेवी वाले भोजन खाने से भी परहेज करना चाहिए। अन्य मॉर्निंग सिकनेस बढ़ाने वाले खाद्य की तरह ही ये खाद्य भी पाचन क्रिया को धीमी कर सकते हैं, जिससे प्रेग्नेंसी के दौरान मॉर्निंग सिकनेस की समस्या अधिक हो सकती है।

प्रेग्नेंसी में मॉर्निंग सिकनेस के घरेलू इलाज

प्रेग्नेंसी में मॉर्निंग सिकनेस के घरेलू इलाज के लिए निम्नलिखित तरीके आजमा कर गर्भावस्था में मिचली और उल्टी की रोकथाम की जा सकती है, जैसेः

मॉर्निंग सिकनेस बढ़ाने वाले खाद्य
मॉर्निंग सिकनेस बढ़ाने वाले खाद्य / चित्र स्रोतः फ्रीपिक
  • मॉर्निंग सिकनेस बढ़ाने वाले खाद्य खाने से परहेज करना। 
  • उठते-बैठते या लेटते हुए सहारा लेना और इस दौरान जल्दबाजी न करना।
  • थोड़े-थोड़े अंतराल पर छोटी-छोटी मात्रा में भोजन करना।
  • सुबह उठने से पहले बेड पर कुछ खा लेना।
  • खाना बनाने समय रसोईघर से दूर रहना या अगर खुद ही खाना बना रही हैं, तो उस दौरान नाक को कवर करके रखना चाहिए, ताकि खाने की गंध कम से कम लगे।
  • उचित मात्रा में पानी पीना।
  • बहुत अधिक गर्म तापमान में न रहें।  
  • नींबू, पुदीना या अदरक से बनी चाय जैसे खाद्यों का सेवन करना। ये काफी हद तक गर्भावस्था में मिचली और उल्टी की समस्या कम कर सकते हैं। 
  • थकान या तनाव महसूस होने पर भरपूर आराम करें। 
  • फोलिक एसिड, विटामिन बी व प्रोटीन युक्त आहार खाना।

जैसा की आप जान गए होंगे कि प्रेग्नेंसी में जी मिचलाना सामान्य है। हालांकि, कुछ तरह के भोजन प्रेग्नेंसी के दौरान मॉर्निंग सिकनेस बढ़ाने वाले खाद्य माने गए हैं, ऐसे में इस दौरान उनके सेवन से परहेज करना अच्छा विकल्प हो सकता है। साथ ही, यह भी ध्यान रखें कि इस लेख में बताए गए प्रेग्नेंसी में जी मिचलाना या मॉर्निंग सिकनेस के घरेलू इलाज करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

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